नई दिल्ली. पाकिस्तान क्रिकेट टीम में एक बार फिर विवादों का तूफान खड़ा हो गया है. इस बार निशाना बने हैं ओपनर इमाम-उल-हक और स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान. इंग्लैंड के खिलाफ जारी तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के दूसरे मुकाबले के दौरान शुरू हुआ विवाद अब इस कदर बढ़ चुका है कि इमाम पर इंटरनेशनल क्रिकेट से दो साल तक का प्रतिबंध लगाने की तैयारी की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ रिजवान का अंतरराष्ट्रीय करियर पूरी तरह खत्म होने के कगार पर पहुंच गया है.
पूरा मामला लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेले गए दूसरे टेस्ट मैच से जुड़ा है. जो रूट की कप्तानी वाली इंग्लैंड टीम के खिलाफ इमाम-उल-हक (Imam ul haq) को पाकिस्तान की अंतिम एकादश में शामिल किया गया था. हालांकि, मैच के पहले ही दिन दूसरे सत्र के बाद से वह मैदान पर नजर नहीं आए. इसके बाद पिंडली में चोट का हवाला देते हुए वह दोनों पारियों में बल्लेबाजी करने भी क्रीज पर नहीं उतरे.
फर्जी चोट का बहाना बनाने वाले ओपनर पर पीसीबी दो साल का बैन लगा सकता है.
इससे पहले लीड्स में खेले गए सीरीज के पहले टेस्ट की दूसरी पारी में भी इमाम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था और वह बिना कोई रन बनाए शून्य पर पवेलियन लौट गए थे. लॉर्ड्स में अचानक मैदान से बाहर होने और बल्लेबाजी न करने के बाद खेल के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर सवाल उठने लगे थे.
पीसीबी ने गठित की उच्च स्तरीय जांच समिति
सामने आई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने इमाम की इस चोट को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है. बोर्ड को संदेह है कि खिलाड़ी ने मैदान से बचने के लिए फर्जी चोट का बहाना बनाया. मामले की तह तक जाने के लिए पीसीबी ने एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन कर दिया है. सूत्रों का कहना है कि अगर जांच रिपोर्ट में इमाम-उल-हक दोषी पाए जाते हैं, तो उन पर दो साल का लंबा प्रतिबंध लगाया जा सकता है. यह फैसला पाकिस्तान क्रिकेट में अनुशासन स्थापित करने के लिहाज से बेहद कड़ा कदम माना जा रहा है.
मार्च 2025 में भी लग चुके हैं ऐसे ही आरोप
इमाम-उल-हक के लिए यह पहला मौका नहीं है जब उन पर चोट का ड्रामा करने या बात को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने का आरोप लगा हो. इससे पहले मार्च 2025 में पाकिस्तान टीम के न्यूजीलैंड दौरे के दौरान भी उन पर ठीक ऐसा ही आरोप लगा था.
पीसीबी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, न्यूजीलैंड में सीमित ओवरों की सीरीज के दौरान एक इंडोर नेट सेशन में इमाम के दाहिने पैर के अंगूठे में मामूली चोट लगी थी. लेकिन उन्होंने अपनी बीमारी और दर्द के लक्षणों को डॉक्टरों के सामने अत्यधिक बढ़ा-चढ़ाकर और गलत तरीके से पेश किया, जिससे मेडिकल स्टाफ गुमराह हुआ. इस पुराने रिकॉर्ड के कारण ही लॉर्ड्स की घटना के बाद बोर्ड का शक और अधिक गहरा हो गया है.
टीम से छुट्टी और वतन वापसी
बर्मिंघम में होने वाले तीसरे और अंतिम टेस्ट मैच से पहले पीसीबी ने कड़ा फैसला लेते हुए कुल सात खिलाड़ियों को टेस्ट टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया है. इनमें इमाम-उल-हक भी शामिल हैं. टीम से ड्रॉप किए जाने के बाद इमाम इस हफ्ते ही इंग्लैंड से पाकिस्तान लौट आए हैं. उनके साथ सलमान अली आगा, मोहम्मद रिजवान (Mohammad Rizwan) और अली उस्मान जैसे अन्य खिलाड़ियों को भी स्वदेश वापस भेज दिया गया है.
मोहम्मद रिजवान के करियर पर भी संकट के बादल
दूसरी ओर, पाकिस्तान के पूर्व सीमित ओवरों के कप्तान मोहम्मद रिजवान के लिए भी खबरें अच्छी नहीं हैं. रिजवान के अनुशासन को लेकर टीम प्रबंधन और बोर्ड में भारी चिंता व्यक्त की जा रही है. हालिया मुकाबलों में उनके खराब शॉट चयन को लेकर मीडिया और पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों ने उनकी जमकर आलोचना की थी. ताजा रिपोर्टों में यह दावा किया गया है कि रिजवान का पाकिस्तान के लिए अंतरराष्ट्रीय करियर अब लगभग खत्म माना जा रहा है. उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होना तय है और निकट भविष्य में राष्ट्रीय चयनकर्ता उन्हें किसी भी प्रारूप में मौका देने के मूड में नहीं दिख रहे हैं.
पाकिस्तान क्रिकेट इस समय इंग्लैंड दौरे पर खेल के साथ-साथ अंदरूनी खींचतान, खराब फॉर्म और अनुशासनहीनता के गंभीर संकट से जूझ रहा है. अब देखना यह होगा कि जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद पीसीबी इन खिलाड़ियों के खिलाफ क्या अंतिम कदम उठाता है.









