नई दिल्ली. पाकिस्तान क्रिकेट में जारी घमासान और इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में नाकामी के बीच पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी चौतरफा घिर गए हैं. अपने मजाकिया और तीखे बयानों के लिए मशहूर ‘आइसलैंड क्रिकेट’ ने एक काल्पनिक चैलेंज पोस्ट कर पीसीबी की चयन रणनीति और प्रशासनिक फैसलों की जमकर खिल्ली उड़ाई. बीच दौरे से खिलाड़ियों को बाहर करने और नकवी द्वारा आलोचनाओं के बचाव में दिए गए बयानों के बाद यह तंज सामने आया है. आइसलैंड क्रिकेट के इस वार ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की फजीहत को और बढ़ा दिया है.
पीसीबी ( PCB) के 7 खिलाड़ियों के इंग्लैंड से वापस बुलाए जाने के बाद अपने तीखे और हास्यपूर्ण बयानों के लिए मशहूर आइसलैंड क्रिकेट ने पीसीबी और उसके चेयरमैन मोहसिन नकवी (Mohsin Naqvi) को आड़े हाथों लिया. उन्होंने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक काल्पनिक और मजेदार चुनौती पोस्ट करते हुए लिखा, ‘हम तटीय क्षेत्र के क्रिकेटरों के लिए एक नई क्रिकेटिंग चुनौती शुरू करने जा रहे हैं. आप बस एक आइसबर्ग को पार कर लीजिए और आपको मोहसिन नकवी से मिलकर चयन रणनीति सीखने के लिए सभी खर्चों से मुक्त एक शैक्षणिक यात्रा का अवसर मिलेगा. अगर आपकी इच्छा हो तो यह यात्रा केवल एक तरफ (वन-वे) की भी हो सकती है.’ इस तंज ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया और पीसीबी की चयन प्रक्रिया का जमकर मजाक उड़ाया.
मोहसिन नकवी की आइसलैंड क्रिकेट ने की फजीहत.
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आलोचनाओं पर नकवी का तीखा पलटवार
इस बीच, बोर्ड पर हो रहे चौतरफा हमलों से बौखलाए पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी ने चुप्पी तोड़ी. लंदन में मीडिया से बातचीत के दौरान वे आलोचकों पर बुरी तरह से उखड़ गए. उन्होंने तीखे लहजे में कहा कि जो लोग जीवन में खुद कभी कुछ हासिल नहीं कर पाए हैं, वही आज टीम और बोर्ड की आलोचना कर रहे हैं. नकवी ने टीम का बचाव करने के लिए अन्य टीमों के उदाहरण दिए और यहां तक दावा कर दिया कि भारत जैसी मजबूत टीम भी हाल ही में आयरलैंड जैसी छोटी टीम से टी-20 मैच हार गई थी, इसलिए महज कुछ हार से किसी टीम के अस्तित्व पर सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए.
आंकड़ों के सहारे टीम के सुधार का दावा
अपनी बात को मजबूती से रखने के लिए उन्होंने आंकड़ों का सहारा लिया और दावा किया कि पाकिस्तान क्रिकेट में गिरावट नहीं बल्कि सुधार हुआ है. उन्होंने कहा कि एक समय था जब उनकी वनडे रैंकिंग गिरकर आठवें स्थान पर पहुंच गई थी, लेकिन अब टीम सुधरकर पांचवें स्थान पर आ चुकी है. पिछले छह वनडे सीरीज के प्रदर्शन का ब्यौरा देते हुए उन्होंने बताया कि पाकिस्तान ने इनमें से चार में शानदार जीत दर्ज की है. नकवी के अनुसार, सिर्फ कुछ चुनिंदा मैचों की बात छोड़ दें तो टीम की सफलता की दर, जो पहले महज 24 प्रतिशत के निचले स्तर पर थी, अब बढ़कर सीधे 73 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है.
आलोचकों और पूर्व दिग्गजों को दो टूक जवाब
आंकड़ों की यह तस्वीर पेश करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रदर्शन इतना सुधरा है, तो फिर यह कहना कैसे जायज है कि पाकिस्तान का क्रिकेट पूरी तरह खत्म हो चुका है? उन्होंने प्रशंसकों और आलोचकों से अपील की कि वे खिलाड़ियों का मनोबल तोड़ना बंद करें. गौरतलब है कि शाहिद अफरीदी, मोहम्मद यूसुफ और राशिद लतीफ जैसे कई महान पूर्व पाकिस्तानी खिलाड़ी लगातार टीम के प्रदर्शन और चयन नीति पर उंगलियां उठा रहे थे, जिस पर नकवी ने कहा कि बिना किसी उपलब्धि वाले लोगों का इस तरह बात करना पूरी तरह से तर्कहीन है.
चयन की गलतियों और जवाबदेही पर स्वीकारोक्ति
बयानों की इस गरम-गरमी के बीच मोहसिन नकवी ने यह बात जरूर स्वीकार की कि चयन प्रक्रिया में कभी-कभी इंसानी गलतियां हो जाती हैं. उन्होंने माना कि वे बोर्ड के प्रमुख होने के नाते इन गलतियों के लिए पूरी तरह जवाबदेह हैं और इस दिशा में काम करने की जरूरत है. उन्होंने साफ कहा कि अगर खिलाड़ी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं करते हैं, तो उन्हें टीम से बाहर का रास्ता दिखाना ही पड़ता है.
नंबर-1 बनने की प्रक्रिया में धैर्य की अपील
आलोचकों को संयम बरतने की सलाह देते हुए नकवी ने अंत में याद दिलाया कि रातों-रात करिश्मा नहीं होता. किसी भी टीम को नवें नंबर से उठाकर सीधे नंबर वन के पायदान पर पहुंचाना तीन या छह महीने का काम नहीं है, बल्कि इसके लिए एक लंबी और धैर्यपूर्ण प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है. लेकिन इन तमाम दलीलों के बावजूद, इंग्लैंड के हाथों मिली हार और खिलाड़ियों को बीच दौरे से वापस बुलाने के ड्रामा ने पाकिस्तान क्रिकेट के भीतर मचे घमासान को पूरी दुनिया के सामने बेनकाब कर दिया है.









