Last Updated:May 26, 2022, 15:30 IST
कानपुर का राष्ट्रीय शर्करा संस्थान अपने छात्र-छात्राओं को 38 प्रकार की शक्कर बनाना सिखा रहा है.इतना ही नहीं यह संस्थान चीनी उद्योग से जुड़े उद्योगों को भी चीनी तैयार करने में तकनीकी मदद पहुंचाने और उद्योग को कैसे बढ़ावा दिया जा सके इस पर भी काम कर रहा है.अब कई प्रकार की ?
रिपोर्ट :- अखंड प्रताप सिंह ,कानपुर
जब हम शक्कर की बात करते हैं तो घर में इस्तेमाल होने वाली चीनी ही दिमाग में आती है.जबकि कानपुर का राष्ट्रीय शर्करा संस्थान अपने छात्र-छात्राओं को 38 प्रकार की शक्कर बनाना सिखा रहा है.इतना ही नहीं यह संस्थान चीनी उद्योग से जुड़े उद्योगों को भी चीनी तैयार करने में तकनीकी मदद पहुंचाने और उद्योग को कैसे बढ़ावा दिया जा सके इस पर भी काम कर रहा है.अब कई प्रकार की शक्कर का निर्माण चीनी उद्योग द्वारा किया जा रहा है.जिसमें मुख्य रुप से क्यूब शुगर,बेवरेज शुगर,प्लेवर्ल्ड शुगर,आइसिंग शुगर ,फार्मास्युटिकल शुगर,हेल्थी शुगर, व्हाइट शुगर, रॉ शुगर ,कैंडी शुगर,रिफाइंड शुगर शामिल हैं.इनके अलावा उपयोग के हिसाब से कई और तरह की शुगर भी बनाने को लेकर शोध किया जा रहा है.राष्ट्रीय शर्करा संस्थानके निदेशक प्रोफ़ेसर नरेंद्र मोहन ने बताया कि अब चीनी उद्योग काफी तरक्की कर रहा है.कई तकनीकी इसमें उपयोग की जा रही है कानपुर में राष्ट्रीय शर्करा संस्थान अपने छात्रों को 38 प्रकार की शक्कर बनाने की तकनीक सिखा रहा है.
News18 न्यूजलेटर
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