दिग्गज शूटर और कोच जसपाल राणा का 49 साल की उम्र में निधन

Last Updated:June 12, 2026, 09:57 IST

भारतीय शूटिंग के दिग्गज और कोच जसपाल राणा के निधन की खबर से खेल जगत में मातम पसर गया है. महज 49 साल की उम्र में इस महान खिलाड़ी के निधन ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है. भारत के पिस्टल शूटर्स के हाई-परफॉर्मेंस कोच के तौर पर काम कर रहे राणा की तबीयत म्यूनिख में हुए ISSF वर्ल्ड कप से भारत लौटते समय बिगड़ी थी.

दिग्गज शूटर और कोच जसपाल राणा का निधन

नई दिल्ली. शुक्रवार को खेल जगत के लिए एक बेहद शॉकिंग खबर सामने आई. भारतीय शूटिंग के दिग्गज और मशहूर कोच जसपाल राणा का शुक्रवार को 49 साल की उम्र में निधन हो गया. उन्हें इस हफ्ते अचानक उनकी तबीयत खराब हुई थी. राणा भारत के पिस्टल शूटर्स के हाई-परफॉर्मेंस कोच के तौर पर काम कर रहे थे. जानकारी के मुताबिक म्यूनिख में हुए ISSF वर्ल्ड कप से भारत लौटते समय उनकी तबीयत बिगड़ी थी. दिल्ली पहुंचने के बाद उन्हें साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया. यहीं पर उनका इलाज चल रहा था. नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने उनके निधन की पुष्टि की.

उनकी मौत भारतीय शूटिंग के लिए बड़ा झटका है. जसपाल राणा ने इस खेल को तीन दशक से भी ज्यादा समय तक बतौर खिलाड़ी और कोच समर्पित किया. भारत के सबसे सफल पिस्टल शूटर्स में से एक जसपाल राणा ने 1990 के दशक में अपनी पहचान बनाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबदबा कायम किया. उन्होंने एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन चैंपियनशिप में कई मेडल जीते और देश के सबसे सफल शूटर्स में शुमार हुए.

राणा ने कई सालों तक भारत का प्रतिनिधित्व किया. उन्होंने शूटिंग को भारत में लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभाई. उनकी उपलब्धियों ने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई और कई युवा शूटर्स को इस खेल से जुड़ने के लिए प्रेरित किया. प्रतिस्पर्धी करियर के बाद जसपाल राणा ने कोचिंग की ओर रुख किया और जल्द ही भारतीय शूटिंग में सबसे प्रभावशाली शख्सियतों में शामिल हो गए. उन्होंने 2012 में जूनियर पिस्टल प्रोग्राम की जिम्मेदारी संभाली. अगले दस सालों में उन्होंने कई युवा शूटर्स को तराशा.

उनके मार्गदर्शन में तैयार हुए प्रमुख नामों में सौरभ चौधरी, अनीश भानवाला और चिंकी यादव शामिल हैं. जूनियर प्रोग्राम में उनके योगदान को खूब सराहा गया, क्योंकि भारत लगातार विश्वस्तरीय पिस्टल शूटर्स तैयार करता रहा. राणा अपनी बारीक योजना, तकनीकी समझ और खिलाड़ियों को दबाव भरे माहौल के लिए तैयार करने की क्षमता के लिए जाने जाते थे. उनकी ट्रेनिंग पद्धति में प्रतियोगिता जैसी परिस्थितियां तैयार करने पर खास जोर रहता था, जिससे खिलाड़ी बड़े टूर्नामेंट्स की चुनौतियों के लिए खुद को ढाल सकें.

मनु को ओलंपिक मेडल के लिए तैयार किया

राणा के कोचिंग करियर का एक अहम अध्याय मनु भाकर के साथ जुड़ा रहा. उन्होंने भाकर के करियर के अहम दौर में उनकी तैयारी और विकास में बड़ी भूमिका निभाई. मनु भाकर ने 2024 पेरिस ओलंपिक में इतिहास रचते हुए महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल और मिक्स्ड टीम 10 मीटर एयर पिस्टल में ब्रॉन्ज मेडल जीते.

2020 में द्रोणाचार्य अवॉर्ड सम्मान मिला

खेल में उनके योगदान को देखते हुए NRAI ने फरवरी 2025 में उन्हें 25 मीटर पिस्टल डिसिप्लिन के हाई-परफॉर्मेंस कोच के तौर पर नियुक्त किया. वे राष्ट्रीय शूटिंग प्रोग्राम से लगातार जुड़े रहे और देश के शीर्ष पिस्टल शूटर्स के साथ काम करते रहे. कोचिंग और खिलाड़ियों के विकास में योगदान के लिए जसपाल राणा को 2020 में द्रोणाचार्य अवॉर्ड से सम्मानित किया गया, जो भारतीय खेलों का सबसे बड़ा सम्मान है.

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Viplove Kumar

विप्लव कुमार 2022 से न्यूज18 के साथ काम कर रहे हैं. रीडर्स के लिए दिन की शुरुआत अच्छी हो इसकी खास जिम्मेदारी उनके कंधे पर होती है. सुबह की शिफ्ट में आकर पिछले दिन हुई रोचक घटना से लेकर पूरे दिन होने वाली गतिविध…

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