Last Updated:August 26, 2026, 11:05 IST
Samajwadi Party and UP elections : समाजवादी पार्टी (सपा) आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अलग तरह ही तैयारी में लगी है. सपा अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के जरिए सभी 403 विधानसभा सीटों का जातीय गणना करवा रही है. पार्टी का मानना है कि जातीयों और स्थानीय मुद्दों का डेटाबेस तैयार हो जाने से प्रत्याशियों के चयन से लेकर गठबंधन के सहयोगियों के साथ सीट शेयरिंग पर बात करने में सुविधा होगी.
सपा अध्यक्ष अपने स्तर पर करवा रहे हैं जातीय जनगणना.
लखनऊ: आगामी यूपी चुनाव 2027 को लेकर समाजवादी पार्टी डेटाबेस तैयार करने में जुटी है. पार्टी अपने स्तर पर राज्य की सभी 403 विधानसभा सीटों पर जातीय गणना करवा रही है. इस काम में पार्टी ने बूथ लेवल के कार्यकर्ताओं को वोटरों की गिनती और उनकी जाति की गिनती करने की ड्यूटी पर लगाया है. उन्हें विधानसभा क्षेत्रों में समुदायों की मैपिंग भी करने को कहा गया है.
डेटाबेस से गठबंधन के साथ सीट शेयरिंग में भी मिलेगी हेल्प
सपा का मकसद है कि डेटाबेस तैयार हो जाने के बाद उन्हें उम्मीदवारों के चयन में सुविधा मिलेगी. इसके अलावा गठबंधन में सहयोगी दलों के साथ सीट शेयरिंग में भी स्पष्टता रहेगी. पार्टी का मानना है कि एक बार डेटाबेस तैयार हो जाने पर हर विधानसभा सीट की रियल्टी होगी, जिससे टिकट बंटवारे में किसी प्रकार का कंफ्यूजन नहीं होंगे. पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस काम से पार्टी को स्थानीय मुद्दों की पहचान करने, अपना रणनीतिक रास्ता तय करने और चुनावी रणनीति के अलग-अलग पहलुओं पर सोच-समझकर फैसले लेने में भी मदद मिलेगी.
समाजवादी पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा- ‘पार्टी यह काम पहले से करवा रही है. इसमें कई पैरामीटर के आधार पर रियल-टाइम ग्राउंड-लेवल वोटर डेटा इकट्ठा करना शामिल है.’ पार्टी सूत्रों ने दावा किया कि पार्टी के बूथ-लेवल असिस्टेंट अलग-अलग जातियों और समुदायों की लिस्ट बना रहे थे और उन्हें इकट्ठा करने के लिए जिला अध्यक्षों को भेज रहे थे और फिर उन्हें राज्य अध्यक्षों को भेज रहे थे. सारा डेटा राज्य स्तर पर इकट्ठा किया जाएगा और फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को सौंप दिया जाएगा.
दूसरी पार्टियां भी करती रही हैं ऐसा प्रयास
पार्टी ने पहले पूरे राज्य से समुदाय के हिसाब से नेताओं की लिस्ट मांगी थी और उन्हें अपने-अपने समुदायों के लोगों तक पहुंचने का निर्देश दिया था. ऐसी एक्सरसाइज़ दो साल से चल रही थी. पार्टी के एक नेता ने कहा, ‘हम अकेले ऐसा नहीं कर रहे हैं. दूसरी पार्टियों ने भी समय-समय पर ऐसी एक्सरसाइज करती रही हैं.’
बताया जा रहा है कि डेटाबेस बनाने के काम में सपा के मौजूदा कार्यकर्ताओं के अलावा स्थानीय समूह और बाहरी एजेंसियों की भी मदद ली जा रही है. उत्तर प्रदेश चुनावों में जाति के समीकरण लंबे समय से एक अहम फैक्टर रहे हैं, राजनीतिक पार्टियां अपनी पहुंच और उम्मीदवार चुनने की योजना बनाने के लिए अंदरूनी आकलन करती हैं.
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अभिषेक कुमार News18 की डिजिटल टीम में बतौर एसोसिएट एडिटर (सहयोगी संपादक) पद पर कार्यरत हैं. वे यहां बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तसीगढ़, उत्तराखंड की राजनीति, क्राइम समेत तमाम समसामयिक…
Lucknow,Lucknow,Uttar Pradesh
First Published :
August 26, 2026, 11:05 IST










