बस 6 दिन और फिर… नोएडा जिला अस्पताल में ही होगी 3 प्रकार के कैंसर की जांच, जान लें सब

Last Updated:May 08, 2026, 09:59 IST

Noida News: नोएडा जिला अस्पताल में तीन प्रकार के कैंसर की जांच शुरू होगी. इससे कैंसर के मरीजों को कहीं और नहीं जाना पड़ेगा. बस 6 दिन का इंतजार करना है. इसके लिए राष्ट्रीय कैंसर रोकथाम एवं शोध संस्थान के डॉक्टरों ने अस्पताल का जायजा लिया. अगले हफ्ते एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे. वहीं, बाल चिकित्सालय थैलेसीमिया फेलोशिप शुरू करने वाला है.

नोएडा जिला अस्पताल.

नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा जिला अस्पताल से कैंसर के मरीजों के लिए अच्छी खबर आई है. यहां 15 मई के बाद तीन तरह के कैंसर की जांच (स्क्रीनिंग) शुरू होगी. इसके लिए राष्ट्रीय कैंसर रोकथाम एवं शोध संस्थान के डॉक्टरों ने अस्पताल का जायजा भी लिया. अगले हफ्ते जिला अस्पताल और कैंसर संस्थान के बीच एमओयू हस्ताक्षर होंगे.

बता दें, जिला अस्पताल और कैंसर संस्थान दोनों ही सेक्टर-39 में हैं. ऐसे में कैंसर की स्क्रीनिंग के लिए कैंसर संस्थान के डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी आएंगे. इसके लिए स्थान जिला अस्पताल देगा. संदिग्ध मरीजों की जांच की जाएगी. पुष्टि होने की स्थिति में मरीजों को दिल्ली स्थित सरकारी कैंसर अस्पतालों में इलाज के लिए भेजा जा सकता है.

जिला अस्पताल में मुंह, सर्वाइकल और स्तन कैंसर की स्क्रीनिंग की जाएगी. कैंसर संस्थान में इन तीनों तरह के कैंसर की ओपीडी सोमवार से शुक्रवार तक चलती है. वहीं, जिला अस्पताल के संदिग्ध कैंसर मरीजों को परामर्श के लिए कैंसर संस्थान में भेजा जाता है. अस्पताल में कैंसर स्क्रीनिंग की शुरुआत की योजना करीब एक दशक पहले भी बनाई गई थी, लेकिन उस समय इसकी शुरुआत नहीं हो पाई थी. लिहाजा कैंसर संस्थान ने स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में शिविर लगाकर कैंसर जांच शुरू की थी. जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अजय राणा ने बताया कि एमओयू पर हस्ताक्षर के बाद कैंसर जांच शुरू की जाएगी. इसका लाभ जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को मिलेगा.

थैलेसीमिया फेलोशिप होगी शुरू
अंतरराष्ट्रीय थैलेसीमिया संघ (टीआईएफ) और बाल चिकित्सा एवं स्नातकोत्तर संस्थान थैलेसीमिया फेलोशिप शुरू करेगा. बाल चिकित्सालय पहले से ही टीआईएफ के सहयोगी केंद्र के रूप में काम कर रहा है. फेलोशिप के तहत 10 दिनों का प्रशिक्षण कार्यक्रम दो से 13 नवंबर तक बाल चिकित्सालय में होगा.

फेलोशिप कार्यक्रम में शामिल होने वाले डॉक्टरों को इलाज, केस-आधारित चर्चा, हीमोग्लोबिनोपैथी से पीड़ित रोगियों की व्यापक देखभाल में शामिल अनुभवी विशेषज्ञों के मार्गदर्शन का लाभ मिलेगा. फेलोशिप से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम बाल कैंसर रोग विभाग की प्रमुख डॉ. नीता राधाकृष्णन की देखरेख में होंगे.

  • थैलेसीमिया में फैलोशिप देने वाला बाल चिकित्सा एवं स्नातकोत्तर संस्थान देश का पहला संस्थान बन जाएगा.
  • यह फेलोशिप भारतभर के डॉक्टरों को ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन, कीलेशन थेरेपी, आयरन ओवरलोड मॉनिटरिंग, एंडोक्राइन जटिलताओं, रोकथाम रणनीतियों और हेमेटोपोएटिक स्टेम सेल प्रत्यारोपण में व्यावहारिक बहु-विषयक प्रशिक्षण प्रदान करेगी.
  • बाल चिकित्सा एवं स्नातकोत्तर संस्थान में वर्तमान में थैलेसीमिया से पीड़ित 524 मरीजों का इलाज चल रहा है.
  • ये मरीज अलग-अलग राज्यों के हैं.
  • संस्थान ने थैलेसीमिया, एप्लास्टिक एनीमिया, कैंसर और रक्त संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए 110 स्टेम सेल प्रत्यारोपण किए गए हैं.

बाल चिकित्सा एवं स्नातकोत्तर संस्थान में थैलेसीमिया के इलाज के साथ ही संस्थान राष्ट्रीय थैलेसीमिया कल्याण सोसायटी के साथ मिलकर जिला अस्पताल की ओपीडी में आने वाली महिलाओं की प्रसवपूर्व स्क्रीनिंग भी कर रहा है. ताकि प्रसव से पहले ही इस बीमारी के बारे में जानकारी मिल सके. इसके अलावा विवाह से पहले भी इससे संबंधित जांच को लेकर जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है.

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काव्‍या मिश्रा

Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें

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