Last Updated:August 27, 2026, 08:38 IST
चित्रकूट में परमहंस संत श्री रणछोड़दास जी महाराज द्वारा स्थापित श्री रघुवीर मंदिर, बड़ी गुफा, जानकीकुंड में पारंपरिक श्रावण झूला उत्सव का भव्य शुभारंभ हो गया है.पांच दिवसीय उत्सव में देश के अलग-अलग क्षेत्रों से आए लोक कलाकार पारंपरिक झूला गीत और ग्रामीण लोक संस्कृति से जुड़ी प्रस्तुतियां देंगे. उत्सव को लेकर मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है.
चित्रकूट में परमहंस संत श्री रणछोड़दास जी महाराज द्वारा स्थापित श्री रघुवीर मंदिर, बड़ी गुफा, जानकीकुंड में पारंपरिक श्रावण झूला उत्सव का भव्य शुभारंभ हो गया है.पांच दिवसीय उत्सव में देश के अलग-अलग क्षेत्रों से आए लोक कलाकार पारंपरिक झूला गीत और ग्रामीण लोक संस्कृति से जुड़ी प्रस्तुतियां देंगे. उत्सव को लेकर मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है.
बीते कल से शुरू हुए इस उत्सव में अब तक 100 से अधिक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति पेश की है. कलाकारों के पारंपरिक गीतों और लोक नृत्यों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया है. इस पांच दिनों के आयोजन में 300 से अधिक लोक कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे. सबसे खास बात यह है कि इस उत्सव में बुंदेलखंड सहित ग्रामीण लोक संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी.
इस झूला उत्सव में श्री राम संस्कृत महाविद्यालय के गुरुकुल विद्यार्थियों द्वारा धार्मिक और पौराणिक प्रसंगों पर आधारित आकर्षक झांकियां भी प्रस्तुत की गई है. विद्यार्थियों ने श्रीराम-भरत मिलाप, सीता स्वयंवर, हस्तिनापुर राजसभा और राम-रावण युद्ध जैसे प्रसंगों को प्रस्तुत किया है.
Add News18 as
Preferred Source on Google
झूला उत्सव में पद्मश्री डॉ. बीके जैन के जीवन और सेवाकार्यों पर आधारित विशेष जीवंत झांकी भी तैयार की गई है.इस झांकी के माध्यम से उनके सामाजिक और सेवा कार्यों को प्रभावशाली तरीके से दर्शाया जा रहा है.ताकि आने वाले श्रद्धालुओं के अंदर सेवा कार्य की भावना आए.
झूला उत्सव को लेकर रघुवीर मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी विद्युत रोशनी और फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है. आकर्षक सजावट के बीच झूले पर विराजमान युगल सरकार के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बने हुए हैं. शाम के समय रोशनी से सजे मंदिर परिसर का दृश्य बेहद मनोहारी नजर आ रहा है.
जानकी कुंड में चल रहे पांच दिवसीय उत्सव में धार्मिक आस्था के साथ लोक संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है. पारंपरिक झूला गीत, लोक प्रस्तुतियां और पौराणिक झांकियां श्रद्धालुओं को चित्रकूट की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ रही हैं. देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से ग्रामीण जीवन और लोक परंपराओं की झलक दिखा रहे हैं.
जानकारी के लिए बता दे कि झूला उत्सव का कार्यक्रम रोज शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक होता है और यह 29 अगस्त तक चलेगा. इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे. जो आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहेंगे.
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। उत्तर प्रदेश की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें|First Published :
August 27, 2026, 08:38 IST










