वर्ल्ड कप के ब्लूप्रिंट पर काम अफगानिस्तान सीरीज से शुरु, एलर्ट पर गंभीर-गिल

नई दिल्ली. महिला टी20 वर्ल्ड कप के रोमांच के बीच, भारतीय पुरुष टीम भी अपने एक बड़े सफर की शुरुआत करने जा रही है. साल 2027 में दक्षिण अफ्रीका में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए, टीम इंडिया अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज़ से अपने अभियान का आगाज़ करेगी.  लेकिन इस बार चुनौती सिर्फ विपक्षी टीम नहीं, बल्कि अपनी ही कमियों से लड़ने की भी है क्योंकि 2023 वर्ल्ड कप की टीस अब भी कहीं न कहीं बाकी है.

भारत ने पिछले 15 सालों से 50 ओवर का वर्ल्ड कप नहीं जीता है, और ऐसे में अब टीम के सामने कई सवाल खड़े हैं जिसमें  सबसे बड़ा मुद्दा है फिटनेस. रोहित शर्मा इस सीरीज़ के लिए उपलब्ध हैं, लेकिन विराट कोहली और हार्दिक पांड्या जैसे अहम खिलाड़ी बाहर हैं. कोहली की जगह यशस्वी जायसवाल ले सकते हैं, लेकिन हार्दिक की कमी कौन पूरी करेगा? क्या नितीश कुमार रेड्डी उस भूमिका में फिट बैठते हैं, या टीम को कोई और विकल्प तलाशना होगा?

2027 वर्ल्ड कप का रोडमैप

वनडे टीम का संतुलन अभी पूरी तरह से तय नहीं दिखता. सवाल ये भी है कि क्या हर पोज़िशन के लिए बैकअप तैयार होना चाहिए? शुभमन गिल की कप्तानी और गौतम गंभीर की कोचिंग में अगले 14 महीनों में टीम का ढांचा किस दिशा में जाएगा, ये देखना दिलचस्प होगा. टी20 क्रिकेट में भारत ने पिछले एक साल में एक स्पष्ट रणनीति अपनाई थी हाई-रिस्क, हाई-रिवॉर्ड और उसमें सफलता भी मिली लेकिन क्या यही फॉर्मूला वनडे में भी काम करेगा? 2023 वर्ल्ड कप में रोहित शर्मा ने आक्रामक शुरुआत का जो टेम्पलेट दिया था, उसने टीम को फाइनल तक पहुंचाया अब सवाल है क्या वही तरीका आगे भी अपनाया जाएगा? क्या 280 का स्कोर अब 325 में बदल चुका है?

गिल-गंभीर का टेस्ट 

गौतम गंभीर को एक शानदार टी20 रणनीतिकार माना जाता है, लेकिन 50 ओवर के खेल में उन्हें खुद को साबित करना बाकी है. वहीं कप्तान शुभमन गिल के लिए भी ये एक बड़ा टेस्ट है उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में कप्तानी का दम दिखाया है, लेकिन वनडे टीम पर पकड़ मजबूत करने के लिए उन्हें और काम करना होगा. अफगानिस्तान के खिलाफ ये तीन मुकाबले सिर्फ एक सीरीज़ नहीं, बल्कि एक प्रयोगशाला की तरह होंगे. यहां टीम को अपनी कमजोरियों को पहचानने और उन्हें सुधारने का मौका मिलेगा. इंग्लैंड दौरे से पहले सही कॉम्बिनेशन तलाशना बेहद जरूरी है.

हॉकी का फॉर्मूला

हॉकी टीम का उदाहरण सामने है, जहां कोच क्रेग फुल्टन के नेतृत्व में भारत ने ऑस्ट्रेलिया में खराब प्रदर्शन किया, लेकिन उसी अनुभव से सीखकर पेरिस ओलंपिक में शानदार खेल दिखाते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीता. यही अप्रोच क्रिकेट में भी अपनानी होगी. आने वाले छह महीने भारत के लिए बेहद अहम हैं टीम को बल्लेबाजी क्रम, गेंदबाजी संयोजन और बैकअप खिलाड़ियों पर काम करना होगा. अगर भारत को 2027 वर्ल्ड कप जीतना है, तो हर दिन, हर मैच और हर फैसले में सुधार लाना होगा और इस सफर की शुरुआत अब हो चुकी है.

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dainikupeditor@gmail.com

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