दाना होगा मोटा, वजन भी दमदार! बस गेहूं की फसल पकने से पहले कर दें ये एक छिड़काव

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दाना होगा मोटा, वजन भी दमदार! बस गेहूं की फसल पकने से पहले कर दें ये छिड़काव

Last Updated:March 11, 2026, 13:59 IST

Wheat Grain Filling Tips: गेहूं की कटाई से ठीक पहले का यह समय किसानों के लिए बेहद अहम होता है, क्योंकि यही वो पड़ाव है जो तय करेगा कि आपकी सालभर की मेहनत का दाम क्या मिलेगा. इस समय एक सही छिड़काव आपके गेहूं के दानों को न केवल सोने जैसा चमकदार बना सकता है, बल्कि उनका वजन और आकार भी बढ़ा सकता है. कृषि विशेषज्ञ डॉ. एन.पी. गुप्ता ने उन खास वैज्ञानिक तरीकों और पोषक तत्वों के बारे में बताया है, जो आपकी फसल को चिलचिलाती गर्मी और लू से बचाकर मुनाफे को दोगुना कर सकते हैं.

शाहजहांपुर: गेहूं की फसल इस समय अपने सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव पर है. दानों के भराव का समय शुरू हो चुका है, जो फसल की गुणवत्ता और पैदावार निर्धारित करता है. किसानों के लिए यह समय अपनी मेहनत का पूरा दाम पाने का सबसे सही मौका है. अगर इस समय सही पोषण और प्रबंधन मिल जाए, तो दाना न केवल मोटा और सुडौल होगा, बल्कि उसमें अच्छी चमक भी आएगी. बेहतर गुणवत्ता वाला गेहूं बाजार में अच्छे दामों पर बिकता है और किसानों को अच्छी आमदनी मिलती है.

कृषि विशेषज्ञ डॉ. एन.पी. गुप्ता ने बताया कि गेहूं के दानों में चमक और वजन बढ़ाने के लिए पोटाश सबसे मुख्य पोषक तत्व है. किसान एनपीके 00-00-50 का छिड़काव करें. इसकी 1 किलोग्राम मात्रा को 150 लीटर पानी में घोलकर सीधे गेहूं की बालियों पर छिड़काव करना चाहिए. यह घोल बालियों में दानों के भराव को बेहतर बनाता है और उन्हें सुडौल रखता है. इसके अलावा, पोटाश का उपयोग फसल को बढ़ती गर्मी और लू के प्रभाव से भी बचाता है, जिससे फसल सुरक्षित रहती है.

सही पोषण और छिड़काव का मिलेगा फायदा 
पोटाश के छिड़काव से दानों के भीतर स्टार्च का जमाव अच्छा होता है. जब दानों में उचित पोषण पहुंचता है, तो दाने बड़े होते हैं और उनका वजन भी बढ़ता है. इससे प्रति एकड़ उत्पादन में काफी इजाफा होता है. दानों पर एक प्राकृतिक चमक आती है, जो इसकी गुणवत्ता को बढ़ाता है. छिड़काव करते समय ध्यान रखें कि घोल समान रूप से पूरी बालियों पर पड़े ताकि हर दाने को पोषण मिल सके.

हल्की सिंचाई की जरूरत 
छिड़काव के साथ-साथ इस समय हल्की सिंचाई करना भी बेहद जरूरी है. दानों के भराव के दौरान मिट्टी में पर्याप्त नमी होनी चाहिए ताकि दाने सिकुड़ें न पाएं आगे खेत में पानी की कमी होगी, तो दानों का आकार छोटा रह जाएगा और उनमें चमक नहीं आएगी. हल्की सिंचाई से खेत का तापमान भी नियंत्रित रहता है, जो दानों को गर्मी से बचाता है. याद रहे, सिंचाई हमेशा शाम के समय या कम हवा चलने पर ही करें.

बाजार में मिलेगा बेहतर दाम
जब गेहूं का दाना चमकदार, मोटा और भारी होता है, तो बाजार में उसकी मांग बढ़ जाती है. व्यापारियों और खरीदारों के लिए दानों की चमक और आकार गुणवत्ता का सबसे बड़ा मानक होता है. इन बातों का ध्यान रख कर किसान न केवल अपनी फसल की गुणवत्ता सुधार सकते हैं, बल्कि प्रति कुंतल अधिक मुनाफा भी कमा सकते हैं.

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Prashant Rai

प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें

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Location :

Shahjahanpur,Uttar Pradesh

First Published :

March 11, 2026, 13:59 IST

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dainikupeditor@gmail.com

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