मऊ: सरकार द्वारा प्रत्येक ग्राम सभा में जल जीवन मिशन के तहत पानी की टंकी लगाई गई, जिससे ग्रामीणों को पानी की समस्या न हो. लेकिन मऊ जनपद के इंदारा ग्राम सभा में पानी की टंकी तो बनाई गई, लेकिन उसे अधूरा छोड़ दिया गया जिससे ग्रामीणों को पानी की समस्या हो रही है. ऐसे में आइए जानते हैं ग्रामीण क्या मांग कर रहे हैं.
पानी की टंकी से पानी की सप्लाई न होने से ग्रामीण परेशान
लोकल 18 से बात करते हुए ग्रामीण रामपुकार ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत स्थापित पानी की टंकी और बिछाई गई पाइपलाइन ग्रामीणों की प्यास नहीं बुझा पा रही है. घर-घर पाइपलाइन और टोटियां तक नहीं लगाई गई हैं. अब पेयजल संकट के कारण लोगों को खाना बनाने, कपड़े धोने तथा बच्चों को स्कूल भेजने जैसी दैनिक जरूरतों के लिए भी मुश्किलें उठानी पड़ रही हैं.
653 लाख की लागत से बनी टंकी डेढ़ साल से अधूरी
लगभग 653 लाख की लागत से बनाई जा रही पानी की टंकी लोगों के लिए जीवनदायिनी साबित होने वाली थी, लेकिन इसे अधूरा ही छोड़ दिया गया और लगभग डेढ़ वर्षों से ऐसे ही बंद पड़ी है. कभी-कभी यहां कर्मचारी आते हैं और फोटो और वीडियो बनाते हैं और चले जाते हैं, लेकिन अधूरी टंकी होने की वजह से ग्रामीणों को पानी की तमाम समस्याएं हो रही हैं.
जलस्तर नीचे जाने से बढ़ी पानी की समस्या
वर्तमान में स्थिति यह है कि पानी का वाटर लेवल नीचे चला गया है. इस वजह से चार नंबर की मशीन पानी छोड़ देती है. एक-दूसरे के घर से पानी लाकर इस्तेमाल किया जाता है. यदि यह पानी की टंकी शुरू हो जाए और गांव-गांव तक डोर-टू-डोर पानी की सप्लाई होने लगे तो लोगों को शुद्ध जल मिलने लगेगा तथा पानी की हर समस्या समाप्त हो जाएगी.
टंकी का निर्माण पूरा होने का ग्रामीण कर रहे इंतजार
लक्ष्मण राजभर और अमित बताते हैं कि जब इस पानी की टंकी बनाने की शुरुआत की गई तो पूरे गांव में खुशी की लहर छा गई. कुछ दिनों तक तो बहुत तेजी से कार्य हुआ. ऐसा लगा कि बहुत जल्दी यह पानी की टंकी शुरू कर दी जाएगी और लोगों को घर-घर पानी मिलना शुरू हो जाएगा. कुछ दिन कार्य होने के बाद ऐसे ही अधूरी पानी की टंकी को छोड़कर ठेकेदार और कर्मचारी चले गए.
जल्द टंकी शुरू कराने की ग्रामीणों ने की मांग
अब यह अधूरी पानी की टंकी ग्रामीणों के लिए मुसीबत बनी हुई है. यदि टंकी पूरी हो जाती तो गांव वालों को पानी सही समय पर और शुद्ध मिलने लगता. ऐसे में ग्रामीणों की मांग है कि इस पानी की टंकी को जल्द से जल्द चालू कराया जाए, जिससे पानी की जो समस्याएं ग्रामीणों को हो रही हैं, वह समाप्त हो जाएं.










