सोने से भी महंगा है ये आम! किसान ने सुरक्षा पर खर्च किए हजारों रुपये, जानिए

Last Updated:May 07, 2026, 18:17 IST

Miyazaki Mango: दुनिया के सबसे महंगे आमों में गिने जाने वाले मियाजाकी आम की खेती अब वाराणसी की धरती पर भी हो रही है. बाबियांन गांव के किसान शैलेंद्र रघुवंशी ने साल 2021 में जापान की इस खास वैरायटी के पौधे मंगवाकर अपने खेत में लगाए थे. आज इन पेड़ों पर शानदार फल आ रहे हैं, जिनकी सुरक्षा के लिए खेत में CCTV कैमरे और गार्ड तक तैनात किए गए हैं.

मियाजाकी आम दुनिया के सबसे महंगे आमों में से एक है. कई जगहों पर इसकी कीमत डेढ़ से ढाई लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाती है. यही वजह है कि इसकी सुरक्षा के लिए खेतों में खास इंतजाम किए जाते हैं. वाराणसी के बाबियांन गांव में जिस किसान ने इसकी खेती की है, वहां इसकी निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जा रही है.

इसके लिए 24 घंटे इसकी मॉनिटरिंग की जा रही है. इतना ही नहीं, इसकी सुरक्षा के लिए गार्ड भी लगाए गए हैं, जो अलग-अलग शिफ्ट में लाठी-डंडे लेकर इसकी रखवाली में तैनात रहते हैं, ताकि कोई जंगली जानवर या अन्य व्यक्ति इसे नुकसान न पहुंचा सके. बता दें कि इसकी सुरक्षा पर हर महीने हजारों रुपये खर्च किए जाते हैं.

इसका आकार दूसरे आमों की तुलना में बड़ा होता है. इसके अलावा इसका रंग उगते हुए सूरज की तरह लालिमा लिए होता है. इस आम का वजन आमतौर पर 300 से 400 ग्राम के बीच होता है. उन्होंने बताया कि यह आम सेहत के लिहाज से भी काफी फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा काफी अधिक होती है.

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कुछ महीनों बाद इन पौधों में फूल आने लगे और फिर वही फूल फल में बदल गए, जिसके बाद शैलेंद्र की मेहनत रंग लाई. इस खास आम को देखने के लिए आसपास के किसान और दूसरे लोग भी उनके खेत तक पहुंच रहे हैं. शैलेंद्र ने बताया कि उन्होंने इसके कई पौधे भी तैयार किए हैं, जिन्हें वह किसानों को बेचते हैं.

इसके अलावा इसमें फोलिक एसिड और बीटा कैरोटीन भी पाया जाता है. कई बीमारियों में इस आम का सेवन फायदेमंद माना जाता है. यही वजह है कि इसकी कीमत दूसरे आमों की तुलना में काफी ज्यादा होती है. बनारस की धरती पर उगाए जा रहे इस आम में जापान में उगने वाले मियाजाकी आम जैसे गुण हैं, जिसका परीक्षण भी किया जा रहा है.

लोकल 18 से बातचीत में किसान शैलेंद्र रघुवंशी ने बताया कि मई 2021 में उन्होंने एक एक्सपोर्टर की मदद से मियाजाकी आम के पौधे बनारस मंगवाए थे. काफी जद्दोजहद के बाद उन्हें ये पौधे मिल पाए थे. उन्होंने करीब 6 महीने तक इन पौधों को संभालकर रखा और फिर दिसंबर 2021 में अपने खेत में रोप दिया. करीब 4 साल बाद जब ये पौधे बड़े हुए, तो शैलेंद्र के चेहरे की खुशी भी बढ़ गई.

शैलेंद्र ने बताया कि अब उनके बाग में मियाजाकी आम के कई पेड़ हैं, जिन पर अच्छी संख्या में फल लगे हैं. पिछले साल की तुलना में इस बार पैदावार भी ज्यादा हुई है, क्योंकि अब ये पेड़ पहले से अधिक बड़े और फलदार हो चुके हैं.

उन्होंने बताया कि मियाजाकी आम की खेती के बारे में उन्होंने कई किसानों को जानकारी भी दी है. इसके अलावा, उन्होंने इच्छुक किसानों को इसके पौधे भी उपलब्ध कराए हैं. हालांकि, इसकी कीमत थोड़ी ज्यादा होने की वजह से बाजार में इसके खरीदार कम ही हैं. शैलेंद्र ने बताया कि मियाजाकी आम दूसरे आमों से काफी अलग और खास होता है.

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