नई दिल्ली. मैच की आखिरी गेंद और जीत के लिए 6 रनों की दरकार. पूरे स्टेडियम में पसरा सन्नाटा. शेर-ए-पंजाब टी20 लीग के 15वें मुकाबले में शुभमन गिल की फजिल्का फाल्कन्स और अर्शदीप सिंह की कप्तानी वाली लुधियाना लायंस के बीच एक ऐसा हाई-वोल्टेज मुकाबला खेला गया जिसने फैंस के रोंगटे खड़े कर दिए. मैच का नतीजा अंतिम गेंद तक अटका हुआ था, जहां लुधियाना को जीत के लिए छह रन चाहिए थे. अंतिम ओवर में फजिल्का के गेंदबाज ने अपने अटूट संयम और सटीक गेंदबाजी के दम पर अकेले ही बाजी पलट दी. इस सांसे थमा देने वाले मुकाबले में फजिल्का फाल्कन्स ने लुधियाना लायंस को महज 1 रन से हराकर रोमांचक जीत अपने नाम की.
इस मुकाबले में शुभमन गिल (Shubman Gill) आकर्षण का केंद्र रहे. जिन्होंने फजिल्का फाल्कन्स की ओर से इस सीजन के अपने पहले ही मैच में बल्ले से गदर मचा दिया. टॉस जीतकर लुधियाना के कप्तान अर्शदीप सिंह ने फजिल्का को पहले बल्लेबाजी की दावत दी, लेकिन गिल ने मैदान पर उतरते ही विपक्षी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ानी शुरू कर दीं. उन्होंने महज 21 गेंदों पर 7 चौके और 1 गगनचुंबी छक्के की मदद से 40 रनों की विस्फोटक पारी खेली. गिल की इस आतिशी शुरुआत ने न सिर्फ स्टेडियम में मौजूद फैंस को झूमने पर मजबूर कर दिया, बल्कि फजिल्का को शानदार शुरुआत भी दिलाई.
शुभमन गिल की टीम अंतिम गेंद पर एक रन से मैच जीती.
कार्तिक चड्ढा का कहर और गिल का शिकार
जब ऐसा लग रहा था कि गिल का तूफान थमने वाला नहीं है, तभी लुधियाना लायंस के युवा गेंदबाज कार्तिक चड्ढा का जादू चल गया.चड्ढा ने 4 ओवर सिर्फ 9 रन देकर 4 बड़े विकेट चटकाए. उन्होंने न सिर्फ शुभमन गिल का शिकार किया, बल्कि बैक-टू-बैक झटके देकर फजिल्का फाल्कन्स के मजबूत बैटिंग ऑर्डर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया.
मध्यक्रम का संघर्ष और 170 का चुनौतीपूर्ण स्कोर
गिल का विकेट गिरने के बाद फजिल्का की पारी लड़खड़ाने लगी थी. ऐसे नाजुक मोड़ पर प्रेरित दत्ता और जयवीर भिंडर सिंह ने जिम्मेदारी संभाली. प्रेरित दत्ता ने 23 गेंदों में 36 रनों की जुझारू पारी खेली, जबकि जयवीर भिंडर ने 18 गेंदों में 21 रन जोड़कर टीम को संकट से उबारा. फजिल्का फाल्कन्स की टीम निर्धारित 20 ओवरों में 9 विकेट गंवाकर 170 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा करने में सफल रही.
लुधियाना पर बढ़ता दबाव
171 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी लुधियाना लायंस की शुरुआत फजिल्का के गेंदबाजों ने बिगाड़ दी. अनुशासित लाइन-लेंथ के दम पर गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट हासिल किए. लुधियाना के सलामी बल्लेबाज कार्तिक शर्मा ने 29 गेंदों में 32 रन बनाकर एक छोर संभालने की पुरजोर कोशिश की, लेकिन दूसरे छोर से विकेट गिरते रहने के कारण आवश्यक रन रेट का पहाड़ जैसा दबाव लुधियाना पर लगातार बढ़ता चला गया.
पठानिया और भगत का खौफनाक काउंटर अटैक
जब मैच पूरी तरह से फजिल्का फाल्कन्स की मुट्ठी में दिखाई दे रहा था, तभी क्रीज पर आए माधव पठानिया और कृष भगत ने हारा हुआ मैच फिर से जिंदा कर दिया. दोनों बल्लेबाजों ने बिना किसी डर के गेंदबाजों पर खौफनाक धावा बोल दिया. पठानिया और भगत ने फजिल्का के गेंदबाजों की गेंदों को बाउंड्री से बाहर भेजते हुए महज 29 गेंदों में 61 रनों की अटूट और विस्फोटक साझेदारी कर डाली, जिससे लुधियाना के खेमे में जीत की उम्मीदें फिर से जाग उठीं.
आखिरी ओवर का रोमांच
माधव पठानिया ने 16 गेंदों पर ताबड़तोड़ 37 रन कूट डाले, वहीं कृष भगत ने 23 गेंदों में 28 रन बनाकर उनका बेहतरीन साथ दिया. अंतिम ओवर में लुधियाना को जीत के लिए 19 रनों की जरूरत थी. लुधियाना के बल्लेबाजों ने अंतिम ओवर की शुरुआती गेंदों पर रन बटोरकर मैच को आखिरी गेंद तक खींच दिया.
अंतिम गेंद पर फैसला और फजिल्का की 1 रन से जीत
मैच की आखिरी गेंद पर लुधियाना लायंस को जीत के लिए 6 रन चाहिए थे और क्रीज पर विस्फोटक अंदाज में खेल रहे माधव पठानिया मौजूद थे. लेकिन गेंदबाज ने दबाव के क्षणों में कमाल का संयम दिखाया और गेंद को छक्का नहीं बनने दिया. पठानिया के बल्ले से निकली गेंद सिर्फ बाउंड्री तक ही जा सकी और लुधियाना की टीम 1 रन से पीछे रह गई. इस तरह फजिल्का फाल्कन्स ने इस सांस रोक देने वाली जंग को जीत लिया. शुभमन गिल को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया.










