उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने अपने ताजा बयानों से राजनीतक सरगर्मी बढ़ा दिया है. खासकर ओवैसी के आजम खान के गृह जिले रामपुर में दिए गए भाषण के बाद मुसलमानों को लेकर नये सिरे से बहस शुरू हो गई है. मुस्लिम वोटरों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और झुकाव को लेकर विभिन्न दलों के बीच कथित धर्मनिरपेक्ष दलों के बीच खींचतान बढ़ती जा रही है. एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और भारतीय जनता पार्टी के बीच चल रहे सियासी दांव-पेच ने यूपी के चुनावी समीकरण को दिलचस्प बना दिया है. इस पूरे घटनाक्रम का विश्लेषण करने पर यह स्पष्ट होता है कि विपक्षी दलों के भीतर सत्ता और प्रतिनिधित्व की पुरानी व्यवस्था को लेकर गहरी नाराजगी उभर रही है.
ओवैसी ने आजम खान से दिखाई हमदर्दी तो अखिलेश ने बनाया रामपुर का प्लान
असदुद्दीन ओवैसी की ओर से जेल में बंद सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान की ओर से हमदर्दी दिखाए जाने के बाद खबर है कि अखिलेश यादव के तीन दिन बाद रामपुर जेल जाने की चर्चा है. बताया जा रहा है कि सपा प्रमुख आजम खान जेल जाकर आजम खान से मुलाकात करेंगे. जेल में अखिलेश और आजम खान की मुलाकात के लिए 45 मिनट का वक्त तय किया गया है. अखिलेश और आजम की आखिरी मुलाकात एक साल पहले 2025 में 7 नवंबर को हुई थी. जब आजम कुछ दिनों के लिए जेल से बाहर निकले थे. आजम दूसरी बार जेल गए तो अखिलेश ने उनसे मुलाकात तक नहीं की. यह खबर इसलिए चर्चा में है, क्योंकि एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने रामपुर के टांडा जाकर रैली की और अखिलेश पर आजम खान की अनदेखी करने के आरोप लगाए.
ओवैसी का आक्रामक रुख और मुस्लिम नेतृत्व की नई परिभाषा
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश के चुनावों से पहले अपनी रणनीति का दायरा बढ़ाते हुए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर सीधा हमला बोला है. रामपुर के टांडा में आयोजित रैली में ओवैसी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब उत्तर प्रदेश का मुस्लिम मतदाता किसी अन्य दल के भरोसे नहीं बैठेगा.
अब्दुल दरी बिछाने के लिए पैदा नहीं हुआ है. अब्दुल अब दरी नहीं बिछाएगा. सुन लो, ये जो नामनिहाद लोग नेहरू और गांधी का नाम तो लेते हैं और कहते हैं कि हम उनके सियासी जानशीन हैं… तुम किसी के भी जानशीन हो जाओ, तुम हमारे जानशीन नहीं हो सकते. अब्दुल हमारा जानशीन होगा इंशाल्लाह ताला.-असदुद्दीन ओवैसी, AIMIM
ओवैसी ने समाजवादी पार्टी पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी के किसी यादव नेता के जेल जाने पर तो तुरंत विरोध प्रदर्शन और चक्का जाम कर दिया जाता है, लेकिन आजम खान जैसे वरिष्ठ मुस्लिम नेता या अन्य सलाखों के पीछे मौजूद मुस्लिम नेताओं की अनदेखी कर दी जाती है. ओवैसी का यह आक्रामक अंदाज पारंपरिक मुस्लिम-यादव (एम-वाई) समीकरण के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है.
अखिलेश यादव का ‘पीडीए’ फॉर्मूला और वोटर लिस्ट का मुद्दा
दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने ‘पीडीए’ (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) फॉर्मूले को धार देने के लिए 26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर अपना नया मेनिफेस्टो (घोषणापत्र) जारी करने का ऐलान किया है. हालांकि, इस समय उनका मुख्य फोकस चुनाव आयोग की ओर से वोटर लिस्ट के शुद्धिकरण और कथित तौर पर फर्जी वोट जोड़े जाने के दावों पर है. अखिलेश का दावा है कि पार्टी के कार्यकर्ता बूथ स्तर पर इन अनियमितताओं की पहचान कर रहे हैं.
कन्नौज स्थित पार्टी कार्यालय में हाल ही में आयोजित पीडीए सम्मेलन में कुर्सियों के खाली रहने के वीडियो वायरल होने के बाद, सपा नेतृत्व ने जिला कार्यकारिणी को भंग कर दिया है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि अल्पसंख्यक और दलित वर्ग का समर्थन छिटकता है, तो सपा के लिए 2027 की राह कठिन हो सकती है.
भारतीय जनता पार्टी ने सपा के इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा:
वोट चोरी के झूठे नैरेटिव की हवा निकल चुकी है. समाजवादी पार्टी की रैलियों में भीड़ नहीं आ रही है, इसलिए अखिलेश बौखलाए हुए हैं.- केशव प्रसाद मौर्य, उपमुख्यमंत्री (उत्तर प्रदेश)
वहीं, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने भी अखिलेश यादव के घोषणापत्र पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सपा कार्यकाल के दौरान गुंडागर्दी और अपराधियों को संरक्षण देने का जो दौर था, उसे जनता भूली नहीं है और अब जनता विकास के मार्ग पर आगे बढ़ चुकी है.
- उत्तर प्रदेश की अनुमानित कुल आबादी: लगभग 25 करोड़ (जिसमें करीब 5 करोड़ मुस्लिम आबादी शामिल है).
- कुल वोटर: लगभग 13.40 करोड़ (जिसमें करीब 2.68 करोड़ मुस्लिम वोटर हैं).
- योगी मंत्रिमंडल में मुस्लिम प्रतिनिधित्व: 60 सदस्यीय मंत्रिमंडल में एकमात्र मुस्लिम राज्य मंत्री (लगभग 1.6% हिस्सेदारी).
- विधानसभा में मुस्लिम विधायक: 403 सदस्यीय विधानसभा में 34 मुस्लिम विधायक (लगभग 8.4% हिस्सेदारी).
- लोकसभा में मुस्लिम सांसद: उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 5 मुस्लिम सांसद (लगभग 6.25% हिस्सेदारी).
- 2022 विधानसभा चुनाव में AIMIM का वोट शेयर: 0.49% (कोई सीट नहीं जीत पाई थी).
- 2024 लोकसभा चुनाव में INDIA गठबंधन का कुल वोट शेयर: 43.52% (सपा को 33.59% और कांग्रेस को 9.46% वोट मिले थे).









