नई दिल्ली. पिछले साल जनवरी में सैफ अली खान के घर में घुसे एक सिरफिरे ने उन पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया था. इस सनसनीखेज वारदात ने हर किसी को हिलाकर रख दिया था. इस हमले से सैफ बुरी तरह घायल हो गए थे और तुरंत उन्हें अस्पताल ले जाया गया था. लेकिन एक्टर का कहना है कि वह अब भी इस घटना से पूरी तरह नहीं उबर पाए हैं. हाल ही में एक इंटरव्यू में सैफ ने इस भयावह हादसे और इसके बाद अपने परिवार पर पड़े असर पर खुलकर बात की है. उन्होंने बताया कि उस घटना के बाद उनके दिल में डर बैठ गया है और आज भी चाकू देखते ही उनका रिएक्शन बदल जाता है.
बॉम्बे टाइम्स के साथ इंटरव्यू के दौरान जब पूछा गया कि इस जानलेवा हमले के बाद उन्होंने और उनके परिवार ने खुद को कैसे संभाला, तो सैफ ने कहा, ‘हम सभी ने इस पूरे हादसे का सामना बेहद मजबूती और समझदारी से किया. मुझे लगता है कि इस घटना का सबसे ज्यादा असर मेरी पत्नी (करीना कपूर) पर पड़ा था, क्योंकि वह स्वभाव से बेहद संवेदनशील हैं. हालांकि, हम काफी हद तक इस डर से बाहर निकल आए हैं, लेकिन यह सब किसी बुरे सपने जैसा था. सच कहूं तो मैं आज भी इससे 100 फीसदी नहीं उबर पाया हूं, क्योंकि अब जब भी मेरी नजर किसी चाकू पर पड़ती है, तो मेरा रिएक्शन बदल जाता है.’
सैफ अली खान ने बताया खौफनाक मंजर
सैफ ने आगे कहा कि कैसे वह मौत के मुंह में जाने से बाल-बाल बचे थे. उन्होंने बताया, ‘अक्सर जब मैं उस घटना के बारे में सोचता हूं, तो लगता है कि मैं कितना खुशनसीब था जो हमलावर का चाकू ही टूट गया. शायद वह दुनिया का सबसे बेकार चाकू रहा होगा. अगर उसके पास कोई असली रैंबो नाइफ होता, तो मेरी जान बचना नामुमकिन था. शरीर में चाकू कहीं भी घुस सकता था. उस सिरफिरे ने मुझ पर कई वार किए, शरीर पर हर तरफ कट लगे, लेकिन मेरी जान बच गई. मैं सोचकर हैरान रह जाता हूं कि किस्मत ने मेरा कितना साथ दिया. हालांकि, सिक्के का एक दूसरा पहलू भी है, दिल का एक कोना अब समझता है कि जो होना था वो हो गया और मैं उस हमलावर को खुशी-खुशी माफ करने के लिए भी तैयार हूं.’
बेड पर लेटे-लेटे क्या सोच रहे थे सैफ अली खान?
सैफ अली खान ने बताया कि हमले के बाद उन्हें लगने लगा था कि शायद अब उनका आखिरी वक्त आ चुका है. उन्होंने कहा, ‘उस खौफनाक मंजर के बाद मेरे अंदर एक गहरा अहसास जागा कि अब जिंदगी के हर पल को पूरी शिद्दत से जीना है. अस्पताल के बेड पर लेटे-लेटे मैं यही सोच रहा था कि ठीक होने के बाद दोस्तों के साथ बैठकर अच्छी वाइन पीनी है और जिंदगी का लुत्फ उठाना है. हालांकि, अगर उस रात मेरी सांसें थम भी जातीं तो मुझे कोई मलाल नहीं होता, क्योंकि मेरा मानना है कि एक योद्धा की मौत हमेशा गरिमामयी होती है.’
सैफ अली खान ने खुद को बताया किस्मतवाला
उन्होंने आगे कहा, ‘जब मैं खून में नहाया हुआ था, तब दिल में एक ही अहसास था कि वाह, क्या शानदार जिंदगी रही. मुझे लगा कि मुझे लाइफ में बहुत कुछ मिला और यह एक खूबसूरत सफर था. उस वक्त मेरी बस इतनी सी ख्वाहिश थी कि कोई मेरा हाथ थाम ले और मैं सुकून से दुनिया को अलविदा कह दूं. लेकिन, मैं कभी भी अपाहिज होकर जीना नहीं चाहता था. किस्मत ने मेरा साथ दिया और मैं इस बड़े खतरे से बच निकला.’
हमले के बाद अस्पताल में 5 दिन भर्ती थे सैफ अली खान
बताते चलें कि 16 जनवरी 2025 को बांद्रा स्थित सैफ अली खान के अपार्टमेंट में एक शख्स घुस आया था, जिसने उन पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया था. इस जानलेवा हमले के बाद सैफ अली खान को फौरन लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी इमरजेंसी सर्जरी हुई और 5 दिनों बाद उन्हें डिस्चार्ज मिला. वारदात के दो दिन बाद आरोपी मोहम्मद शरीफुल इस्लाम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में है.










