Last Updated:May 20, 2026, 23:02 IST
एक्टर की कहानी स्ट्रगल और जुनून की मिसाल है. आईआईटी खड़गपुर से सिविल इंजीनियरिंग करने वाले एक्टर ने सुरक्षित नौकरी छोड़कर एक्टिंग को अपना करियर बनाया. कॉलेज के दिनों में थिएटर से जुड़ने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि उनकी असली रुचि अभिनय में है. उन्होंने ‘नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा’ में एडमिशन की कोशिश की, लेकिन रिजेक्ट हो गए. इसके बावजूद, उन्होंने हार नहीं मानी और टीवीएफ के साथ काम शुरू किया. ‘कोटा फैक्टरी’ और ‘पंचायत’ जैसी सीरीज ने उन्हें ओटीटी का बड़ा स्टार बना दिया.
नई दिल्ली: एक्टर आज ओटीटी की दुनिया के सबसे पसंदीदा सितारों में गिने जाते हैं. खासकर वेब सीरीज ‘पंचायत’ में उनके निभाए गए किरदार ने उन्हें घर-घर मशहूर कर दिया. लेकिन यहां तक पहुंचने का उनका सफर बिल्कुल आसान नहीं था. उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोड़कर एक्टिंग में करियर बनाने का बड़ा रिस्क लिया था.
जितेंद्र कुमार को बचपन से ही एक्टिंग का शौक था. वे अक्सर शाहरुख खान, नाना पाटेकर और अमिताभ बच्चन जैसे सितारों की नकल किया करते थे. हालांकि, उनके पिता चाहते थे कि बेटा एक सुरक्षित और स्थिर करियर चुने, इसलिए उन्होंने जितेंद्र को पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी.
जितेंद्र पिता की बात मानकर कोटा चले गए, जहां उन्होंने आईआईटी की तैयारी शुरू की. मेहनत रंग लाई और उन्होंने जेईई परीक्षा पास कर ली. इसके बाद उनका एडमिशन आईआईटी खड़गपुर में सिविल इंजीनियरिंग में हो गया. उस समय ऐसा लग रहा था कि उनका भविष्य एक सफल इंजीनियर के तौर पर तय हो चुका है.
Add News18 as
Preferred Source on Google
आईआईटी में पढ़ाई के दौरान ही जितेंद्र को एहसास हुआ कि उनका असली प्यार एक्टिंग है. कॉलेज में वे ‘हिंदी टेक्नोलॉजी ड्रामेटिक सोसाइटी’ से जुड़ गए और थिएटर में हिस्सा लेने लगे. स्टेज पर परफॉर्म करते हुए उन्हें महसूस हुआ कि वे इसी दुनिया में अपना करियर बनाना चाहते हैं.
जितेंद्र कुमार की मुलाकात बिस्वपति सरकार से हुई, जो बाद में टीवीएफ से जुड़े. यही कनेक्शन आगे चलकर जितेंद्र के करियर के लिए बेहद अहम साबित हुआ. हालांकि ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी भी की, लेकिन उनका मन वहां नहीं लगा.
जितेंद्र ने कुछ समय बाद नौकरी छोड़ने का बड़ा फैसला लिया और पूरी तरह एक्टिंग पर फोकस करने लगे. उन्होंने ‘नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा’ में एडमिशन लेने की कोशिश की, लेकिन वहां से रिजेक्शन मिला. यह उनके लिए बड़ा झटका था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी.
जितेंद्र मुंबई पहुंचे और टीवीएफ के साथ काम शुरू किया. धीरे-धीरे उनके वीडियोज लोगों को पसंद आने लगे और उनकी फैन फॉलोइंग बढ़ने लगी. फिर ‘परमानेंट रूममेट्स’ और ‘कोटा फैक्टरी’ जैसे शोज ने उन्हें बड़ी पहचान दिलाई. खासकर ‘जीतू भैया’ का किरदार काफी लोकप्रिय हुआ.
जितेंद्र की सबसे बड़ी सफलता ‘पंचायत’ से आई, जिसमें उन्होंने अभिषेक त्रिपाठी का किरदार निभाया. गांव की पंचायत ऑफिस में काम करने वाले इंजीनियर की कहानी लोगों को बेहद पसंद आई. आज जितेंद्र कुमार ओटीटी के सबसे सफल एक्टर्स में शामिल हैं और फैंस उन्हें जल्द ही ‘पंचायत’ के नए सीजन में देखने का इंतजार कर रहे हैं.
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
Source









