Last Updated:September 17, 2026, 14:17 IST
बॉक्स ऑफिस से लेकर सिनेमाघरों में इन दिनों ‘हनुमान अंश’ की धूम मची हुई है. मगर शुरुआती दो हफ्तो तक दर्शक न मिलने से यह मूवी सिनेमाघरों से हटने की कगार पर थी, तब मेकर्स ने एक बड़ा रिस्क उठाया. बजट डूबने के खौफ से परे हटकर प्रोड्यूसर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स ने हिम्मत जुटाई और फिल्म को एक हफ्ता और चलाने का फैसला लिया. बस इसी एक फैसले के बाद मानो नीम करोली बाबा का चमत्कार हो गया.
नई दिल्ली. महज 2 करोड़ रुपये की लागत में नीम करोली बाबा के जीवन पर बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ सिनेमाघरों में धूम मचा रही है. दुनियाभर में यह मूवी अब तक 300 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर चुकी है. लेकिन क्या आपको पता है कि शुरुआती दो हफ्ते तक इस मूवी को देखने के लिए दर्शक थिएटर्स का रुख नहीं कर रहे थे. फिर मेकर्स ने मिलकर ऐसा फैसला लिया, जिससे ‘हनुमान अंश’ की तकदीर चमक उठी.
न्यूज18 को दिए इंटरव्यू में सबसे युवा प्रोड्यूसर (21 साल) अनुप्रिया नागर और रागिनी सोना ने ‘हनुमान अंश’ के सफर पर बात की.
जब अनुप्रिया नागर से टीम को बोनस देने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, ‘फिल्म से जुड़े हर एक्टर और टेक्नीशियन ने इसे मुकाम तक पहुंचाने में अपनी पूरी जी-जान लगाई है. जहां तक बोनस की बात है, तो यह फैसला फिल्म के फाइनल अकाउंट्स और मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट्स की समीक्षा के बाद सभी प्रोड्यूसर्स मिलकर लेंगे.’
उन्होंने आगे कहा, ‘मैं इस प्रक्रिया के पूरा होने से पहले कोई जल्दबाजी में घोषणा नहीं करना चाहती. वैसे भी, सम्मान सिर्फ पैसों से नहीं होता, मैं चाहती हूं कि इस सफर से जुड़ा हर इंसान खुद को सम्मानित और खास महसूस करे.’ फिल्म की को-प्रोड्यूसर रागिनी सोना ने क्रू मेंबर्स को बोनस देने पर बेहद दिल छूने वाली बात कही. रागिनी ने कहा कि भले ही वह बाकी प्रोड्यूसर्स की तरफ से कोई वादा न कर पाएं, लेकिन वह अपने हिस्से की कमाई से टीम की मेहनत का हिसाब जरूर करेंगी.
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रागिनी ने बताया, ‘मैंने ऑन रिकॉर्ड यह बात कही है. हर कोई मुस्कुराते हुए कह रहा था कि रागिनी जी, आप पक्का कमिट कर दीजिए. लेकिन मैं दूसरे प्रोड्यूसर्स की तरफ से कोई फैसला नहीं ले सकती. हालांकि, मुझे प्रोड्यूसर कट के रूप में जो भी हिस्सा मिलेगा, चाहे वह जितना भी हो, मैं अपनी तरफ से हर उस शख्स को भरपाई करूंगी, जिसने दिन-रात मेहनत की है. मैंने खुद अपनी आंखों से सबकी तपस्या देखी है.’
शूटिंग के मुश्किल दिनों को याद करते हुए रागिनी भावुक हो गईं. उन्होंने बताया कि बजट सीमित था और पूरी टीम बिना किसी शिकायत के देर रात तक काम करती थी. रागिनी ने कहा, ‘वहां टाइम पर खाने-पीने जैसी कोई चीज ही नहीं थी. आधी टीम तो यही कहती रहती थी कि अभी खाने का मन नहीं है. लेकिन किसी ने कभी कोई शिकायत नहीं की, सब बस काम में डूबे रहते थे.’
200 करोड़ का आंकड़ा छूने वाली ‘हनुमान अंश’ का बॉक्स ऑफिस पर शुरुआती सफर बेहद कठिन था. रागिनी ने खुलासा किया कि शुरुआती दो हफ्तों तक सिनेमाघरों में दर्शक ही नहीं पहुंच रहे थे. उन्होंने बताया, ‘हमें पैसों के डूबने का डर कम था, क्योंकि बजट काफी कंट्रोल में था. लेकिन सबसे बड़ा डर यह था कि इतनी बेहतरीन फिल्म को अगर सिनेमाघरों से हटा दिया गया, तो लोग इसे देख ही नहीं पाएंगे. मेरा दिल इस बात से टूट रहा था.’
दो हफ्तों के बाद रागिनी सोना और निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने डिस्ट्रीब्यूटर्स के साथ मिलकर एक बड़ा रिस्क लिया. उन्होंने तय किया कि फिल्म को एक हफ्ते और थिएटर में बनाए रखा जाएगा, भले ही इसके लिए एक्स्ट्रा पैसे ही क्यों न लगाने पड़ें. रागिनी ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘जब दो हफ्ते फिल्म नहीं चली, तो हमने हिम्मत करके इसे एक हफ्ता और चलाने का फैसला किया और बस, उसी फैसले ने मैजिक कर दिया. दर्शकों की भीड़ उमड़ पड़ी और फिल्म चल पड़ी.’
फिल्म की सफलता का असली मतलब समझाते हुए प्रोड्यूसर अनुप्रिया ने कहा, ‘मेरे लिए ब्लॉकबस्टर का मतलब सिर्फ बॉक्स ऑफिस के आंकड़े नहीं हैं. असली ब्लॉकबस्टर तो वो फिल्म है, जिसे देखने के बाद जब लोग सिनेमाघर से बाहर निकलें, तो फिल्म का कोई भाव या सीख अपने साथ दिल में लेकर जाएं. परिवारों और युवा दर्शकों से मिलने वाले संदेश ही असली कमाई हैं. सबसे खास बात तो वो भरोसा है, जो लोगों ने उस वक्त दिखाया जब फिल्म को इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी.’
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September 17, 2026, 09:59 IST









