Last Updated:July 18, 2026, 15:41 IST
अनुपम खेर की निर्देशित फिल्म ‘तन्वी द ग्रेट’ की रिलीज को 1 साल पूरा हो गया है. इस खास मौके पर अनुपम खेर ने सोशल मीडिया पर फैंस का आभार जताते हुए भावुक पोस्ट शेयर किया है. वो कहते हैं ऑटिज्म के प्रति समाज में आया बदलाव ही उनका असली इनाम है.
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अनुपम खेर की ‘तन्वी द ग्रेट’ की रिलीज को एक साल पूरे हो चुके हैं.
नई दिल्ली. अनुपम खेर की फिल्म ‘तन्वी द ग्रेट’ को एक साल पूरे हो गए हैं. इस खास मौके पर एक्टर ने फिल्म से जुड़ी खास यादें शेयर की हैं. अनुपम खेर ने बताया कि इसका सबसे बड़ा इनाम दुनिया भर में मिली तारीफ नहीं थी, बल्कि परिवारों पर पड़ा असर और लोग ऑटिज्म को जिस तरह से देखते हैं उसमें आया बदलाव था. एक्टर ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है. जिसमें उन्होंने फिल्म के प्रभाव के बारे में बात की.
अनुपम खेर ने फिल्म ‘तन्वी द ग्रेट’ के लिए बड़ा कैप्शन लिखा है. वो लिखते हैं, ‘आज तन्वी द ग्रेट को रिलीज हुए एक साल पूरा हो चुका है. मैं इस पूरे सफर पर नजर डालता हूं, तो मन गर्व और कृतज्ञता से भर उठता है. यह सिर्फ एक फिल्म नहीं रही, बल्कि एक ऐसी यात्रा बनी जिसने सीमाओं को पार करते हुए दुनिया के कई देशों तक अपनी पहचान बनाई. प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में इसकी स्क्रीनिंग हुई और इसे कई सम्मान भी मिले.
‘तन्वी द ग्रेट’ की रिलीज को पूरे हुए एक साल
वो आगे लिखते हैं, ‘इंडियन पैनोरमा (IFFI) में चयन, FIPRESCI अवॉर्ड में बेस्ट फीचर फिल्म का सम्मान, इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ ऑस्ट्रेलिया में बेस्ट स्क्रीनप्ले, और हमारी प्रतिभाशाली शुभांगी के लिए बेस्ट एक्ट्रेस और बेस्ट डेब्यू एक्ट्रेस जैसे पुरस्कार इस सफर की खूबसूरत उपलब्धियां रहे. लेकिन अगर मुझसे पूछा जाए कि इस फिल्म की सबसे बड़ी सफलता क्या है, तो मेरा जवाब इन ट्रॉफियों या पुरस्कारों से कहीं आगे होगा’.
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एक्टर बोले फिल्म से आया बदलाव
हमारे लिए सबसे बड़ा सम्मान वे हजारों संदेश हैं, जो हमें माता-पिता, शिक्षकों और युवाओं से मिले. किसी ने लिखा कि इस फिल्म ने ऑटिज़्म को देखने का उनका नजरिया पूरी तरह बदल दिया. किसी ने बताया कि अब उन्होंने अपने ऑटिज़्म से जूझ रहे बच्चे को समाज से छिपाना छोड़ दिया है. वहीं, कई माता-पिता ने कहा कि इस फिल्म ने उन्हें अपने बच्चे को समझने और उसके साथ जुड़ने का एक नया दृष्टिकोण दिया.
यही संदेश हमारे लिए किसी भी पुरस्कार से कहीं अधिक मूल्यवान हैं, क्योंकि यही साबित करते हैं कि सिनेमा सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की ताकत भी रखता है.
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Pranjul SinghSub-Editor
From the precision of chemistry labs to the vibrant chaos of a newsroom, my journey has been about finding the perfect formula for a great story. A graduate in Chemistry Honours from the historic Scottish Churc…
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