ईशान किशन का नाबाद शतक, दलीप ट्रॉफी फाइनल के पहले दिन ईस्ट जोन का दबदबा

नई दिल्ली. चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में दलीप ट्रॉफी फाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन ने अपनी मजबूत पकड़ बना ली है. मैच के पहले ही दिन ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने कप्तानी पारी खेलते हुए नाबाद शतकीय पारी खेली. टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ईस्ट जोन की टीम ने दिन का खेल खत्म होने तक 79 ओवरों में 4 विकेट खोकर 385 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया.

ईशान किशन (Ishan Kishan) की इस शानदार पारी ने न सिर्फ ईस्ट जोन को मजबूत स्थिति में पहुंचाया, बल्कि विरोधी टीम साउथ जोन के गेंदबाजों को बैकफुट पर ला खड़ा किया. स्टंप्स तक ईशान किशन 135 गेंदों में 111 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए थे. अपनी इस बेमिसाल पारी में उन्होंने 122 गेंदों में अपना शतक पूरा किया, जिसमें 12 चौके और 2 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे.

ईशान किशन के शतक से ईस्ट जोन मजबूत.

शानदार साझेदारी और मैच पर नियंत्रण
दूसरे छोर पर उनका साथ दे रहे कुमार कुशाग्र भी 63 रन बनाकर नाबाद लौटे. दोनों बल्लेबाजों के बीच पांचवें विकेट के लिए 127 रनों की अटूट और आक्रामक साझेदारी हो चुकी है. दिन के अंतिम सत्र में इन दोनों बल्लेबाजों ने साउथ जोन के गेंदबाजों की एक न चलने दी और मैच को पूरी तरह से ईस्ट जोन के पक्ष में मोड़ दिया.

ईशान किशन का रिकॉर्ड और शानदार फॉर्म
प्रथम श्रेणी क्रिकेट में ईशान किशन का यह 10वां शतक है, जबकि दलीप ट्रॉफी के इतिहास में यह उनकी दूसरी शतकीय पारी है. इस दौरान उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अपने 4000 रन भी पूरे कर लिए. इससे पहले उन्होंने दो साल पूर्व अनंतपुर में इंडिया सी की ओर से खेलते हुए 111 रनों की पारी खेली थी. इसके अलावा उनके बाकी प्रथम श्रेणी शतक झारखंड की तरफ से आए हैं, जिसमें साल 2016 के रणजी ट्रॉफी में दिल्ली के खिलाफ बनाई गई 273 रनों की सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत पारी भी शामिल है.

भारतीय टेस्ट टीम से पिछले कुछ समय से बाहर चल रहे ईशान किशन की बल्लेबाजी में इस मैच में गजब का संयम और आक्रामकता देखने को मिली. जैसे-जैसे दिन ढलता गया, ईशान अपनी लय में आते गए. शतक पूरा करने के बाद उन्होंने खास तौर पर साउथ जोन के गेंदबाजों की शॉर्ट पिच गेंदों का कड़ा जवाब दिया. जब भी गेंदबाजों ने उनके हिटिंग ज़ोन में गेंद फेंकी, ईशान ने शानदार पुल और कट शॉट खेलकर बाउंड्री बटोरी.

ईस्ट जोन के शीर्ष क्रम का मजबूत प्रदर्शन
ईशान और कुशाग्र के तूफान से पहले ईस्ट जोन के ऊपरी क्रम के बल्लेबाजों ने भी ठोस नींव रखी थी. टीम को आक्रामक शुरुआत दिलाते हुए वैभव सूर्यवंशी ने ताबड़तोड़ 44 रन बनाए. वहीं, उनके सलामी जोड़ीदार अभिमन्यु ईश्वरन और मध्यक्रम के बल्लेबाज शिखर मोहन ने शानदार अर्धशतक जमाए.

वैभव सूर्यवंशी और अभिमन्यु ईश्वरन की सलामी जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 100 से अधिक रनों की साझेदारी की. साउथ जोन द्वारा लगाई गई रक्षात्मक फील्डिंग का पूरा फायदा उठाते हुए इन दोनों ने लगातार स्ट्राइक रोटेट की और बोर्ड पर रन टांगे. साउथ जोन के तेज गेंदबाज अपनी शॉर्ट गेंदों से वैभव को परेशान करने में नाकाम रहे, हालांकि आखिरकार मिलिंद ने वैभव की आक्रामक पारी का अंत किया.

ईश्वरन और मोहन की उपयोगी पारियां
अपने 31वें जन्मदिन पर मैदान में उतरे अभिमन्यु ईश्वरन बेहद लय में नजर आ रहे थे और एक बड़े शतक की ओर बढ़ रहे थे. लेकिन शिखर मोहन के साथ हुई एक दुर्भाग्यपूर्ण गलतफहमी के कारण वह 72 रन के निजी स्कोर पर रन आउट हो गए. ईश्वरन के आउट होने के बाद शिखर मोहन ने पारी को संभाला और 85 रनों का महत्वपूर्ण योगदान दिया. हालांकि, वह भी अपनी पारी को शतक में तब्दील नहीं कर सके. मिलिंद की एक शॉर्ट पिच गेंद पर रूम बनाने के चक्कर में वह चकमा खा गए और गेंद बल्ले का अंदरूनी किनारा लेती हुई सीधे स्टंप्स से जा टकराई.

कुशाग्र और किशन की आक्रामक बल्लेबाजी
दो लगातार झटकों के बाद क्रीज पर आए ईशान किशन और कुमार कुशाग्र ने न केवल पारी को संभाला बल्कि रन गति को भी धीमा नहीं होने दिया. कुशाग्र ने खासकर स्पिनरों के खिलाफ बेहद आक्रामक रुख अपनाया. उन्होंने विजय की गेंदों पर कवर्स और लॉन्ग ऑन के ऊपर से तीन गगनचुंबी छक्के जड़े. उन्होंने अपनी 63 रनों की नाबाद पारी में कुल छह छक्के लगाए. दूसरी तरफ, ईशान किशन ने एक तरफ से समझदारी भरा खेल दिखाया और ढीली गेंदों पर प्रहार करना जारी रखा.

साउथ जोन की गेंदबाजी और धीमी ओवर गति से परेशानी
साउथ जोन की परेशानियां केवल ईस्ट जोन की बल्लेबाजी तक ही सीमित नहीं रहीं, बल्कि उनका धीमा ओवर रेट भी उनके लिए सिरदर्द बन गया. आधे घंटे का अतिरिक्त समय मिलने के बावजूद साउथ जोन की टीम केवल 79 ओवर ही फेंक सकी और दिन के 11 ओवर कम रह गए. ढलती रोशनी के कारण मैच के अंतिम दौर में साउथ जोन को दोनों छोर से स्पिन गेंदबाजों को ही मोर्चे पर लगाना पड़ा. साउथ जोन का कोई भी गेंदबाज ईस्ट जोन के बल्लेबाजों पर दबाव नहीं बना सका. स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज काफी महंगे साबित हुए और उन्होंने लगभग सात रन प्रति ओवर की दर से रन लुटाए. मिलिंद को छोड़कर टीम का अन्य कोई भी गेंदबाज असरदार साबित नहीं हुआ.

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dainikupeditor@gmail.com

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