Prateek Yadav Death: प्रतीक यादव की मौत से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक जताया और परिवार का ढांढस बंधाने प्रतीक के घर पहुंचे।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में डॉक्टरों के एक विशेष पैनल ने प्रतीक यादव के शव का पोस्टमॉर्टम किया। सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती रिपोर्ट में मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि प्रतीक यादव पिछले कुछ समय से फेफड़ों (Lungs) की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे।
मेडिकल रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रतीक के शरीर के निचले हिस्से में खून का थक्का (Blood Clot) बना था, जो ट्रैवल करके आर्टरी (धमनी) तक पहुंच गया। इससे संक्रमण बढ़ा और फेफड़ों के साथ-साथ हृदय की कार्यक्षमता पर असर पड़ा, जिसके कारण उन्हें अचानक कार्डियक अरेस्ट आया। हालांकि, डॉक्टरों ने स्पष्टता के लिए विसरा (Viscera) को सुरक्षित रख लिया है।
प्रतीक के आवास पर राजनीतिक दिग्गजों का जमावड़ा
प्रतीक यादव के निधन की खबर मिलते ही यूपी की राजनीति के तमाम बड़े चेहरे उनके आवास पर पहुंचे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतीक के घर पहुंचकर श्रद्धांजलि दी और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं, साथ ही दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
अपने छोटे भाई के निधन की खबर सुनकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव तुरंत सिविल अस्पताल और फिर केजीएमयू पहुंचे थे। उन्होंने प्रतीक को एक सरल और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक व्यक्ति बताया।
भाजपा नेता और प्रतीक की पत्नी अपर्णा यादव, जो घटना के समय बाहर थीं, सूचना मिलते ही लखनऊ पहुंचीं। यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक और सपा नेता शिवपाल यादव सहित कई दिग्गजों ने शोक व्यक्त किया है।
प्रतीक यादव सक्रिय राजनीति से दूर रहते थे, लेकिन वे लखनऊ के बड़े जिम मालिकों और रियल एस्टेट कारोबारियों में गिने जाते थे। उनके पास लग्जरी कारों का भी शानदार कलेक्शन था। वे ‘द फिटनेस प्लैनेट’ नाम से जिम चलाते थे और अक्सर सोशल मीडिया पर वर्कआउट के वीडियो शेयर करते थे। उनके आकस्मिक निधन ने युवाओं में हृदय रोगों और स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं को लेकर एक बार फिर चर्चा छेड़ दी है।










