Last Updated:September 17, 2026, 08:30 IST
Mandakini On Ram Teri Ganga Maili: साल 1985 में पर्दे पर आई फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ ने अपनी कहानी के साथ-साथ कुछ ऐसे सीन्स से भी खूब सुर्खियां बटोरीं, जिन्हें लोग आज तक नहीं भूले हैं. फिल्म की मासूम सी दिखने वाली एक्ट्रेस मंदाकिनी तब महज 16 साल की थीं. वक्त बदला, दौर बदला, लेकिन उन सीन्स को लेकर सवाल आज भी कायम हैं. अब एक्ट्रेस ने चार दशक बाद उन्हीं चर्चित पलों से जुड़ी कई अनसुनी बातें साझा की हैं.
नई दिल्ली. बॉलीवुड की कई फिल्में ऐसी रही हैं, जिनके कुछ सीन सालों बाद भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बने रहते हैं. राज कपूर की फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ भी ऐसी ही फिल्मों में शामिल है. 1985 में रिलीज हुई इस फिल्म ने एक्ट्रेस मंदाकिनी को रातों-रात स्टार बना दिया था. फिल्म में गंगा के किरदार में नजर आईं मंदाकिनी की मासूमियत और खूबसूरती ने दर्शकों का ध्यान खींचा. हालांकि, फिल्म के कुछ सीन को लेकर उस दौर में काफी चर्चा और विवाद भी हुआ. अब करीब चार दशक बाद मंदाकिनी ने उन सीन को लेकर खुलकर बात की है.
मंदाकिनी ने बताया कि जब उन्होंने ‘राम तेरी गंगा मैली’ की शूटिंग शुरू की थी, तब वह सिर्फ 16 साल की थीं. वह इंडस्ट्री में नई थीं और उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि फिल्म के कुछ सीन आगे चलकर किस तरह से देखे जाएंगे. हाल ही में न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में उन्होंने फिल्म के चर्चित झरने वाले सीन और ब्रेस्टफीडिंग वाले सीन के बारे में बात की. फाइल फोटो
फिल्म के गाने ‘तुझे बुलाएं ये मेरी बाहें’ में मंदाकिनी सफेद साड़ी में झरने के नीचे दिखाई दी थीं. यह सीन हिंदी सिनेमा के सबसे चर्चित सीन में गिना जाता है. इस पर बात करते हुए मंदाकिनी ने कहा कि राज कपूर ने उन्हें सीन के बारे में पहले समझाया था. उन्होंने कहा कि राज कपूर का तरीका इतना सहज और प्यार भरा था कि उन्हें किसी तरह की असहजता या अश्लीलता महसूस नहीं हुई. फाइल फोटो
Add News18 as
Preferred Source on Google
मंदाकिनी ने कहा कि राज कपूर बहुत प्यार और नरमी से काम करवाते थे. उन्होंने कहा कि उन्हें इस सीन में कहीं से भी अश्लीलता या घिनौना एहसास नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि फिल्म का मूल विचार गंगा की पवित्रता और मासूमियत से जुड़ा था. कहानी में गंगा के किरदार को ‘अपवित्र’ करने की कोशिश दिखाई गई थी, लेकिन वह उसके भीतर की पवित्रता को बनाए रखने की बात करती हैं. फाइल फोटो
एक्ट्रेस ने आगे बताया कि शूटिंग के दौरान जब उन्हें खुद थोड़ा झिझक महसूस हुई, तो उन्होंने राज कपूर से बात की. उन्होंने कहा, ‘मुझे जब लगा कि साड़ी बहुत ज्यादा पतली दिख रही है, तो मैंने साड़ी को डबल कर लिया. राज साहब ने भी तुरंत कहा कि हां, इसे डबल कर लो. बस वही शॉट फाइनल हो गया.’ मंदाकिनी ने कहा कि मैं उत्तर प्रदेश के मेरठ के आई थीं और उस समय फिल्म इंडस्ट्री उनके लिए बिल्कुल नई दुनिया थी. फाइल फोटो
फिल्म के दूसरे सबसे ज्यादा विवादित सीन, जिसमें मन्दाकिनी का किरदार ट्रेन में बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग कराते हुए दिखता है. इस पर भी एक्ट्रेस ने खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि इस सीन में कोई ब्रेस्टफीडिंग नहीं हो रही थी. टीम ने इस सीन को इतने बेहतरीन तरीके से फिल्माया था कि देखने वालों को ऐसा लगा. मैंने एक लो-कट ड्रेस पहनी हुई थी और बच्चे को अपने शरीर से सटाकर कसकर पकड़ा हुआ था. कैमरे के एंगल की वजह से यह आभास हुआ कि एक मां बच्चे को दूध पिला रही है. दर्शक केवल कैमरे के एंगल को देखकर अंदाजा लगा रहे थे, जबकि वास्तव में ऐसा कुछ नहीं था. फाइल फोटो
फिल्म की भारी सफलता के बाद मंदाकिनी रातों-रात स्टार बन गईं. हालांकि, इसके बाद कई निर्माताओं और निर्देशकों ने उनसे वॉटरफॉल जैसे सीन्स दोबारा दोहराने की गुजारिश की, लेकिन उन्होंने साफ मना कर दिया. मंदाकिनी का मानना है कि कोई भी फिल्म केवल किसी एक बोल्ड या विवादित सीन की वजह से हिट नहीं होती. उन्होंने कहा, ‘किसी भी फिल्म को हिट कराने के लिए एक बेहतरीन कहानी की जरूरत होती है, जो ‘राम तेरी गंगा मैली’ में थी. निर्देशक का विजन, फिल्म का ट्रीटमेंट और संदेश सबसे ज्यादा मायने रखता है.’
इस ब्लॉकबस्टर फिल्म के बाद मंदाकिनी ने दबाव में आए बिना अपने करियर में मिथुन चक्रवर्ती और गोविंदा जैसे बड़े सितारों के साथ ‘डांस डांस’, ‘कमांडो’ और ‘जाल’ जैसी कई सफल फिल्मों में काम किया. फाइल फोटो
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।First Published :
September 17, 2026, 08:30 IST










