राम मंदिर तो कोसों पीछे, दान में टॉप पर हैं भारत के ये मंदिर
Last Updated:July 03, 2026, 13:04 IST
Richest Temples of india: राम मंदिर दान चोरी मामला अभी सुर्खियों में है. दो साल पहले ही दर्शनों के लिए खोले गए अयोध्या के इस मंदिर में करोड़ों रुपये का चढ़ावा आया है, हालांकि अगर भारत के अमीर मंदिरों की बात करें तो राम मंदिर उनसे काफी पीछे है. भारत के सबसे अमीर मंदिरों में दक्षिण भारत का तिरुपति मंदिर आता है, जहां साल में इतना पैसा दान में मिलता है कि कई शहर महीनों तक बैठकर खाना खा लें. आइए जानते हैं भारत के सबसे अमीर उन मंदिरों के बारे में जहां आता है दान का मोटा पैसा और राम मंदिर का चढ़ावा इनके आगे काफी कम है…
अयोध्या के श्री राम मंदिर में चढ़ावा या दान चोरी के मामले ने सभी को चौंका दिया है. ढ़ाई साल पहले ही प्राण प्रतिष्ठा के बाद इस मंदिर को खोला गया था. यहां करीब 150 करोड़ रुपये सालाना का चढ़ावा आया है. हालांकि भारत में ऐसे कई मंदिर हैं जो दान और चढ़ावे में राम मंदिर से कोसों आगे हैं. पहले नंबर पर मौजूद इस मंदिर में तो इतना चढ़ावा आता है कि करीब 40 बड़े शहर इसके चढ़ावे में एक महीने तक भोजन कर सकते हैं. आइए जानते हैं इन मंदिरों के बारे में…
आंध्र प्रदेश स्थित तिरुपति बालाजी मंदिर चढ़ावे के मामले में टॉप पर है. यह भारत का आठवीं शताब्दी में बना सबसे प्राचीन और समृद्ध मंदिर है जहां सालाना 1880 करोड़ रुपये का दान या चढ़ावा आता है. श्री वेंकटेश्वर स्वामी का तिरुपति मंदिर दुनिया का सबसे अमीर मंदिर है और यहां सबसे ज्यादा हिंदू भक्त दर्शन के लिए आते हैं. यहां भगवान विष्णु की मूर्ति है. भक्तों द्वारा मुंडन (केशदान) की परंपरा यहां बहुत प्रसिद्ध है. इस मंदिर का प्रबंधन तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ट्रस्ट करता है.
दान के मामले में दूसरे नंबर पर माता वैष्णो देवी मंदिर आता है. कटरा से ऊपर पहाड़ों में हिमालय की तलहटी में स्थित इस शक्ति पीठ में हर साल करीब 230 करोड़ रुपये का चढ़ावा आता है. यहां मां वैष्णवी के तीन रूप (महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती) की पूजा की जाती है. गुफा मंदिर तक पहुंचने के लिए 12 किलोमीटर की पैदल यात्रा (चढ़ाई) प्रसिद्ध है. श्राइन बोर्ड द्वारा संचालित यह मंदिर अत्यधिक सुरक्षित और सुव्यवस्थित है. यहां हर साल लाखों भक्त मां के दर्शन के लिए पहुंचते हैं.
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भगवान श्री राम का सबसे बड़ा और प्रसिद्ध राम मंदिर उनकी जन्मस्थली अयोध्या में स्थित है. यह भव्य मंदिर 22 जनवरी 2024 को ही दर्शनों के लिए खुला है. यहां सालाना करीब 150 करोड़ रुपये का चढ़ावा आया है. फिलहाल इसी चढ़ावे की चोरी को का मामला सुर्खियों में है और जांच चल रही है. हालांकि तिरुपति मंदिर के सालाना चढ़ावे से यहां का चढ़ावा अभी कोसों पीछे है. इस मंदिर में बालक रामलला की मूर्ति स्थापित है. अब यह हिंदू आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया है. मंदिर ट्रस्ट द्वारा संचालित इस देवालय में रोजाना 70-80 हजार भक्त आते हैं.
मुंबई में स्थित भगवान श्री गणेश का मंदिर सिद्धिविनायक दुनिया भर में प्रसिद्ध है. अक्सर यहां बॉलीवुड सितारे दर्शन के लिए पहुंचते हैं. सिद्धिविनायक को “कार्य सिद्ध करने वाले” गणपति के रूप में पूजा जाता है. मंदिर की स्थापना 1801 में हुई थी और यहां चतुर्थी और संकष्टी चतुर्थी पर भारी भीड़ लगती है. यहां सालाना करीब 100 करोड़ रुपये का चढ़ावा आता है. यह मंदिर मुंबई वासियों की आस्था का प्रमुख केंद्र है और शहर की पहचान बन चुका है.
वाराणसी स्थित गंगा नदी के किनारे बना काशी विश्वनाथ मंदिर उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध मंदिर है और यहां सालाना करीब 80 करोड़ रुपये का दान आता है. भगवान शिव का यह प्राचीन ज्योतिर्लिंग मंदिर वाराणसी में गंगा नदी के किनारे स्थित है. इसे “काशी का राजा” कहा जाता है. इस मंदिर का जीर्णोद्धार साल 2019 में किया गया है और उसके बाद यह स्वर्ण मंदिर के रूप में तैयार हुआ है. यहां लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं. इसे मुक्ति स्थल के रूप में भी जाना जाता है.
ओड़िशा के पुरी स्थित जगन्नाथ पुरी मंदिर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा का प्रसिद्ध मंदिर है और इसे चारों धाम में से एक माना गया है. रथ यात्रा (रथ महोत्सव) यहां की सबसे बड़ी परंपरा है, जिसमें लाखों लोग शामिल होते हैं. यह मंदिर 12वीं शताब्दी में बनाया गया था और गजपति राजा द्वारा संरक्षित है. यहां करीब 18 से 25 करोड़ रुपये का चढ़ावा सालाना आता है. यहां की महाप्रसादी अन्न काफी प्रसिद्ध है.
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