मेरठ: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ को रावण की ससुराल के तौर पर जाना जाता है. विजयदशमी के पावन पर्व पर यहां हर साल बुराइयों के प्रतीक रावण के पुतले का दहन किया जाता है. इस बार भी इसे लेकर तैयारियां पूरी हो गई हैं. मेरठ के विभिन्न क्षेत्रों में दशहरे पर मेलों का भव्य आयोजन किया जाएगा, जिसमें शहरवासी शामिल होकर रामलीला मंचन का आनंद ले सकेंगे. वहीं, बुराइयों के प्रतीक रावण के पुतले का दहन भी देख सकेंगे.
मेरठ में कहां और कितने बजे होगा रावण दहन?
मेरठ शहर में कई स्थानों पर रावण के पुतले का दहन किया जाएगा. प्रमुख रामलीलाओं की बात करें तो भैंसाली मैदान में रामलीला मंचन के बाद रात करीब 10:15 बजे 120 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा. यहां कुंभकरण का 110 फीट और मेघनाथ का 90 फीट ऊंचा पुतला बनाया गया है.
वहीं, जिमखाना मैदान में सबसे पहले 90 फीट ऊंचे कुंभकरण और 70 फीट ऊंचे मेघनाथ के पुतले का दहन किया जाएगा. इसके बाद रामलीला मैदान में 100 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन होगा.
इसी कड़ी में मवाना रोड स्थित कसेरू खेड़ा में तीन घंटे की संपूर्ण रामलीला के मंचन के बाद रात 11:30 बजे 80 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा. ऐतिहासिक सूरजकुंड पर रात 10 बजे 90 फीट ऊंचे रावण, 70 फीट ऊंचे कुंभकरण और 60 फीट ऊंचे मेघनाथ के पुतलों का दहन होगा. रजबन रामलीला और अन्य स्थानों पर भी रात 10:30 बजे तक रावण के पुतले का दहन कर दिया जाएगा.
दशहरे पर रोडवेज बसों के रूट में होगा बदलाव
एसपी ट्रैफिक राजेश कुमार श्रीवास्तव के अनुसार, विजयदशमी के आयोजनों के मद्देनजर यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किए गए हैं. दिल्ली की ओर से भैंसाली बस अड्डे आने वाली रोडवेज बसें परतापुर इंटरचेंज एक्सप्रेसवे से मोदीपुरम होते हुए जीरो माइल और बेगमपुल के रास्ते भैंसाली बस अड्डे पहुंचेंगी और इसी रूट से वापस जाएंगी.
हरिद्वार और मुजफ्फरनगर की ओर से आने वाली बसें मोदीपुरम होते हुए टैंक चौराहे, जीरो माइल और बेगमपुल से भैंसाली बस अड्डे पहुंचेंगी और इसी मार्ग से वापस लौटेंगी. इसी तरह, बिजनौर की ओर से आने वाली रोडवेज बसें साकेत चौराहे से जीरो माइल और बेगमपुल होते हुए भैंसाली बस अड्डे तक आ सकेंगी. वापसी में भी बसें इसी रूट से अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगी.
मुजफ्फरनगर की ओर से आने वाले भारी वाहन, जिन्हें हापुड़, गढ़ और मुरादाबाद की ओर जाना है, वे मोदीपुरम फ्लाईओवर से सरधना फ्लाईओवर, परतापुर इंटरचेंज, ग्राम मोहिउद्दीनपुर-खरखौदा मोड़ और कस्बा खरखौदा होते हुए अपने गंतव्य तक जा सकेंगे.
जेल चुंगी और दिल्ली रोड पर भी रहेगा डायवर्जन
जेल चुंगी चौराहे पर दशहरा मेले के आयोजन के कारण गढ़ और मुरादाबाद की ओर से आने वाली जिन बसों को मुजफ्फरनगर और रुड़की जाना है, उन्हें डिग्गी तिराहे से डायवर्ट किया जाएगा. ये बसें तेजगढ़ी चौराहा, हापुड़ अड्डा चौराहा, बेगमपुल और जीरो माइल होते हुए अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगी.
डिग्गी तिराहे और तेजगढ़ी चौराहे से कमिश्नर आवास चौराहे के बीच भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. वहीं, डिग्गी तिराहे से यूनिवर्सिटी रोड के रास्ते जेल चुंगी की तरफ आने वाले हल्के वाहनों को किला रोड की ओर डायवर्ट कर दिया जाएगा.
दिल्ली रोड स्थित रामलीला ग्राउंड में दशहरा मेले के आयोजन के कारण बागपत तिराहे (फुटबॉल चौक) से दैनिक जागरण तिराहे के बीच सभी प्रकार के हल्के और भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. ऐसे वाहन बिजली बंबा बाईपास या बागपत तिराहे से बागपत रोड होते हुए अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगे.
ब्रह्मपुरी और दिल्ली चुंगी से आने वाले वाहन यहां से जाएंगे
ब्रह्मपुरी चौराहे और शारदा रोड से दिल्ली चुंगी की ओर आने वाले सभी प्रकार के वाहनों को रामलीला ग्राउंड, दिल्ली रोड की तरफ जाने की अनुमति नहीं होगी. ऐसे वाहनों को दिल्ली चुंगी से बागपत तिराहे (फुटबॉल चौक) और मलियाना पुल की ओर डायवर्ट कर दिया जाएगा. यहां से वाहन बागपत रोड होते हुए अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगे.
सूरजकुंड और भैंसाली मैदान के आसपास भी रास्ते रहेंगे बंद
सूरजकुंड पार्क में दशहरे के मेले के आयोजन के कारण गांधी आश्रम चौराहे से सूरजकुंड मंदिर, सीताराम पुलिया से सूरजकुंड मंदिर और सूरजकुंड स्पोर्ट्स मार्केट स्थित नाले की पुलिया से सूरजकुंड मंदिर की ओर सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा.
वहीं, भैंसाली ग्राउंड में दशहरा मेले के आयोजन के कारण जली कोठी से भैंसाली ग्राउंड, महताब तिराहे से भैंसाली ग्राउंड, सीपीयू स्कूल थाना सदर की ओर से भैंसाली ग्राउंड और गुरु तेग बहादुर स्कूल से भैंसाली ग्राउंड की तरफ आने वाले सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा.
दशहरा मेले में जाने से पहले जान लें ट्रैफिक के नियम
विजयदशमी पर मेरठ में अलग-अलग स्थानों पर मेले और रावण दहन के आयोजन के कारण कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित रहेगा. ऐसे में लोगों को सलाह दी जाती है कि वे घर से निकलने से पहले निर्धारित रूट की जानकारी लें और प्रतिबंधित रास्तों पर जाने से बचें. इससे जाम से बचने के साथ ही दशहरा मेले और रावण दहन का आनंद लेने में आसानी होगी.









