गोंडा: खबर गोंडा से है, जहां एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है. मजदूरी करके और मवेशी बेचकर पति ने पत्नी को मेडिकल का कोर्स करवाया, नौकरी लगवाई और अब पत्नी पति को छोड़ने पर अड़ी हुई है. अब हाईफाई पत्नी मजदूर पति के साथ रहने को राजी नहीं है.
क्या है पूरा मामला
जी हां, आपने एसडीएम ज्योति मौर्य वाला मामला तो देखा और सुना ही होगा, जिसमें एक सफाईकर्मी ने अपनी पत्नी को पढ़ाया-लिखाया और साथ दिया, लेकिन एसडीएम बनने के बाद वह अपने पति के साथ नहीं रहना चाहती थी. इसी तरह का एक मामला गोंडा जिले में भी सामने आया है, जहां राजेश कुमार वर्मा ने मजदूरी करके, लोहे की पल्लेदारी कर, अपने मवेशी और फसल बेचकर पत्नी रेनू वर्मा को पढ़ाया-लिखाया. जब उसका एएनएम का कोर्स पूरा हो गया और वह नौकरी करने लगी, तो अब रेनू वर्मा अपने पति के साथ नहीं रहना चाहती है. उल्टा, 10 लाख रुपये की मांग की जा रही है.
अपनी पत्नी रेनू वर्मा को वापस लाने के लिए पीड़ित पति राजेश कुमार वर्मा कई बार अपने ससुराल भी गया, लेकिन ससुराल वालों का कहना है कि उन्हें अपने माता-पिता को छोड़कर अलग रहना पड़ेगा. अगर वह ऐसा नहीं करना चाहते हैं, तो 10 लाख रुपये देकर मामला खत्म कर दें. ससुराल वालों द्वारा दबाव बनाया जा रहा है कि वह अपने माता-पिता को छोड़कर रेनू के साथ रहें, लेकिन राजेश कुमार वर्मा अपने बीमार पिता और अंधी मां को छोड़कर पत्नी के साथ अलग रहने में असमर्थ हैं.
पीड़ित पति ने लगाई गुहार
इस पूरे मामले को लेकर राजेश कुमार वर्मा ने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है और सदर सीओ शिल्पा वर्मा को शिकायती पत्र देकर पढ़ाई के लिए दिया गया पैसा और अपने जेवर वापस दिलाने की मांग की है. साथ ही मामले से छुटकारा दिलाने की भी मांग की है.
दरअसल, मोतीगंज थाना क्षेत्र के चपरतल्ला कौरहे गांव निवासी 28 वर्षीय राजेश कुमार वर्मा पुत्र परशुराम वर्मा की शादी वर्ष 2001 में पिपरा गांव निवासी रेनू वर्मा से हुई थी. बताया जा रहा है कि यह बाल विवाह था और उस समय राजेश की उम्र मात्र 8 से 10 साल थी. शादी के 17 साल बाद, वर्ष 2018 में राजेश कुमार वर्मा रेनू को विदा कराकर घर लाए. कुछ समय तक रेनू अपने पति के साथ रही, फिर उसी वर्ष उसने एएनएम कोर्स कराने की बात कही.
पत्नी को पढ़ाया लिखाया अब साथ नहीं रहना चाहती पत्नी
वर्ष 2022 में वह अपने मायके गई और पति द्वारा दिए गए 12 हजार रुपये की पायल बेचकर उसी पैसे से अपना एडमिशन करवा लिया. जब पीड़ित पति राजेश कुमार वर्मा को इसकी जानकारी हुई, तो वह भी पत्नी की पढ़ाई में सहयोग करने लगे. उन्होंने बाहर मजदूरी करके, घर के मवेशी बेचकर और गन्ना बेचकर पैसा जुटाया और पत्नी को पढ़ाया. लेकिन अब जब वह काबिल बन गई है, तो पति के साथ नहीं रहना चाहती है.
पीड़ित राजेश कुमार वर्मा ने बताया, मैंने अपनी पत्नी रेनू वर्मा को एएनएम का कोर्स करवाया. इसके बाद भी वह हमारे पास नहीं आना चाहती है. मैंने उसकी पढ़ाई में इतना पैसा लगाया, लेकिन वह मेरे घर नहीं आना चाह रही है और मुझसे 10 लाख रुपये मांग रही है. शादी और गौना के समय जो गहने दिए थे, वह भी अपने पास रखे हुए है.
इस पूरी पढ़ाई के दौरान मैं बाहर रहकर मजदूरी करता था और लगभग डेढ़ लाख रुपये ऑनलाइन उसकी पढ़ाई के लिए भेजे. दो भैंस बेचकर पहले 20 हजार और फिर 15 हजार रुपये दो बार में दिए. इसके बाद गन्ना बेचकर उसके पिता के नाम 60 हजार रुपये भेजे. उन्होंने कहा था कि एक कोर्स करवा दीजिए, नौकरी लगने तक हम आपके घर रहेंगे और नौकरी लगने के बाद जहां पोस्टिंग होगी, वहां साथ रहेंगे.
मेरी पत्नी के माता-पिता ही सब कुछ करवा रहे हैं
मेरी पत्नी के माता-पिता ही सब कुछ करवा रहे हैं. मेरी बचपन में शादी हो गई थी. मैं पंजाब में रहकर मजदूरी करता था और पैसे भेजता था. लोहे की पल्लेदारी का काम करता था. जब इनका कोर्स पूरा हो गया और इन्हें सर्टिफिकेट मिल गया, उसके बाद यह हमारे घर एक बार भी नहीं आईं. पिछले साल भी मैं उन्हें लेने गया था, लेकिन जब वह नहीं आईं, तो मैं लुधियाना चला गया. नवंबर में वापस आने के बाद से लगातार कोशिश कर रहा हूं, लेकिन वह घर आने को तैयार नहीं हैं.
अब तुम्हारे घर नहीं आऊंगी
जिस समय मैंने इनका कोर्स करवाया था, उस समय मेरी मां देख सकती थीं, लेकिन अब उनकी आंखों की रोशनी चली गई है. ऐसे में मैं अपने माता-पिता को छोड़कर इनके साथ कैसे चला जाऊं. मैंने अपने ससुर से कहा तो उन्होंने दूसरी शादी कर लेने को कह दिया. वहीं मेरी पत्नी कह रही है कि 10 लाख रुपये दे दो, मैं लिखापढ़ी कर दूंगी. वह कह रही है कि अब तुम्हारे घर नहीं आऊंगी.
मैं सिर्फ पांचवीं तक पढ़ा हूं. जब यह अपने मायके में रहती थीं और गौना नहीं हुआ था, तब भी मैं इन्हें पढ़ाई के लिए पैसा भेजता था. फिलहाल, पीड़ित पति अधिकारियों के चक्कर लगाकर न्याय की गुहार लगा रहा है.











