Last Updated:July 19, 2026, 20:51 IST
फिल्म ‘टॉक्सिक’ के गाने ‘तबाही’ में कियारा आडवानी के बोल्ड सीन्स पर आलोचना के बाद काजल अग्रवाल उनके सपोर्ट में आईं. काजल ने कहा कि बोल्ड सीन के लिए हमेशा फीमेल एक्टर्स को निशाना बनाया जाता है, मेल एक्
अपकमिंग फिल्म ‘टॉक्सिक’ ट्रेलर रिलीज के बाद से ही सुर्खियों में है. हाल में इस फिल्म का गाना ‘तबाही’ भी रिलीज किया गया है. इस गाने के वीडियो में यश और कियारा आडवानी की जबरदस्त कैमिस्ट्री देखने को मिली है. सोशल मीडिया पर यूजर्स इस गाने के बोल्ड सीन्स को लेकर कियारा की खूब आलोचना कर रहे हैं.
कियारा पर हो रहे चौतरफा हमले के बीच बॉलीवुड एक्ट्रेसेस काजल अग्रवाल उनके सपोर्ट में उतरी हैं. उन्होंने फिल्म में बोल्ड सीन को लेकर हमेशा फिमेल एक्टर को निशाना बनाने पर सवाल उठाए हैं. खासतौर पर शादी के बाद, वहीं दूसरी ओर, मेल एक्टर्स को इस तरह से कभी निशाना नहीं बनाया जाता है.
बोल्ड सीन पर बोलीं काजल अग्रवाल
पत्रकार से यूट्यूबर बने शुभांकर मिश्रा के साथ पॉडकास्ट में काजल से जब पूछा गया कि फिल्मों में इंटीमेट सीन को लेकर पुरुषों और महिलाओं को अलग-अलग तरीके से क्यों आंका जाता है. इस सवाल पर उनका कहना था, “मुझे लगता है कि यह बेहद पर्सनल है. पुरुषों को अपने दिमाग का इस्तेमाल करना चाहिए और तय करना चाहिए कि ऐसा करना चाहिए है या नहीं. यह अंदर से आना चाहिए कि मैं ऐसा नहीं करना चाहता. महिलाएं इस बारे में अधिक सतर्क रहती हैं.”
काजल अग्रवाल नहीं करती इंटीमेट सीन्स?
अपने पर्सनल अनुभव शेयर करते हुए वे कहती हैं, मैं सिर्फ अपने बारे में बात कर सकती हूं. मैंने कभी इस तरह के रोल नहीं किए. स्क्रीन पर इंटीमेट सीन या कुछ भी ऐसे कपड़े पहनने को तैयार नहीं रहती हूं, जिसमें मैं सहज महसूस नहीं करती हूं। उदाहरण के लिए फिल्म के लिए बिकिनी, मैंने कभी भी ऐसे रोल नहीं किए क्योंकि मैं इसके लिए तैयार नहीं हूं. मैं सीधे मना कर देती हूं. इसकी वजह से मैंने कई फिल्में भी ठुकराई हैं. मेरी अपनी लिमिट हैं, जिन्हें में क्रॉस नहीं कर सकती हूं.
मां बनने के बाद कामकाज पर भी बोलीं
काजल अग्रवाल ने बिजनेस-मेन गौतम किचलू से शादी की है, दोनों का 4 साल का लड़का नील किचलू भी हैं. इस पॉडकास्ट में वे कहती हैं कि मां बनने के बाद से फिल्मों के किरदार चुनने में काफी असर पड़ा है. काजल कहती हैं कि बच्चा होने के बाद में यह श्योर करना चाहती हूं कि जब मेरा बच्चा बड़ा होकर मेरी फिल्में देखे तो उसे हमेशा सहज महसूस हो. मैं यह नहीं चाहती कि वह आंखें चुराये या फिर असहज महसूस होकर यह सोचे कि मेरी मां ने ऐसा रोल क्यों किया? मैं चाहती हूं मेरा बच्चा अपनी मां की फिल्में पूरे प्राउड के साथ देखे.
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VarshaSenior Sub Editor
वर्षा पिछले 9 सालों से डिजिटल मीडिया की दुनिया में सक्रिय हैं. वह वर्तमान में News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। बॉलीवुड की चमक-दमक से लेकर ओटीटी की नई दुनिया और टीवी इंडस्ट्री की हलचल तक, …
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