मधुबन में किसे मिलेगा वोट? मतदाताओं ने बताया अपना मुद्दा और पसंद

मऊ: 2027 में विधानसभा चुनाव होना है और अब चुनावी सरगर्मी बढ़ गई है. प्रत्येक चट्टी-चौराहे और गांव में चुनाव की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. लोग अपने प्रत्याशियों को तलाशना शुरू कर दिए हैं. ऐसे में आइए, आज हम जानते हैं कि मऊ जनपद के मधुबन विधानसभा 353 में क्या चुनावी मुद्दे होंगे, विधायक का कार्यकाल कैसा रहा और इस बार किस मुद्दे पर मतदान करेंगे.

जनता की समस्याएं सुनने वाला चाहिए प्रत्याशी

लोकल 18 से बात करते हुए मधुबन विधानसभा 353 के मतदाता विजय शंकर बताते हैं कि 5 साल का विधायक का कार्यकाल सही नहीं रहा. चुनाव जीतने के बाद वह क्षेत्र में नजर नहीं आए. मधुबन विधानसभा से वर्तमान विधायक आजमगढ़ के रहने वाले हैं. चुनाव के दौरान क्षेत्र में आए और बड़े-बड़े सपने दिखाए और दिखाने के बाद चुनाव जीत गए, लेकिन चुनाव जीतने के बाद से क्षेत्र से गायब रहते हैं. कभी-कभी क्षेत्र में आते हैं और सोशल मीडिया पर अपनी फोटो खिंचवाकर चले जाते हैं. विकास के नाम पर मधुबन विधानसभा शून्य रह गया. लेकिन इस बार मतदान करते समय प्रत्याशी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. जो प्रत्याशी स्थानीय होगा, उसे चुनाव जिताया जाएगा, ताकि कोई समस्या हो तो विधायक इसी क्षेत्र में मिल जाएं, न कि अपनी समस्या को लेकर आजमगढ़ जाना पड़े. यदि स्थानीय विधायक रहेंगे तो सारी समस्याओं का समाधान यहीं आसानी से हो जाएगा.

शिक्षा, रोजगार और महंगाई को देखते हुए किया जाएगा मतदान

हरेंद्र यादव बताते हैं कि वर्तमान विधायक का कार्यकाल शून्य रह गया. विकास के नाम पर क्षेत्र में कुछ नहीं हुआ. विकास को लेकर जनता को जो उम्मीद थी, विधायक द्वारा वह पूरी नहीं की गई. इस बार मुद्दे कुछ अलग होंगे. सबसे पहले स्थानीय प्रत्याशी की मांग रहेगी और महंगाई, शिक्षा और बेरोजगारी को प्राथमिकता दी जाएगी, क्योंकि वर्तमान में महंगाई से आम जनता परेशान है. चीनी का रेट काफी बढ़ गया है और हर चीज की महंगाई से आदमी परेशान है. इस बार मतदान करते समय इन बातों का विशेष ध्यान दिया जाएगा. प्रत्याशी किसी दल का हो, लेकिन स्थानीय प्रत्याशी होना चाहिए, क्योंकि बाहरी प्रत्याशी आते हैं और चुनाव जीतकर चले जाते हैं. क्षेत्र में विकास नहीं होता है.

सदन में जनता की आवाज उठाने वाला चाहिए प्रत्याशी

चंद्रकांत मौर्य उर्फ पप्पू बताते हैं कि इस बार सबसे बड़ा मुद्दा स्थानीय विधायक का होगा और विधायक ऐसा होना चाहिए, जो सदन में क्षेत्र की समस्याओं की आवाज उठाए. क्योंकि वर्तमान में हर जगह भ्रष्टाचार बढ़ गया है और महंगाई काफी बढ़ गई है. इसके चलते आम जनता परेशान है. विधायक ऐसा चुना जाएगा, जो जनता के हित में सदन में मांग उठाए और उनके हित में काम करे. मधुबन विधानसभा में इतना भ्रष्टाचार बढ़ गया है कि थाने में महिलाओं को छागल और गहने तक गिरवी रखकर अपनी समस्याओं का समाधान कराना पड़ता है. यदि स्थानीय और क्षेत्रीय विधायक होते तो यह समस्याएं उन्हें अवगत कराई जातीं और इस प्रकार का भ्रष्टाचार नहीं होता. लेकिन आजमगढ़ के विधायक होने की वजह से जनता अपनी शिकायत उनसे नहीं कर पाती. ऐसे में स्थानीय प्रत्याशी पर विशेष ध्यान देते हुए इस बार मतदान किया जाएगा.

वर्तमान विधायक का धरातल पर नहीं दिख रहा काम

श्यामबली चौहान बताते हैं कि इस बार मतदान करते समय किसानों की समस्या, बेरोजगारी, शिक्षा और क्षेत्र के विकास को ध्यान में रखते हुए मतदान किया जाएगा. वर्तमान में विधायक का 5 साल में कोई कार्य जमीन पर दिखाई नहीं दिया. इस वजह से इस बार जनता स्थानीय प्रत्याशी की मांग कर रही है और स्थानीय प्रत्याशी को ही चुनाव जिताना है. चाहे वह किसी भी दल का प्रत्याशी हो, जनता के हित में कार्य करने वाला और उनकी समस्याओं को सुनने वाला प्रत्याशी चाहिए. जनता ने वर्तमान विधायक को चुनाव जिताया कि पहली बार विधायक बन रहे हैं तो जनता के बीच रहकर क्षेत्र का विकास करेंगे, लेकिन चुनाव जीतने के बाद वह क्षेत्र से गायब हो गए. कभी-कभी आते हैं और सिर्फ सोशल मीडिया पर फोटो खिंचवाकर चले जाते हैं. इस बार सबसे बड़ी प्राथमिकता स्थानीय प्रत्याशी को दी जाएगी.

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dainikupeditor@gmail.com

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