कानपुर के एलएलआर अस्पताल का 1300 करोड़ की लागत से एम्स की तर्ज पर होगा पुनर्विकास

Last Updated:August 26, 2026, 11:51 IST

Kanpur news: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने अस्पताल के नए निर्माण को स्वीकृति दे दी है. उन्होंने कहा कि अस्पताल की मौजूदा इमारतें काफी पुरानी हैं. मरीज और तीमारदार आए दिन जर्जर भवनों को लेकर शिकायत करते थे. कई बार भवनों से जुड़े हादसे भी सामने आए.इन सभी समस्याओं को शासन के सामने रखा गया था, जिसके बाद पूरे स्ट्रक्चर को बदलने की मंजूरी मिली है.

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कानपुर: शहर की करीब 50 लाख से अधिक आबादी और आसपास के जिलों के करोड़ों मरीजों के लिए बड़ी राहत की खबर है. वर्ष 1942 में बने शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एलएलआर (हैलट) की अब पूरी सूरत बदलने जा रही है. लंबे समय से जर्जर भवनों के बीच मरीजों को इलाज देने वाले अस्पताल की जगह अब एम्स की तर्ज पर तीन आधुनिक भवन दिखाई देंगे. करीब 1300 करोड़ रुपये की लागत से अस्पताल का पूरा ढांचा नए सिरे से तैयार किया जाएगा. इसमें करीब दो हजार बेड की सुविधा होगी, जिससे मरीजों को इलाज के लिए बेड की कमी से काफी हद तक राहत मिलेगी.

मरीज और तीमारदार पुरानी इमारत की करते हैं शिकायत

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने अस्पताल के नए निर्माण को स्वीकृति दे दी है. उन्होंने कहा कि अस्पताल की मौजूदा इमारतें काफी पुरानी हैं. मरीज और तीमारदार आए दिन जर्जर भवनों को लेकर शिकायत करते थे. कई बार भवनों से जुड़े हादसे भी सामने आए.इन सभी समस्याओं को शासन के सामने रखा गया था, जिसके बाद पूरे स्ट्रक्चर को बदलने की मंजूरी मिली है.

तीन बड़े भवनों में बंटेगा पूरा अस्पताल

नए एलएलआर अस्पताल में तीन प्रमुख आधुनिक भवन बनाए जाएंगे. इनमें सर्जिकल ब्लॉक, मेडिसिन ब्लॉक और एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक शामिल होंगे.इन भवनों को एम्स की तर्ज पर आधुनिक सुविधाओं और बेहतर व्यवस्था के साथ तैयार किया जाएगा.इससे अलग-अलग विभागों में मरीजों का इलाज और उनका आवागमन पहले के मुकाबले आसान होगा. प्राचार्य ने बताया कि अभी एलएलआर अस्पताल करीब 27,500 वर्गमीटर क्षेत्र में एक से 18 वार्ड तक फैले पुराने भवनों में संचालित हो रहा है. समय के साथ इन भवनों पर मरीजों का दबाव लगातार बढ़ता गया. रोजाना हजारों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, जिससे अस्पताल की मौजूदा व्यवस्था पर भी दबाव रहता है.

बेड की कमी से भी मिलेगी राहत

डॉ. काला ने बताया कि अस्पताल में करीब तीन हजार बेड की क्षमता होने के बावजूद मरीजों की संख्या इतनी अधिक है कि कई बार बेड उपलब्ध नहीं हो पाते. नए भवनों के बनने के बाद करीब दो हजार बेड की आधुनिक व्यवस्था के साथ इलाज की सुविधाएं बेहतर होंगी. नए निर्माण से मरीजों को सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल भी मिल सकेगा. उन्होंने बताया कि इस योजना को मंजूरी दिलाने में शहर के भाजपा विधायक सुरेंद्र मैथानी और एमएलसी अरुण पाठक की भी अहम भूमिका रही.दोनों ने अस्पताल की समस्याओं को देखा और शासन स्तर पर इसे प्रमुखता से उठाया.

10 जिलों के मरीजों को मिलेगा सीधा फायदा

एलएलआर कानपुर के साथ आसपास के करीब 10 जिलों के मरीजों के लिए भी बड़ा उपचार केंद्र है.यहां रोज बड़ी संख्या में गंभीर मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं.नए भवन बनने के बाद इन जिलों से आने वाले मरीजों को आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा.प्राचार्य ने बताया कि अस्पताल परिसर में निर्माण के बाद जो जगह बचेगी, उसमें ओंकोलॉजी समेत अन्य जरूरी विभागों का संचालन भी शुरू कराया जाएगा. इससे कानपुर के साथ आसपास के जिलों के मरीजों को इलाज के लिए दूसरे शहरों की ओर जाने की जरूरत कम होगी.

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Rajneesh Kumar Yadav

Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…

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Kanpur Nagar,Uttar Pradesh

First Published :

August 26, 2026, 11:51 IST

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dainikupeditor@gmail.com

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