16 की उम्र में किया पहला काम, फीस में मिले महज 7 रुपए 50 पैसे, जीते 3 नेशनल अवॉर्ड

Last Updated:July 19, 2026, 21:44 IST

जब भी भारतीय सिनेमा के बेहतरीन एक्टर्स की बात होती है, तो नसीरुद्दीन शाह का नाम जरूर लिया जाता है. बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड, उन्होंने अपनी मेहनत से ऐसा मुकाम हासिल किया, जहां पहुंचना हर कलाकार का सपना होता है, लेकिन इस सफर की शुरुआत इतनी आसान नहीं थी. एक समय ऐसा भी था जब उन्होंने अपने सपने को लेकर दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार से सलाह ली तो उन्हें वापस घर जाकर पढ़ाई करने की सलाह मिली, हालांकि नसीर ने अपना हौसला नहीं टूटने दिया और अपने फैसले पर डटे रहे.

नसीरुद्दीन शाह का जन्म 20 जुलाई 1950 को उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में हुआ था. वह एक ऐसे परिवार से आते थे, जहां पढ़ाई और अच्छी नौकरी को बहुत महत्व दिया जाता था. उनके पिता अली मोहम्मद शाह चाहते थे कि उनका बेटा भी अपने भाइयों की तरह कोई अच्छी नौकरी करे, लेकिन नसीर का मन पढ़ाई से ज्यादा थिएटर और अभिनय में लगता था. बचपन से ही उन्हें क्रिकेट, फिल्में और नाटक काफी पसंद थे. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @naseeruddin49)

एक्टिंग के जुनून को पूरा करने के लिए नसीरुद्दीन शाह ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा का रुख किया. उनके इस फैसले से पिता काफी नाराज हुए थे. परिवार चाहता था कि वह कोई सुरक्षित करियर चुनें, लेकिन नसीर ने अपने सपने को चुना. इसके बाद उन्होंने पुणे फिल्म इंस्टीट्यूट में भी प्रशिक्षण लिया और अभिनय की बारीकियां सीखीं. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @naseeruddin49)

नसीरुद्दीन शाह ने संघर्ष के दिनों में फिल्मों में छोटे-मोटे काम करने शुरू किए. साल 1967 में उन्हें पहली बार फिल्म ‘अमन’ में काम मिला. इस फिल्म में वह एक्स्ट्रा कलाकार के तौर पर नजर आए थे. इस छोटे से रोल के लिए उन्हें सिर्फ 7.50 रुपए मिले थे. उस समय वह सिर्फ 16 साल के थे. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @naseeruddin49)

Add News18 as
Preferred Source on Google

इसी संघर्ष के दौर में नसीरुद्दीन शाह ने दिलीप कुमार से मुलाकात की थी. दिलीप कुमार उनके परिवार को जानते थे और नसीर भी उनका बहुत सम्मान करते थे. जब नसीर ने उनसे कहा कि वह अभिनेता बनना चाहते हैं तो दिलीप कुमार ने उन्हें सलाह दी कि उन्हें वापस घर जाकर पढ़ाई करनी चाहिए. यह बात नसीर के लिए हैरान करने वाली थी, लेकिन उन्होंने इसे अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया. बाद में उन्होंने साबित कर दिया कि अभिनय भी एक सम्मानजनक करियर हो सकता है. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @naseeruddin49)

नसीरुद्दीन शाह को असली पहचान साल 1975 में श्याम बेनेगल की फिल्म ‘निशांत’ से मिली. इसके बाद उन्होंने ‘आक्रोश’, ‘स्पर्श’, ‘मंडी’, ‘अर्ध सत्य’, ‘मिर्च मसाला’ और ‘जाने भी दो यारों’ जैसी फिल्मों में काम किया. उन्होंने समानांतर सिनेमा को नई पहचान देने में बड़ी भूमिका निभाई. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @naseeruddin49)

नसीरुद्दीन शाह ने धीरे-धीरे कमर्शियल फिल्मों में भी अपनी जगह बनाई. ‘कर्मा’, ‘मोहरा’, ‘सरफरोश’, ‘इकबाल’, ‘ए वेडनेसडे’ और ‘द डर्टी पिक्चर’ जैसी फिल्मों में उनके अलग-अलग किरदारों को दर्शकों ने खूब पसंद किया. खास बात यह रही कि वह हीरो, विलेन और गंभीर किरदार हर भूमिका में अपनी अलग छाप छोड़ते रहे. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @naseeruddin49)

नसीरुद्दीन शाह की शानदार अदाकारी के लिए उन्हें तीन बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया. फिल्म ‘स्पर्श’, ‘पार’ और ‘इकबाल’ के लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार मिला. इसके अलावा भारत सरकार ने उन्हें साल 1987 में पद्मश्री और 2003 में पद्म भूषण से सम्मानित किया. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @naseeruddin49)

फिल्मों के अलावा नसीरुद्दीन शाह का थिएटर से भी गहरा रिश्ता रहा है. उन्होंने अपनी थिएटर संस्था के जरिए मंच को भी काफी समय दिया. टीवी पर ‘मिर्जा गालिब’ और ‘भारत एक खोज’ जैसे शोज में उनके अभिनय को खूब सराहा गया. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @naseeruddin49)

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

Source

dainikupeditor@gmail.com

Writer & Blogger

All Posts
Previous Post
Next Post

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • योजनाये
  • राजनीति