केएल राहुल का ‘मिशन 105’… धर्मशाला में रच सकते हैं इतिहास

Last Updated:June 13, 2026, 06:01 IST

KL Rahul needs 105 runs: 13 जून से धर्मशाला में शुरू हो रही भारत-अफगानिस्तान की ऐतिहासिक वनडे सीरीज में केएल राहुल इतिहास रचने के बेहद करीब हैं. अगर राहुल इस सीरीज में 105 रन बना लेते हैं, तो वह वनडे क्रिकेट में बतौर विकेटकीपर-बल्लेबाज 2000 रन पूरे करने वाले राहुल द्रविड़ और एमएस धोनी के बाद तीसरे भारतीय बन जाएंगे. 54 मैचों में 57.42 की बेमिसाल औसत के साथ 1895 रन बनाने वाले राहुल का बल्लेबाजी औसत विश्व क्रिकेट में इस भूमिका में तीसरा सबसे सर्वश्रेष्ठ है. यह सीरीज राहुल को दिग्गज विकेटकीपरों के एलीट क्लब में शामिल होने का सुनहरा मौका देगी.

भारतीय क्रिकेट टीम 13 जून से धर्मशाला में अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की एक बेहद खास वनडे सीरीज खेलने जा रही है. भारत और अफगानिस्तान के बीच यह इतिहास की पहली द्विपक्षीय वनडे सीरीज है, जिसे लेकर क्रिकेट प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह है. इस ऐतिहासिक सीरीज में कर्नाटक के 34 वर्षीय अनुभवी दाएं हाथ के बल्लेबाज केएल राहुल (KL Rahul) भारतीय टीम के मुख्य विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में मैदान पर उतरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. पिछले काफी समय से राहुल ने वनडे क्रिकेट में मध्यक्रम में बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग की दोहरी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया है और अब उनके पास इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज कराने का एक सुनहरा मौका है.

इस तीन मैचों की वनडे सीरीज के दौरान केएल राहुल के पास एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित करने का मौका होगा जो अब तक भारत के महानतम क्रिकेटरों के नाम रहा है. यदि राहुल इस सीरीज में कुल मिलाकर कम से कम 105 रन बना लेते हैं, तो वह एक विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में अपने 2000 वनडे रन पूरे कर लेंगे. ऐसा करते ही वह भारत के क्रिकेट इतिहास में विकेटकीपर-बल्लेबाज के तौर पर 2000 या उससे अधिक रन बनाने वाले केवल तीसरे खिलाड़ी बन जाएंगे. इनसे पहले यह कारनामा भारत के लिए सिर्फ दो ही दिग्गजों ने किया है, जिनमें पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ और महान फिनिशर महेंद्र सिंह धोनी का नाम शामिल है.

भारतीय क्रिकेट में विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में रनों का एक बड़ा मील का पत्थर स्थापित करने की शुरुआत सबसे पहले ‘द वॉल’ कहे जाने वाले राहुल द्रविड़ ने की थी. उन्होंने वर्ष 1999 से 2004 के बीच टीम के संतुलन को बनाए रखने के लिए स्वेच्छा से विकेटकीपिंग के ग्लव्स थामे थे. द्रविड़ ने भारत के मुख्य विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में 73 वनडे मैच खेले, जिनमें उन्होंने 44.23 की शानदार औसत के साथ कुल 2300 रन बनाए. इस दौरान उनके बल्ले से 4 शतक और 14 अर्धशतक निकले, जिसमें 145 रन उनका सर्वोच्च स्कोर रहा. द्रविड़ इस आंकड़े तक पहुंचने वाले पहले भारतीय थे. राहुल इन दिग्गजों के विशिष्ट क्लब में शामिल होने से महज कुछ ही कदम दूर हैं. 

Add News18 as
Preferred Source on Google

राहुल द्रविड़ के बाद भारतीय क्रिकेट में महेंद्र सिंह धोनी का युग शुरू हुआ, जिन्होंने विकेटकीपर-बल्लेबाज की परिभाषा को ही हमेशा के लिए बदल दिया. धोनी ने वर्ष 2004 से 2019 के बीच भारत के लिए बतौर विकेटकीपर कुल 347 वनडे मैच खेले, जिनकी 294 पारियों में उन्होंने 50.23 की बेहतरीन औसत से 10599 रन बनाए.भारत के लिए इस भूमिका में उन्होंने 9 शतक और 73 अर्धशतक जड़े, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर नाबाद 183 रन रहा. धोनी के ये आंकड़े बताते हैं कि क्यों उन्हें दुनिया के सबसे महान विकेटकीपर-बल्लेबाजों में गिना जाता है. केएल राहुल परमानेंट कीपर भी भूमिका में नहीं होते हैं. 

केएल राहुल ने साल 2020 से 2026 के बीच भारतीय टीम के लिए विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में एक नई पहचान बनाई है. उन्होंने अब तक इस भूमिका में 54 वनडे मैच खेले हैं, जिसकी 48 पारियों में उन्होंने 57.42 की बेहतरीन औसत से कुल 1,895 रन अपने नाम किए हैं. इस दौरान राहुल ने 3 शतक और 12 अर्धशतक भी लगाए हैं, जिसमें नाबाद 112 रन उनका सबसे बड़ा स्कोर रहा है. अब अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज में सिर्फ 105 रनों की दरकार उन्हें द्रविड़ और धोनी के एलीट क्लब में शामिल कर देगी.

अगर भारत के लिए वनडे में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले विकेटकीपरों की ऐतिहासिक लिस्ट पर नजर डालें, तो राहुल वर्तमान में द्रविड़ और धोनी के बाद तीसरे स्थान पर मजबूती से जमे हुए हैं. उनके बाद 90 के दशक के नियमित विकेटकीपर नयन मोंगिया का नाम आता है, जिन्होंने 1994 से 2000 के बीच 140 मैचों में 20.19 की औसत से 1,272 रन बनाए, जिसमें उनका बेस्ट स्कोर 69 रन था. वहीं, युवा सनसनी ऋषभ पंत ने 2019 से 2024 के बीच 24 मैचों में 35.70 की औसत और एक शतक (सर्वश्रेष्ठ 125 नाबाद) के साथ 714 रन बनाए हैं. राहुल एक मैच विनर हैं. 

इस लिस्ट में आगे 80 के दशक के मुख्य विकेटकीपर किरन मोरे का नाम आता है, जिन्होंने 1984 से 1993 के बीच 94 मैचों में 13.09 की औसत से 563 रन (सर्वश्रेष्ठ 42 नाबाद) बनाए. उनके बाद पार्थिव पटेल ने 2003 से 2012 के बीच 27 मैचों में 22.40 की औसत से 448 रन (सर्वश्रेष्ठ 56 नाबाद) बटोरे. युवा ईशान किशन ने 2021 से 2023 के बीच 13 मैचों में 42.00 की औसत से 420 रन (सर्वश्रेष्ठ 82) बनाए हैं, जबकि दिनेश कार्तिक ने 2004 से 2019 के बीच 26 मैचों में 28.14 की औसत से 394 रन (सर्वश्रेष्ठ 69) बनाए. महान सैयद किरमानी ने 1976 से 1986 के बीच 49 मैचों में 20.72 की औसत से 373 रन (सर्वश्रेष्ठ 48 नाबाद) बनाए थे.

केएल राहुल न सिर्फ रन बनाने के मामले में आगे बढ़ रहे हैं, बल्कि उनका बल्लेबाजी औसत भी दुनिया के बड़े-बड़े दिग्गजों को टक्कर देता है. कम से कम 10 वनडे पारियों में विकेटकीपर के तौर पर बल्लेबाजी करने वाले खिलाड़ियों की वैश्विक सूची में राहुल 57.42 की औसत के साथ दुनिया में तीसरे नंबर पर हैं. इस लिस्ट में दक्षिण अफ्रीका के पूर्व दिग्गज एबी डी विलीयर्स 59 मैचों में 70.54 की अविश्वसनीय औसत और 2,963 रनों के साथ पहले स्थान पर हैं. वहीं, भारत के ही संजू सैमसन महज 11 मैचों में 61.20 की औसत और 306 रनों के साथ दूसरे स्थान पर काबिज हैं.

बल्लेबाजी औसत के इस खास मामले में केएल राहुल ने श्रीलंका के लंका डी सिल्वा (11 मैचों में 53.66 की औसत से 161 रन) और वेस्टइंडीज के शाई होप (148 मैचों में 50.69 की औसत से 6,134 रन) को भी पीछे छोड़ दिया है. यहां तक कि वह महेंद्र सिंह धोनी के ओवरऑल विकेटकीपिंग औसत (350 मैचों में 50.57 की औसत से 10,773 रन) और दक्षिण अफ्रीका के क्विंटन डी कॉक (160 मैचों में 46.84 की औसत से 7,120 रन) से भी आगे हैं. इंग्लैंड के जॉनी बेयरस्टो (17 मैचों में 45.00 की औसत से 585 रन), राहुल द्रविड़ (44.23 की औसत) और यूएसए के मोनांक पटेल (26 मैचों में 43.87 की औसत से 1,053 रन) भी राहुल के इस बेमिसाल औसत से पीछे हैं.

अगर विश्व क्रिकेट की बात करें तो वनडे में बतौर विकेटकीपर-बल्लेबाज सबसे ज्यादा रन बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड श्रीलंका के महान कप्तान कुमार संगकारा के नाम है. संगकारा ने 2000 से 2015 के बीच 360 वनडे मैचों में विकेटकीपर के रूप में खेलते हुए रिकॉर्ड 13,341 रन बनाए थे. उनके बाद दूसरे नंबर पर भारत के एमएस धोनी हैं, जिन्होंने कुल 350 वनडे मैचों में (347 भारत के लिए और 3 एशिया इलेवन के लिए) कुल 10,773 रन बनाए. पूरे क्रिकेट इतिहास में संगकारा और धोनी ही केवल ऐसे दो खिलाड़ी हैं जिन्होंने विकेटकीपर-बल्लेबाज के तौर पर वनडे में 10,000 से अधिक रन बनाने का गौरव हासिल किया है. अब देखना होगा कि केएल राहुल इस महान सफर में अपना अगला कदम कितनी तेजी से बढ़ाते हैं.

Source

dainikupeditor@gmail.com

Writer & Blogger

All Posts
Previous Post
Next Post

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • योजनाये
  • राजनीति