नई दिल्ली. पंजाब के तेज गेंदबाज गुरनूर सिंह बरार का सपना सच हो गया. घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में लगातार दमदार प्रदर्शन करने के बाद आखिरकार इस खिलाड़ी को टीम इंडिया में डेब्यू का मौका मिल गया. धर्मशाला के खूबसूरत हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज के पहले वनडे में गुरनूर बरार को भारतीय प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया. वनडे में डेब्यू करना गुरनूर के करियर का अब तक का सबसे बड़ा पल है. गुरनूर बरार के पिता सुखबीर सिंह बरार पंजाब पुलिस में एएसआई पद पर कार्यरत हैं.
पंजाब में जन्मे गुरनूर बरार (Gurnoor Brar) ने घरेलू क्रिकेट की सीढ़ियों को धीरे-धीरे लेकिन बेहद मजबूती से चढ़ा है. आज उनकी गिनती देश के सबसे होनहार और उभरते हुए तेज गेंदबाजों में होती है. लंबे कद के इस दाएं हाथ के तेज गेंदबाज के पास शानदार रफ्तार है, पिच से अतिरिक्त उछाल पाने की काबिलियत है और वे गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने का हुनर भी रखते हैं. पिछले दो सीजन में वे लाल गेंद के क्रिकेट (रेड-बॉल) में पंजाब की टीम के एक बेहद महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभरे हैं.
गुरनूर बरार का वनडे में डेब्यू.
गुरनूर बरार फर्स्ट-क्लास डेब्यू साल 2022 में किया था
वैसे तो गुरनूर बरार ने अपना फर्स्ट-क्लास डेब्यू साल 2022 में किया था और इसके ठीक अगले साल यानी 2023 में पंजाब किंग्स के लिए अपना आईपीएल डेब्यू भी कर लिया था, लेकिन उनके करियर का असली टर्निंग पॉइंट साल 2024-25 का घरेलू सीजन साबित हुआ. इस सीजन में उन्होंने विरोधी बल्लेबाजों को अपनी धारदार और अनुशासित गेंदबाजी से खूब छकाया।.2024-25 के रणजी ट्रॉफी सीजन में गुरनूर पंजाब की तरफ से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे. उन्होंने 12 मैचों में 25.66 की शानदार औसत और 3.43 की किफायती इकोनॉमी रेट से कुल 33 विकेट चटकाए. इसमें से 7 मैचों में तो उन्होंने 26 विकेट अपने नाम किए थे, जो उनकी लगातार सटीक गेंदबाजी और बेहतरीन नियंत्रण को दर्शाता है. इसी सीजन में बिहार के खिलाफ उनका एक बेहद घातक स्पेल देखने को मिला, जहां उन्होंने महज 14 रन देकर 5 विकेट झटके और पंजाब को मैच में पूरी तरह से हावी कर दिया.
इस सफलता के पीछे गुरनूर की कड़ी मेहनत है
गुरनूर की इस सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत तो है ही, लेकिन साथ ही भारतीय कप्तान शुभमन गिल के साथ उनका एक पुराना और गहरा कनेक्शन भी है. कुछ समय पहले टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए गुरनूर ने खुद इस बात का खुलासा किया था कि कैसे जूनियर क्रिकेट के दिनों से शुभमन गिल ने आगे बढ़ने में उनकी मदद की. गुरनूर ने बताया था कि वे अंडर-19 के दिनों से शुभमन गिल को नेट पर गेंदबाजी कर रहे थे. जब गिल भारत की अंडर-19 टीम में खेल रहे थे, तब उन्होंने कुछ काटोच शील्ड मैचों में हिस्सा लिया था. वहां उन्होंने गुरनूर की गेंदबाजी देखी और उन्हें स्टेट टीम में शामिल करवाने में मदद की. इसके बाद गुरनूर मोहाली के लिए खेले और फिर उनका चयन पंजाब की अंडर-23 टीम में हो गया.
गुरनूर रेड और व्हाइट गेंद दोनों से कहर बरपाने का माद्दा रखते हैं
गुरनूर सिर्फ लाल गेंद से ही नहीं, बल्कि सफेद गेंद (व्हाइट-बॉल क्रिकेट) से भी कहर बरपाने में माहिर हैं. साल 2024 के शेर-ए-पंजाब टी20 लीग में उन्होंने अपनी रफ्तार का जलवा बिखेरा और टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने. उन्होंने महज 11 मैचों में 14 की लाजवाब औसत और 7.33 की इकोनॉमी रेट से 22 विकेट चटकाए.हर फॉर्मेट में मिल रही इस कामयाबी ने उन्हें पंजाब के सबसे भरोसेमंद गेंदबाजों की कतार में खड़ा कर दिया.
इस मुकाम पर पहुंचने से पहले गुरनूर ने काफी संघर्ष किया है
पेशेवर क्रिकेट के इस ऊंचे मुकाम पर पहुंचने से पहले गुरनूर ने काफी संघर्ष भी किया है. साल 2019 के आईपीएल सीजन में उन्होंने मुंबई इंडियंस के साथ एक नेट बॉलर के तौर पर काम किया, जहां उन्हें बड़े बल्लेबाजों को गेंदबाजी करने का अनुभव मिला. इसके बाद साल 2022 में उन्होंने गोवा के खिलाफ अपना लिस्ट-ए डेब्यू किया और रेलवे के खिलाफ अपना पहला फर्स्ट-क्लास मैच खेला.
गेंदबाजी के साथ निचले क्रम में ताबड़तोड़ रन भी बनाते हैं गुरनूर
गुरनूर की एक और खासियत यह है कि वे सिर्फ गेंद से ही नहीं, बल्कि निचले क्रम में बल्ले से भी उपयोगी योगदान देने की क्षमता रखते हैं. साल 2023 में जम्मू-कश्मीर के खिलाफ खेले गए एक रणजी ट्रॉफी मैच में जब पंजाब की टीम मुश्किल में थी, तब गुरनूर ने संकटमोचक की भूमिका निभाते हुए 64 रनों की बेहद महत्वपूर्ण पारी खेली. उन्होंने सिद्धार्थ कौल के साथ मिलकर 100 रनों की शतकीय साझेदारी की और पंजाब को चार विकेट से एक यादगार जीत दिलाई.
पंजाब किंग्स ने रिप्लेसमेंट के तौर पर शामिल किया था
उनकी इस प्रतिभा को आईपीएल फ्रेंचाइजियों ने भी खूब पहचाना. साल 2023 में पंजाब किंग्स ने राज बावा के चोटिल होने के बाद गुरनूर बरार को रिप्लेसमेंट के तौर पर 20 लाख रुपये में अपनी टीम में शामिल किया था. उसी सीजन में उन्होंने लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ अपना आईपीएल डेब्यू किया. घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में लगातार अच्छे प्रदर्शन का इनाम उन्हें 2025 की आईपीएल नीलामी में मिला, जहां गुजरात टाइटंस ने भारी बोली लगाते हुए उन्हें 1 करोड़ 30 लाख रुपये की बड़ी रकम में अपने साथ जोड़ा.
गुरनूर के लिए नए अध्याय की शुरुआत है
घरेलू सर्किट और आईपीएल में लगातार प्रभावित करने के बाद गुरनूर को ‘इंडिया ए’ टीम में जगह मिली और वहां भी शानदार प्रदर्शन के दम पर आखिरकार उन्होंने सीनियर भारतीय टीम का दरवाजा खटखटाया. धर्मशाला के खूबसूरत मैदान पर अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज इस युवा तेज गेंदबाज के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत है.










