नई दिल्ली. स्मृति मंधाना ने महिला क्रिकेट के इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा लिया है. महिला एशिया कप में हांगकांग के खिलाफ मुकाबले में मंधाना ने एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया, जिसने पूरे विश्व क्रिकेट को हैरान कर दिया. बाएं हाथ की इस आक्रामक बल्लेबाज ने अपनी तूफानी बल्लेबाजी के दम पर इंटरनेशनल महिला क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है.
दुबई में इस ऐतिहासिक मुकाबले में स्मृति मंधाना (Smriti Mandhana) को पूर्व भारतीय कप्तान मिताली राज के 10,868 रनों के सर्वकालिक रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए 113 रनों की जरूरत थी. दबाव के पलों में अपनी शानदार बल्लेबाजी क्षमता का परिचय देते हुए स्मृति ने मात्र 60 गेंदों में 113 रन ठोक डाले और एक ही पारी में इस महान उपलब्धि को हासिल कर लिया. वह अब 10,869 रनों के साथ महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं. उन्होंने न केवल अपनी पूर्व सीनियर खिलाड़ी मिताली राज (10,868 रन) को पीछे छोड़ा, बल्कि न्यूजीलैंड की सूजी बेट्स (10,740 रन), इंग्लैंड की पूर्व कप्तान शार्लट एडवर्ड्स (10,273 रन) और वेस्टइंडीज की स्टेफनी टेलर (10,007 रन) जैसी महान दिग्गजों को पछाड़कर सर्वोच्च शिखर पर अपना कब्जा जमा लिया.
स्मृति मंधाना महिला इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बैटर बन गई हैं.
दुबई में खेली गई यह पारी स्मृति के टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का दूसरा शतक साबित हुई. इस पारी के साथ ही स्मृति मंधाना टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत की ओर से शतक जड़ने के मामले में भी नया मुकाम हासिल कर चुकी हैं. इससे पहले भारतीय महिला क्रिकेट में टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक लगाने का कारनामा कप्तान हरमनप्रीत कौर के नाम था, जिन्होंने 2018 टी20 विश्व कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ 103 रनों की यादगार पारी खेली थी. स्मृति ने अपना पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक साल 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ ट्रेंट ब्रिज के मैदान पर 112 रन बनाकर जड़ा था. अब हांगकांग के खिलाफ नाबाद 100 रन बनाकर वह भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय में दो शतक लगाने वाली पहली महिला बल्लेबाज बन गई हैं.
यह ऐतिहासिक उपलब्धि सिर्फ सर्वाधिक रनों तक ही सीमित नहीं रही. अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट के सभी प्रारूपों को मिलाकर सर्वाधिक शतक लगाने के मामले में भी स्मृति अब दुनिया की नंबर-एक बल्लेबाज बन गई हैं. उनके नाम अब अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में कुल 18 शतक दर्ज हो चुके हैं. इस मामले में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की महान पूर्व कप्तान मेग लैनिंग और दक्षिण अफ्रीका की धाकड़ बल्लेबाज लॉरा वोल्वार्ड्ट को पीछे छोड़ दिया है, जिनके नाम 17-17 अंतरराष्ट्रीय शतक हैं. वहीं, वेस्टइंडीज की हेले मैथ्यूज 15 शतकों के साथ तीसरे स्थान पर हैं, जबकि न्यूजीलैंड की सूजी बेट्स और इंग्लैंड की टामी ब्यूमोंट 14-14 शतकों के साथ सूची में बनी हुई हैं.
एशिया कप के मंच पर स्मृति का यह बल्ला जिस लय में गरजा, उसने टूर्नामेंट के इतिहास के सारे व्यक्तिगत स्कोरिंग रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए. हांगकांग के खिलाफ खेली गई उनकी 124 रनों की पारी अब महिला टी20 एशिया कप के इतिहास का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बन गई है. इससे पहले यह कीर्तिमान श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू के नाम था, जिन्होंने साल 2024 में दांबुला के मैदान पर मलेशिया के खिलाफ नाबाद 119 रन बनाए थे. इस सूची में भारतीय दिग्गज मिथाली राज तीसरे स्थान पर खिसक गई हैं, जिन्होंने 2018 में कुआलालंपुर में मलेशिया के खिलाफ नाबाद 97 रन बनाए थे. श्रीलंका की हर्षिता समरविक्रमा (81 रन बनाम थाईलैंड, 2022) और भारत की युवा सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा (81 रन बनाम नेपाल, 2024) अब इस ऐतिहासिक लिस्ट में क्रमशः चौथे और पांचवें स्थान पर आ गई हैं.
स्मृति मंधाना का यह सफर सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट की उस नई ऊर्जा और आक्रामकता का प्रतीक है जो मैदान पर किसी भी विपक्षी टीम को घुटने टेकने पर मजबूर कर देती है. एक तरफ जहां मिताली राज ने अपने संयम और निरंतरता से भारतीय महिला क्रिकेट की मजबूत नींव रखी थी, वहीं स्मृति मंधाना अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी तकनीक और निरंतरता के बल पर उस नींव पर एक भव्य महल खड़ा कर रही हैं. दुबई की शाम को मंधाना के बल्ले से निकले इन ऐतिहासिक शतकीय रनों ने यह साफ कर दिया है कि महिला क्रिकेट का नया दौर अब पूरी तरह से उनके नाम हो चुका है और आने वाले समय में यह रिकॉर्ड और भी ऊंचाइयों को छूने वाला है.










