लखनऊः उत्तर प्रदेश में मानसून का प्रभाव अभी भी असरदार नजर आ रहा है. आलम यह है कि कई जिलों में बाढ़ का संकट गहरा गया है. इस बीच मौसम विभाग ने एक बार फिर मूसलाधार बारिश, तेज हवा और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक कई जिलों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. आकाशीय बिजली गिरने और बारिश की भी संभावना जताई गई है. वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, बलिया, प्रतापगढ़, चित्रकूट, महोबा, बांदा, हमीरपुर और झांसी समेत कई जिलों में मध्यम से तेज बारिश की संभावना जताई गई है.
कानपुर, लखनऊ, उन्नाव में हो सकती है बारिश
वहीं कानपुर, लखनऊ, उन्नाव, प्रयागराज, मिर्जापुर, सोनभद्र, अयोध्या, गोरखपुर, बस्ती, कुशीनगर, सीतापुर, बहराइच समेत प्रदेश के कई अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक का अनुमान है. पश्चिमी यूपी के मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, बागपत, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, शामली और सहारनपुर में भी मौसम बिगड़ने की चेतावनी जारी की गई है. लोगों को तेज हवा और आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
देश से कब वापस जाएगा मानसून
मौसम विभाग का कहना है कि सूबे में 27 अगस्त तक हल्की से तेज बारिश हो सकती है. वहीं एक्यूवेदर की रिपोर्ट के मुताबिक 27 अगस्त से चार दिसंबर तक सूबे में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है. मौसम विभाग के एक अधिकारी के अनुसार यदि कोई नया मौसमी सिस्टम विकसित नहीं हुआ तो मानसून अगले महीने उत्तर-पश्चिम भारत से सामान्य समय से कुछ दिन पहले वापसी शुरू कर सकता है.
बंगाल की खाड़ी में किस तरह की हलचल
वैसे आमतौर पर उत्तर-पश्चिम भारत से मानसून की वापसी करीब 17 सितंबर के आसपास शुरू होती है और अक्तूबर के मध्य तक पूरे देश से मानसून वापस चला जाता है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र आगे बढ़ने के साथ उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से की तरफ खिसक गया है.









