यूपी में Gen-Z 15 फीसदी, पर विधायक 403 में से केवल 2, कौन समझेगा इनकी दिल की बात

Last Updated:August 27, 2026, 10:31 IST

उत्तर प्रदेश में अगर जेन-जी की जनसंख्या की बात करें तो एक अनुमानित आंकड़ों के मुताबिक करीब 15 फीसदी जेन जी हैं. ऐसे में सभी राजनीतिक दल इन्हें साधने में लगे हुए हैं. केंद्र की राजनीति से लेकर सूबे की सियासत तक इन दिनों जेन जी की बात हो रही है.

उत्तर प्रदेश विधानसभा.

लखनऊः देश के भीतर इस वक्त चाहे केंद्र की सियासत हो या फिर किसी सूबे की सियासत, हर जगह जेन जी की चर्चा जोरों पर है. यहां तक की सभी राजनीतिक दल इन जेन-जी को साधने में लगे हुए हैं. क्योंकि इन जेन-जी में पार्टियों को अपने भविष्य के मतदाता नजर आ रहे हैं, जो उनकी जीत में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं. लेकिन सवाल यह है कि आखिरी इन जेन-जी के कितने नुमाइंदे राज्यों की विधानसभा के सदन में मौजूद हैं. इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश विधानसभा की बात करें तो जेन-जी विधायकों की संख्या 403 विधायकों के मुकाबले बहुत ही कम है. यूपी विधानसभा में फिलहाल टेक्निकली दो विधायक जेन जी हैं. वहीं एक विधायक 2022 के विधानसभा चुनाव में 26 साल पर जीत हासिल की. ऐसे में अब वह 30 के हो गए हैं. इसलिए उनको जेन-जी विधायक नहीं कह सकते. आइए जानते हैं, वह कौन-कौन से दो विधायक हैं, जो जेन जी हैं.

सपा विधायक अंकित भारती
गाजीपुर के सैदपुर विधानसभा सीट से मौजूदा विधायक अंकित भारती जेन जी हैं. साल 2022 के विधानसभा चुनाव में अंकित भारती ने भाजपा प्रत्याशी और सैदपुर से दो बार विधायक रहे सुभाष पासी को 35 हजार वोटों से हरा दिया था. इस चुनाव में सपा प्रत्याशी अंकित भारती को 107426 वोट मिले थे. जबकि भाजपा के सुभाष पासी को 72132 वोट मिले थे. अंकित भारती ने चुनाव जीतकर प्रदेश के युवा विधायक होने का खिताब भी हासिल कर लिया था.

सपा विधायक राहुल राजपूत
2022 के विधानसभा चुनाव में रायबरेली के हरचंदपुर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी ने राहुल राजपूत को टिकट दिया था. राहुल राजपूत ने चुनाव में जीत हासिल कर सबसे युवा विधायक बने थे.

क्यों कम हैं विधानसभा में जेन जी विधायक
विधानसभा के अंदर अगर जेन-जी विधायकों की संख्या कम है तो उसकी कई सारी वजहे हैं. जैसे कि राजनीतिक दलों से टिकट पाने में ही लोगों को लंबा वक्त लग जाता है. ऐसा बहुत ही कम होता है कि किसी को 25-26 साल की उम्र में पार्टी विधायकी के लिए टिकट दे दे. इसके अलावा राजनीति को करियर के तौर पर चुनने वाले युवा भी बहुत ही कम हैं या जब तक वह इसे अपना करियर बनाना चाहते हैं, तब तक उनकी उम्र ज्यादा हो जाती है. हालांकि निर्दलीय कई बार युवाओं ने चुनाव लड़ा है, लेकिन सफलता हासिल नहीं हो पाई.

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Prashant RaiChief Sub Editor

Prashant Rai is a digital journalist with over 9 years of experience in Hindi journalism, specializing in politics, crime, hyper-local reporting, and viral news. He currently serves as Chief Sub Editor at News1…

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Lucknow,Uttar Pradesh

First Published :

August 27, 2026, 10:29 IST

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dainikupeditor@gmail.com

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