Last Updated:July 01, 2026, 06:14 IST
Ram Mandir Chori News: राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच में जुटी पुलिस लगातार नई जानकारी जुटा रही है. इसी कड़ी में अयोध्या पुलिस अब बैंक ऑफ बड़ौदा में आरोपियों के खाते की तलाश कर रही है, जहां राम मंदिर ट्रस्ट का भी खाता है और इस खाते में हर महीने करोड़ों रुपये ऑनलाइन चढ़ावा आता है.
राम मंदिर में दान की चोरी करने वाले आरोपी.
अयोध्याः राम मंदिर दान चोरी मामले में जांच तेज कर दी गई है. इस दौरान लगातार नए खुलासे हो रहे हैं. इसी कड़ी में सूत्रों से पता चला है कि आरोपित अविनाश शुक्ला की निशानदेही पर सबसे ज्यादा पैसे की रिकवरी हुई है. पुलिस ने जो 89 लाख रुपये बरामद किए हैं, उसमें अधिकांश पैसा अविनाश शुक्ला के पास से मिला है. बताया जा रहा है कि ये पैसा FIR दर्ज होने से पहले ही ट्रस्ट ने अपने स्तर पर बरामद कर लिया था. इसके अलावा चंदा चोरी मामले में बैंक ऑफ बडौदा के अयोध्या ब्रांच में भी जिले की पुलिस ने जांच की है और इसके लिए अयोध्या पुलिस ने बैंक ऑफ बड़ौदा ब्रांच को एक नोटिस भी सर्व किया था. क्योंकि बैंक ऑफ बड़ौदा में ट्रस्ट का एक खाता है, जिसमें भक्त सिर्फ ऑनलाइन चढ़ावा जमा करते हैं या QR कोड से जो पैसे आते हैं वो ही यहां जमा होते हैं.
एसबीआई मेन बैंक है ट्रस्ट का, जहां जमा होता है कैश
इस बैंक के अकाउंट में कैश नहीं जमा होता है और न ही बैंक ऑफ बड़ौदा के कर्मचारियों का ट्रस्ट में या कैश गिनने में कोई भूमिका है. पूरे चढ़ावे का 10 से 15 पर्सेंट चढ़ावा ही इस बैंक में सिर्फ ऑनलाइन मोड से जमा होता है. 10 से 15 परसेंट ऑनलाइन चढ़ावा बैंक ऑफ बडौदा और पीएनबी में आता है. बाकि सब एसबीआई ही आउटसोर्स कैशियर रखता है. एसबीआई ट्रस्ट का मेन बैंक है.
बैंक ऑफ बड़ौदा में हर महीने 1 से 1.5 करोड़ का चंदा आता है ऑनलाइन
जब से ट्रस्ट बना है, तब से मंदिर बनने और अब तक 2026 तक हर महीने रूटीन दिनों में 1 से डेढ़ करोड़ का चढ़ावा चढ़ता है, जो इस बैंक में जमा हो रहा था. महाकुंभ के समय और छुट्टियों में ये डबल तक पहुंच जाता था, 4 से 5 करोड़ रुपये ऑनलाइन पैसे जमा होते थे. साल में एक दो बार ट्रस्ट के लोग कभी पैसा निकालते थे, वो भी केवल चेक के जरिए और अगर बड़ा एमाउंट होता है तो ट्रस्ट के बड़े अधिकारियों से क्रॉस चैक करके चैक क्लियर किया जाता है.
बैंक ऑफ बडौदा में किस किस शख्स का खाता है?
सूत्रों के मुताबिक चंपत राय का एक खाता बैंक ऑफ बड़ौदा अयोध्या ब्रांच में है, जो दिल्ली से बहुत सालों पहले ट्रांसफर होकर आया था. बताया जा रहा है कि यह अकाउंट एक्टिव नहीं है. इस अकाउंट में बहुत कम पैसे हैं. अनिल मिश्रा का खाता बैंक ऑफ बडौदा अयोध्या ब्रांच में है और 2-3 महीने पहले 20 लाख रुपए का लोन पास कराकर इसी बैंक से अनिल मिश्रा ने एक ईवी गाड़ी लिया था. ट्रस्ट का एक और ऑनलाइन चढ़ावे के लिए खाता है, जो राम जन्मभूमि ट्रस्ट Simply वेबसाइट पर लिखा हुआ है.
नामजद आरोपियों के खाते
पुलिस ने बैंक ऑफ बड़ौदा को नोटिस देकर पूछा कि कुछ आरोपियो के खातों की डिटेल्स चाहिए. पुलिस की तरफ से तीन लोगों के बैंक एकाउंट्स की डिटेल्स मांगी गई थी, जिसमें अविनाश शुक्ला, मनीष यादव, लवकुश मिश्रा की पत्नी सुप्रिया मिश्रा का नाम शामिल है. बैंक ने तुरंत पुलिस को लिखित में जवाब देते हुए बताया कि उनके यहां केवल मनीष यादव का खाता है, जो टिन्नू यादव का भतीजा है. सुप्रिया मिश्रा का खाता इस बैंक ब्रांच में नहीं है. जानकारी के लिए ऑफ रिकार्ड मनीष यादव के एकाउंट में 1400 रुपए मात्र हैं. जनवरी, फरवरी, मार्च, अप्रैल से अब तक एकाउंट इस्तेमाल नही किया गया है. सुप्रिया मिश्रा के नाम पर ही लवकुश ने जमीन ली और घर बनाया. पुलिस सुप्रिया मिश्रा, अविनाश शुक्ला, मनीष यादव के बैंक एकाउंट डिटेल्स खंगाल रही है.
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