Last Updated:October 02, 2025, 17:11 IST
आज की पीढ़ी को भानु चंदर शायद न पता हो, लेकिन दो दशक पहले की बात करें तो टॉलीवुड में भानु चंदर एक सनसनी थे. खासकर 80 और 90 के दशक में भानु चंदर के बारे में न जानने वाला दर्शक शायद ही कोई था.
अब भानु चंदर को लोग केवल एक कैरेक्टर आर्टिस्ट के रूप में जानते हैं. लेकिन हीरो के रूप में उन्होंने जो रिकॉर्ड बनाए और उस समय उनकी जो क्रेज थी, वह शायद ही किसी को पता हो. भानु चंदर ने बापू के निर्देशन में बनी ‘मन ऊरी पांडवुलु’ फिल्म से इंडस्ट्री में एंट्री की.
इस फिल्म में उन्होंने कृष्णम राजू और चिरंजीवी के साथ स्क्रीन शेयर की. पहली ही फिल्म से उन्होंने तेलुगु में अच्छी पहचान बनाई. इसके बाद कृष्णम राजू के हीरो वाली फिल्म ‘बेब्बुली’ ने भानु चंदर को लाइमलाइट में ला दिया. इस फिल्म में उन्होंने शंकर का रोल निभाया.
इसके बाद ‘आडवाळ्लु मीकु जोहार्लु’, ‘सत्यं शिवं’, ‘गुडाचारी नं.1’ जैसी फिल्मों में लगातार काम किया. फिर ‘स्वाति’ नाम की फीमेल ओरिएंटेड फिल्म रिलीज हुई. इस फिल्म में भानु चंदर और सुहासिनी ने हीरो-हीरोइन का किरदार निभाया. इस फिल्म ने भानु चंदर को अच्छी क्रेज दिलाई, लेकिन स्टार हीरो नहीं बना पाई. इसके बाद वह फिर से कैरेक्टर आर्टिस्ट के रूप में व्यस्त हो गए.
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दो साल बीत गए. फिर आई ‘निरिक्षण’ नाम की फिल्म. बालू महेंद्र के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने उस समय रिकॉर्ड तोड़ दिए. इस फिल्म में भानु चंदर की एक्टिंग बेमिसाल थी. मुरली कृष्ण के रोल में उन्होंने ऐसा अभिनय किया कि लोग सोचने लगे कि वह अभिनय कर रहे हैं या जी रहे हैं.
इस फिल्म ने भानु चंदर को रातोंरात स्टार हीरो बना दिया. इसके बाद ‘कीचुराल्लु’ फिल्म ने भी भानु चंदर को अच्छी पॉपुलैरिटी दिलाई. लेकिन… उसी फॉर्मूला को अपनी अगली फिल्मों में भी जारी रखकर टॉलीवुड में एक और स्टार के रूप में चमकेंगे, ऐसा सबने सोचा. लेकिन बैक टू बैक फ्लॉप्स के कारण वह हीरो के रूप में आगे नहीं बढ़ पाए.
इसके बाद हीरो के रूप में उनके अवसर कम हो गए. लेकिन कैरेक्टर आर्टिस्ट के रूप में वह हमेशा व्यस्त रहे. कैरेक्टर आर्टिस्ट के रूप में उन्होंने ‘देवी’, ‘सिंहाद्री’, ‘स्टाइल’, ‘दुबई सीनू’ जैसी तेलुगु फिल्मों में अच्छे रोल किए. भानु चंदर के बेटे भी तेलुगु में क्रेजी हीरो हैं, यह बात बहुत कम लोगों को पता है.
भानु चंदर के बेटे का नाम जयंत है. जयंत ने ‘ना कोडुकु बंगारम’ फिल्म से तेलुगु में एंट्री की. लेकिन यहां एक और ट्विस्ट है… इस फिल्म के निर्देशक भी भानु चंदर ही थे.
इसके साथ ही उन्होंने तमिल में ‘मार्गाजी 16’ नाम की रोमांटिक थ्रिलर फिल्म भी की. लेकिन तेलुगु और तमिल दोनों में फ्लॉप फिल्मों के साथ डेब्यू करने के कारण जयंत हीरो के रूप में अपना करियर जारी नहीं रख पाए.
First Published :
October 02, 2025, 17:11 IST










