Last Updated:June 15, 2026, 13:46 IST
तमाम उतार चढ़ाव के बीच में दीप्ति शर्मा ने जिस तरह वापसी की है, वह काबिले-तारीफ है नवंबर 2025 में भारत की खिताबी जीत में वे वर्ल्ड कप की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहीं, और बीती रात बर्मिंघम में उन्होंने एक भी कदम गलत नहीं रखा.
आईसीसी इवेंट में दीप्ति शर्मा का रिकॉर्ड बेजोड़ है
नई दिल्ली. वूमेन इन ब्लू ने इस वर्ल्ड कप की शुरुआत वहीं से की है,जहां हमने पिछला वर्ल्ड कप अपने घर पर खत्म किया था. ये लाइन पाकिस्तान के खिलाफ अपने मैच जिताऊ पांच विकेट लेने के बाद दीप्ति शर्मा ने कहा, जिसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड भी मिला. इस मैच से पहले दीप्ति के लिए चीजें कभी आसान नहीं रहीं. 9 साल पहले उस मैच को ही ले लीजिए जिसने भारत में महिला क्रिकेट को एक नई पहचान दी,लेकिन जिसे दीप्ति बार-बार भूलने की कोशिश करती हैं.
2017 वर्ल्ड कप फाइनल में लॉर्ड्स के मैदान पर जब 20 साल की दीप्ति बल्लेबाजी करने उतरीं,तब भारत जीत के बेहद करीब था और ट्रॉफी मानो हाथ में ही थी. बस दीप्ति से एक अच्छी पारी की उम्मीद थी और इतिहास बन सकता था. लेकिन दुर्भाग्य से दबाव ने उस युवा खिलाड़ी पर असर डाला और दीप्ति व टीम को दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा. 2018 में उन्हें फिर मौका मिला, टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में कैरेबियन में उसी इंग्लैंड के खिलाफ, लेकिन इस बार भी वे उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकीं—7 रन बनाकर रन आउट हुईं और गेंदबाजी में चार ओवर में 24 रन देकर सिर्फ एक विकेट लिया.
दीप्ति का आईसीसी इवेंट से प्यार
तमाम उतार चढ़ाव के बीच में दीप्ति शर्मा ने जिस तरह वापसी की है, वह काबिले-तारीफ है नवंबर 2025 में भारत की खिताबी जीत में वे वर्ल्ड कप की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहीं, और बीती रात बर्मिंघम में उन्होंने एक भी कदम गलत नहीं रखा. पहली ही गेंद से उन्होंने पिच की रफ्तार को बखूबी समझा और लगभग अकेले दम पर पाकिस्तान की टीम को ध्वस्त कर भारत को शानदार जीत दिलाई. हालांकि आईसीसी टूर्नामेंट्स में दीप्ति हमेशा विकेट लेती रही हैं, लेकिन उन्हें कभी वह स्टारडम नहीं मिला, जैसा हरमनप्रीत कौर या स्मृति मंधाना को मिला. फिर भी वे लगातार अहम योगदान देती रहती हैं और टीम के लिए बेहद जरूरी खिलाड़ी बनी हुई हैं.
स्टारडम से दूर शर्मा जी
दीप्ति न तो स्मृति की तरह आक्रामक हैं, न हरमनप्रीत या शेफाली वर्मा की तरह ज्यादा सुर्खियों में रहती हैं, लेकिन भारतीय टीम के लिए वे शायद सबसे अहम कड़ी हैं खासतौर पर ऐसे टूर्नामेंट में जो भारत में महिला क्रिकेट के इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण आयोजनों में से एक माना जा रहा है. बल्लेबाजी में उनकी बड़ी भूमिका होगी, वहीं गेंदबाजी में वे पावरप्ले में हरमनप्रीत की पहली पसंद रहेंगी. बतौर बल्लेबाज, उन्हें फिनिशर की भूमिका भी सौंपी जा सकती है, जिसे उन्होंने हाल के समय में कई बार शानदार तरीके से निभाया है.
संकटमोचक है ऑलराउंडर
दीप्ति अक्सर चर्चा से दूर रहती हैं, लेकिन वे भारत की संकटमोचक खिलाड़ी हैं और टीम की सबसे संपूर्ण ऑलराउंडर भी. शायद यही वजह है कि जब भी कप्तान हरमनप्रीत उन्हें अहम मौकों पर गेंद थमाएंगी, सबकी नजरें उन पर होंगी. हालांकि दीप्ति का बड़ा लक्ष्य यही होगा कि वे अपनी शानदार वर्ल्ड कप फॉर्म को जारी रखें और भारत के अभियान में बड़ा योगदान दें. अगर कोई बल्लेबाज रन चुराने की कोशिश करेगा, तो रन आउट की उम्मीद भी रखिए. बर्मिंघम में उन्होंने बल्लेबाज को चेतावनी देकर छोड़ दिया था, लेकिन अगली बार वे इतनी नरमी नहीं दिखाएंगी.
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Rajeev MishraAssociate editor
मैं, राजीव मिश्रा, वर्तमान में नेटवर्क 18 में एसोसिएट स्पोर्ट्स एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ. इस भूमिका में मैं डिजिटल स्पोर्ट्स कंटेंट की योजना, संपादकीय रणनीति और एंकरिंग की जिम्मेदारी निभाता हूँ. खेल पत्रका…और पढ़ें
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