पत्‍थर के चूर्ण से बनाया जा रहा था ‘महानकली खोवा’, आपने भी तो खरीदकर नहीं खाया?

Last Updated:August 26, 2026, 11:29 IST

Nakli Khoya/Mawa News : रक्षा बंधन का त्‍योहार आ रहा है तो नकली खोया, पनीर, मिठाइयों और दूसरी चीजों के मामले भी बड़े पैमाने पर सामने आ रहे हैं. यूपी से सामने आया ये मामला तो पढ़कर आप सिर ही पकड़ लेंगे. खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छापेमारी में नकली खोवा, मावे का ऐसा मामला पकड़ा, जो हर किसी की जान से खिलवाड़ करने वाला है. इसे खाने वाला शख्‍स तो निश्चित ही अस्‍पताल में पहुंच जाता या पहुंचे भी होंगे. कहीं आपने भी तो इसे खरीदकर नहीं खाया, आइये जानते हैं..

नकली खोवा, मावा बनाने की फैक्‍ट्री का बड़ा खुलासा.

Nakli Khoya/Mawa : रक्षाबंधन के त्योहार से पहले फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट को छापेमारी में ऐसी-ऐसी चीजें मिल रही हैं, जिन्‍हें देखकर अधिकारी माथा पकड़ ले रहे हैं. अलीगढ़ में भी कुछ ऐसा ही हुआ है. यहां खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की टीम ने खोवा/खोया बनाने की फैक्‍ट्री पर छापा मारा. यहां उसे पता चला कि ये खोवा तो मिलावटी है, जिसका उसने भंडाफोड़ किया. थाना विजयगढ़ क्षेत्र के नगला भूरा में टीम ने यह छापेमारी की और करीब 1800 किलो मिलावटी खोवा मौके पर ही नष्ट कराया. लेकिन इसमें सबसे बड़ा फैक्‍ट ये है कि यह खोवा एक पत्‍थर के पाउडर से तैयार किया जा रहा था. जी हां, सही सुना आपने. पत्‍थर को पीसकर उसका चूर्ण बनाकर रिफाइंड की मदद से यह नकली खोवा तैयार किया जा रहा था. कहीं आपने भी तो यह नकली और जानलेवा खोवा तो नहीं खा लिया, आइये जानते हैं, इसके बारे में विस्‍तार से.

दरअसल, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की टीम को पता चला था कि थाना विजयगढ़ क्षेत्र के नगला भूरा में एक जगह पर नकली खोवा/खोया तैयार किया जा रहा है. इसकी सूचना मिलने के बाद यह टीम पुलिस के साथ में उस जगह पर पहुंच गई. यहां टीम ने छापेमारी को अंजाम दिया. यहां टीम को खोवा तैयार करने का बेहद अनहाइजीनिक तरीका मिला. बताया गया कि गंदे फर्श पर सामग्री डालकर खोवा तैयार किया जा रहा था. तलाशी के दौरान बेड के अंदर से नकली खोवा बनाने में इस्तेमाल होने वाला पाउडर भी बरामद किया गया.

मुलायम खनिज पत्थर के पाउडर से तो रहा था तैयार
ये सेलखड़ी का पाउडर था. सेलखड़ी पाउडर (Selkhadi Powder) को सोपस्टोन (Soapstone), टैलक (Talc) या घिया पत्थर भी कहा जाता है, जो एक बहुत मुलायम प्राकृतिक खनिज पाउडर है. कपड़ों की छपाई में इसका इस्‍तेमाल सफेद रंग और बेहतरीन कवरेज के लिए किया जाता है. वहीं, कॉस्मेटिक उत्पादों में इसका इस्‍तेमाल बॉडी पाउडर, क्रीम, साबुन और पॉलिश बनाने में होता है. सेलखड़ी यानि सोपस्टोन एक मुलायम खनिज पत्थर है, जिसे पीसकर पाउडर बनाया जाता है. यह बहुत चिकना और मुलायम होता है. अब साोचिए इस पत्‍थर से खोवा बनाया जा रहा था, तो खाने वालों की सेहत पर क्‍या असर होगा?

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FSDA अधिकारियों का कहना है कि मौके पर तैयार किया जा रहा मिलावटी, नकली खोवा रक्षाबंधन के त्योहार को देखते हुए बाजार में सप्लाई किए जाने की तैयारी थी. काफी ज्‍यादा को संभवत: किया भी जा चुका है. बड़ी मात्रा में मिलावटी खोवा मिलने के बाद टीम ने उसे मौके पर ही नष्ट करा दिया, ताकि आगे इसकी बाजार में आपूर्ति न हो सके.

यह कार्रवाई सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा-द्वितीय दीपक सिंह और खाद्य सुरक्षा अधिकारी शैलेश कुमार पांडे के नेतृत्व में की गई. FSDA टीम ने मिलावटी खोवा तैयार करने के आरोप में अर्जुन यादव के खिलाफ थाना विजयगढ़ में मुकदमा दर्ज कराया है. विभाग की कार्रवाई से मिलावटी खाद्य पदार्थों का कारोबार करने वालों में हड़कंप मचा है.

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Sandeep KumarSenior Assistant Editor

Sandeep Kumar is a senior journalist and digital newsroom leader with more than 20 years of experience in print and digital journalism. He currently serves as Senior Assistant Editor at News18 Hindi, where he l…

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August 26, 2026, 11:29 IST

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dainikupeditor@gmail.com

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