मेड़ बनाकर करें प्याज की खेती, एक हेक्टेयर में 30 हजार की लागत से 100 दिन में कमाएं 2 लाख

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मेड़ बनाकर करें प्याज की खेती, एक हेक्टेयर में 30 हजार की लागत से कमाएं दो लाख

Last Updated:March 11, 2026, 11:37 IST

इन दिनों प्याज़ की खेती को नये तकनीक से करना शुरू कर दिए है. इस समय प्याज़ की खेती किसानों के लिए लाभकारी खेती है. यदि किसान पारंपरिक तरीके की जगह मेड क्यारी बनाकर प्याज़ की बुवाई करें, तो उत्पादन के साथ-साथ मुनाफा भी अच्छा मिल सकता है. बुवाई करने से सबसे पहले खेत को अच्छी तरह से जुताई कर मिट्टी को भुरभुरा बना लें. अंतिम जुताई के दौरान ध्यान रखे अगर गोबर की कम्पोस्ट खाद हो तो उसे पुरे खेतो मे बिखेर दें. ताकि जुताई के दौरान पुरे खेतो मे फ़ैल जाये जिससे फसलों को अच्छा असर होता है.

कौशांबीः दिन व दिन किसान खेती में तकनीक को शामिल करते नजर आ रहे हैं. इन दिनों प्याज़ की खेती को नये तकनीक से करना शुरू कर दिए है. इस समय प्याज़ की खेती किसानों के लिए लाभकारी खेती है. यदि किसान पारंपरिक तरीके की जगह मेड क्यारी बनाकर प्याज़ की बुवाई करें, तो उत्पादन के साथ-साथ मुनाफा भी अच्छा मिल सकता है.

बुवाई करने से सबसे पहले खेत को अच्छी तरह से जुताई कर मिट्टी को भुरभुरा बना लें. अंतिम जुताई के दौरान ध्यान रखे अगर गोबर की कम्पोस्ट खाद हो तो उसे पुरे खेतो मे बिखेर दें. ताकि जुताई के दौरान पुरे खेतो मे फ़ैल जाये जिससे फसलों को अच्छा असर होता है. इससे फसल अच्छी तैयार होती है और प्याज़ की फली भी बडी बडी निकलती है. इसके बाद ऊंची मेड तैयार करें. मेड तैयार करते समय पानी निकासी की जगह जरूर बनाये ताकि खेतो मे पानी ना भर जाये जिससे फसल में सड़न और रोग का खतरा कम हो जाता है.

मेड़ विधि से करें प्याज की खेती

खाद और उर्वरक की बात करें तो प्रति बीघा मे  8 से 10 क्विंटल सड़ी हुई गोबर की खाद डाल दे. गोबर की खाद खेतो में डालने से नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश जैसे पोषक तत्व मिलते हैं जो फसल के साथ साथ मिट्टी को उपजाऊ बनाती है जिससे पौधों की अच्छी बढ़वार अच्छी हो. किसान रामकिशोर ने बताया कि अगर प्याज की बुवाई मेड के तरीके से करते हैं तो उसमें प्याज की जो कंद निकलती है वह अच्छी और साफ सुथरी होती है. मेड के माध्यम से प्याज की बुवाई करने पर पैदावार भी अधिक होती है. इस माध्यम से बुवाई करने पर किस को सिंचाई भी काम करना पड़ता है क्योंकि इस फसल में पानी की हल्की मात्रा देनी होती है. अगर खेतों में पानी का भरा हो जाता है तो फसल सड़ने लगते हैं. इसलिए मेड़ो के माध्यम से बुवाई करना चाहिए क्योंकि यह मेड़ो मे ऊँची जगह पर होती है तो फसल अच्छी होती है. यह फसल 100 से 120 दिनों में तैयार होकर बाजारों पर पहुंच जाती है.

120 दिन में मिलने लगेगा बंपर मुनाफा

कृषि अधिकारी रमेश चंद्र ने बताया कि किसान अगर प्याज की बुवाई करना चाहता है तो सबसे पहले खेत को अच्छी तरह से जुताई कर ले और मिट्टी को भुरभुरी कर लें. खेत की जुताई करने के बाद खेतों में आलू की तरह मेड तैयार कर ले और इस मेड में प्याज के पौधों को रोपाई कर दे. उसके बाद खेतों में हल्की सिंचाई भी कर दें क्योंकि इस विधि से प्याज की बुवाई करने पर फसल में सड़ने की संभावना नहीं रहती है और रोग भी नहीं लगते हैं. इस तरह से किसान को प्याज की खेती करने में कम लागत में अधिक मुनाफा प्राप्त हो जाता है.

कृषि अधिकारी रमेश चंद्र ने बताया कि या फसल 80 दिनों में तैयार हो जाती है और कटाई करने के लिए लगभग 100 दिनों तक पहुंच जाती है. बात करें लागत की तो एक हेक्टेयर जमीन में लगभग 30 से 40 हजार पूरा खर्च लगता है. किस को मुनाफा लगभग डेढ़ से 2 लख रुपए हो जाता है. इस तरह किसान 100 दिनों में लाखों की कमाई कर सकता है.

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Rajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें

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Location :

Kaushambi,Uttar Pradesh

First Published :

March 11, 2026, 11:37 IST

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