नई दिल्ली. शेखर सुमन इन दिनों अपने चैट शो ‘शेखर टुनाइट’ को लेकर खबरों में हैं. इसमें वो सिग्नेचर व्यंगात्मक स्टाइल में सरकार पर तंज कसते दिखते हैं. शेखर सुमन के शो पर खास गेस्ट मौजूद होते हैं और लेटेस्ट एपिसोड में रैपर और सिंगर बादशाह ने शिरकत की. बादशाह ने इस चैट शो में शिखर तक पहुंचने के बारे में बात की है. सिंगर ने शो पर कई ऐसी बातें कहीं जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं.
बादशाह कुछ समय पहले अपने गाने ‘टिटरी’ को लेकर विवादों में घिरे हुए थे. अक्सर महिलाओं को ऑब्जेक्टिफाई करने के आरोप में घिरे रहने वाले बादशाह ने अपने गाने में महिलाओं के लिए आपत्तिजनक कमेंट किया था. हरियाणवी गाने ‘टिटरी’ को महिलाओं पर आपत्तिजनक कमेंट की वजह से बैन कर दिया गया था. शेखर सुमन के शो पर बादशाह ने इस विवाद पर भी इशारों-इशारों में बात की.
सामाजिक जिम्मेदारी पर क्या बोले बादशाह
उन्होंने कहा कि जब कोई कलाकार अपने करियर की शुरुआत करता है, तो वह सिर्फ अपनी रचनात्मकता और जुनून के साथ आगे बढ़ता है. लेकिन जैसे-जैसे उसकी पहचान बढ़ती है, वैसे-वैसे उसके शब्दों और काम का असर भी बढ़ने लगता है. ऐसे में एक कलाकार के लिए सामाजिक जिम्मेदारी को समझना बेहद जरूरी हो जाता है.
‘शुरुआत में गाने लिखना आसान था’
‘शेखर टुनाइट’ शो में बातचीत के दौरान बादशाह ने बताया कि शुरुआत में गाने लिखना और संगीत बनाना उनके लिए एक आसान और मजेदार प्रक्रिया थी. उस समय उनका ध्यान सिर्फ अपनी क्रिएटिविटी को लोगों तक पहुंचाने पर रहता था, लेकिन समय के साथ उन्हें समझ आया कि एक कलाकार के शब्दों का असर बहुत दूर तक होता है.
बादशाह ने कहा, ‘अगर कोई व्यक्ति हर समय परेशानियों के बारे में सोचता रहेगा तो उसे हर तरफ मुश्किलें ही नजर आएंगी, लेकिन अगर वह अपने काम पर ध्यान देता है तो चीजें आसान हो जाती हैं. जब आप एक लेखक या कलाकार के तौर पर शुरुआत करते हैं, तो आपको एहसास नहीं होता कि उसके लिखे हुए शब्दों को लोग किस तरह समझेंगे और उसका समाज पर क्या असर पड़ेगा. बस मजा आ रहा होता है’.
विवादित गानों पर दी सफाई
रैपर ने आगे बताया, ‘किसी भी कला को देखने और समझने का नजरिया हर व्यक्ति का अलग होता है. हो सकता है कि किसी गाने या लाइन को ज्यादातर लोग पसंद करें, लेकिन कुछ लोगों को वही चीज अलग या आपत्तिजनक भी लग सकती है. यही वजह है कि जैसे-जैसे किसी कलाकार का दायरा बढ़ता है, उसे अपने काम और शब्दों को लेकर ज्यादा सजग होना पड़ता है’.
बादशाह अगे कहते हैं, ‘एक कलाकार की लोकप्रियता बढ़ने के साथ उसकी सामाजिक जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है. पहले जहां उसका काम सीमित लोगों तक पहुंचता है, वहीं सफलता मिलने के बाद उसकी कला को लाखों-करोड़ों लोग देखने और सुनने लगते हैं. ऐसे में कलाकार को यह समझना जरूरी है कि उसकी कही हुई बातों का प्रभाव क्या हो सकता है’.










