मां टेलर, पिता ड्राइवर, बेटे ने सीयूईटी-NIMCET में किया टॉप, अब NIT से करेगा एमसीए

Last Updated:July 03, 2026, 10:07 IST

NIMCET Result 2026 Success Story: कानपुर के एक बेहद साधारण परिवार के लाल निखिल अग्रवाल ने देश की सबसे कठिन एमसीए प्रवेश परीक्षा NIMCET में ऑल इंडिया रैंक 6 हासिल की है. उनके पिता ड्राइवर हैं और मां सिलाई करती हैं. जानिए संघर्ष से सफलता की बेहद इंस्पायरिंग स्टोरी.

NIMCET Result 2026: कानपुर के निखिल अग्रवाल ने निमसेट में छठी रैंक हासिल की है

नई दिल्ली (NIMCET Result 2026 Success Story). हौसलों में उड़ान हो तो तंगहाली और मजबूरियां भी आपके कदम नहीं रोक सकतीं. ऐसा ही कुछ कर दिखाया है उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर के रहने वाले एक बेहद साधारण और होनहार छात्र निखिल अग्रवाल ने. निखिल ने देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन एमसीए प्रवेश परीक्षा यानी निमसेट (NIMCET) में देशभर में ऑल इंडिया रैंक 6 हासिल की है. इस उपलब्धि से उन्होंने अपने परिवार और शहर का नाम रोशन कर दिया है.

निखिल अग्रवाल के घर की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है. ऐसे में उनकी कामयाबी और भी खास बन जाती है. निखिल अग्रवाल के पिता मुकेश कुमार अग्रवाल रोजी-रोटी के लिए ड्राइविंग का काम करते हैं, जबकि उनकी मां माधुरी अग्रवाल घर पर सिलाई-कढ़ाई करके परिवार का हाथ बंटाती हैं. एक छोटे से मकान में, बिना किसी आलीशान सुख-सुविधा के, सिर्फ अपनी किताबों और कड़ी मेहनत के दम पर निखिल ने यह मुकाम हासिल किया है. पढ़िए कानपुर के निखिल अग्रवाल की सक्सेस स्टोरी.

एनआईटी से करेंगे एमसीए

निखिल अग्रवाल कानपुर के कल्याणपुर निवासी हैं. उनके पिता 10वीं पास और मां 5वीं पास हैं. घर की माली हालत ऐसी है कि रोज की जरूरतें पूरी करने के लिए भी माता-पिता को काफी मशक्कत करनी पड़ती है. निखिल ने बचपन से ही अपने माता-पिता का संघर्ष बहुत करीब से देखा था. उन्होंने तभी तय कर लिया था कि वे अपनी पढ़ाई के दम पर एक दिन इस गरीबी को जरूर दूर करेंगे. निखिल ने निमसेट में छठी रैंक हासिल की है. यह एमसीए का सबसे कठिन एंट्रेंस टेस्ट है. अब वह एनआईटी त्रिची से एमसीए करेंगे.

पढ़ाई-लिखाई में बेहद होशियार हैं निखिल

निखिल अग्रवाल ने कानपुर के गार्डेनिया स्कूल से पढ़ाई की है. 10वीं में 86% और 12वीं में 90% हासिल करने वाले निखिल मल्टीनेशनल कंपनी में अफसर बनना चाहते हैं. उन्होंने बीसीए में एडमिशन के लिए सीयूईटी यूजी परीक्षा दी थी. रिजल्ट में देरी होने पर छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी (CSJMU) में दाखिला लिया था. फिर जब सीयूईटी यूजी रिजल्ट आया तो उन्हें दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन मिल रहा था. बीसीए फर्स्ट ईयर में उन्हें निमसेट की जानकारी मिली तो उसकी तैयारी में जुट गए थे.

ट्यूशन पढ़ाकर भरी फीस

निखिल अग्रवाल ने निमसेट 2026 की तैयारी के लिए कोचिंग का सहारा लिया था. एमसीए प्रवेश परीक्षा की कोचिंग फीस भरने के लिए वह ट्यूशन पढ़ाते थे. निखिल अग्रवाल ने इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, अपनी कठोर मेहनत, अनुशासन, सख्त टाइमटेबल और टीचर्स के गाइडेंस को दिया. कोचिंग संचालक ने निखिल की मेहनत और आर्थिक स्थिति को देखते हुए उनकी फीस का एक बड़ा हिस्सा माफ कर दिया था. इससे उन्हें बहुत मदद मिली और उनके लिए तैयारी को ज्यादा समय डेडिकेट करना आसान हो गया.

सीयूईटी पीजी में भी हो चुके हैं सफल

निखिल अग्रवाल के लिंक्डइन अकाउंट पर दर्ज जानकारी के अनुसार, वह सीयूईटी पीजी परीक्षा भी दे चुके हैं. इसमें उनकी ऑल इंडिया रैंक 90 थी. CSJMU MCA Entrance में रैंक 3 थी. 8.96 सीजीपीए के साथ उन्होंने बीसीए में ग्रेजुएशन किया है. वह सिल्वर मेडलिस्ट भी रहे हैं. निखिल अग्रवाल आईआईटी कानपुर में इंटर्नशिप भी कर चुके हैं. उन्होंने अपनी टॉप स्किल्स में Python (प्रोग्रामिंग लैंग्वेज), वेब डेवलपमेंट, डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम (DBMS) औ र वेबसाइट बिल्डिंग का जिक्र किया है.

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Deepali PorwalSenior Sub Editor

Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is known for her versat…और पढ़ें

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