दुर्गा नाग शक्तिपाल के बाद एक और IAS की बढ़ी टेंशन, इलाहाबाद हाईकोर्ट का नोटिस, अदालत में

Last Updated:August 24, 2026, 23:22 IST

IAS Anil Garg: उत्तर प्रदेश की नौकरशाही पर एक बार फिर न्यायपालिका का हंटर चला है. हाल ही में देवीपाटन मंडल की कमिश्नर आईएएस दुर्गा शक्ति नागपाल द्वारा गोंडा की एक सिविल जज को फोन कर प्रभावित करने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए आपराधिक अवमानना कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. इसी कड़ी में अब सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अनिल गर्ग को भी हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने कड़ा अवमानना नोटिस जारी किया है. अदालती आदेशों की लगातार अनदेखी और प्रशासनिक मनमानी पर अदालत की इस दोहरी सख्ती से पूरे प्रशासनिक गलियारों में भारी हड़कंप मच गया है.

इलाहाबाद हाईकोर्ट

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक अमले और न्यायपालिका के बीच तनातनी चरम पर है. रविवार को गोंडा के देवीपाटन मंडल की मंडलायुक्त और चर्चित आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल एक पुराने भूमि विवाद मामले में सिविल जज को धमकाने का आरोप लगा था. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आपराधिक अवमानना की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, वहीं दूसरी तरफ लापरवाही की वजह से एक और सीनियर आईएएस पर गाज गिरती हुई दिख रही है. सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव अनिल गर्ग पर हाईकोर्ट की आदेशों की लगातार अवहेलना करने नाराजगी जताई है.

यह पूरा मामला रिटायर्ड एक्सईएन दिनेश सिंह सचान की अवमानना याचिका से जुड़ा हुआ है. हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने गत 9 दिसंबर 2025 को एक अहम फैसला सुनाते हुए सचान पर लगाई गई दो वेतन वृद्धियां संचयी प्रभाव से रोकने की सजा और निंदा प्रविष्टि को पूरी तरह से रद्द कर दिया था. इसके साथ ही, कोर्ट ने विभाग को निर्देश दिया था कि वह याची के मुख्य अभियंता लेवल-1 पद पर प्रमोशन के दावे पर 8 हफ्ते के भीतर विचार कर निर्णय ले. लेकिन, महीनों बीत जाने के बावजूद जब आदेश का पालन नहीं हुआ, तो याची ने अदालत का दरवाजा खटखटाया.

कोर्ट की दो टूक: व्यक्तिगत पेशी या मुआवजा
याची के अधिवक्ताओं द्वारा मामला संज्ञान में लाए जाने के बाद हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है. अदालत ने आईएएस अनिल गर्ग को निर्देश दिया है कि-

  • यदि 9 दिसंबर 2025 के आदेश का पालन हो चुका है, तो सक्षम अधिकारी अनुपालन हलफनामा (Compliance Affidavit) दाखिल कर व्यक्तिगत उपस्थिति से बच सकते हैं.
  • यदि आदेश का पालन अभी तक नहीं हुआ है, तो प्रमुख सचिव को आदेश की जानकारी मिलने के दो सप्ताह के भीतर अनुपालन करना होगा.
  • इसके साथ ही, देरी के लिए आवेदक को 5 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति अपनी जेब से देनी होगी. कोर्ट ने साफ किया है कि इस हर्जाने की राशि का भुगतान सरकारी राजकोष से नहीं किया जाएगा, बल्कि संबंधित अधिकारी को खुद भरना होगा.

24 सितंबर को कोर्ट में होना होगा तलब
हाईकोर्ट ने चेतावनी दी है कि यदि तय अवधि में आदेश का अनुपालन नहीं किया गया, तो आईएएस अनिल गर्ग को आगामी 24 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से अदालत में हाजिर होना होगा. एक तरफ दुर्गा शक्ति नागपाल मामले में न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर प्रहार को लेकर अदालती सख्ती, और दूसरी तरफ अनिल गर्ग मामले में प्रशासनिक लापरवाही पर कड़ा एक्शन – इन दोनों घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि न्यायिक आदेशों की हीलाहवाली अब किसी भी कीमत पर सहन नहीं की जाएगी.

About the Author

Deep Raj DeepakSub-Editor

सिविल सर्विसेज की तैयारी करते-करते कब 4 साल पहले पत्रकारिता की ओर झुकाव हो गया पता ही नहीं चला. नाम दीप राज दीपक है. वर्तमान में News18 हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं. पद सब-एडिटर …

और पढ़ेंLocation :

Allahabad,Uttar Pradesh

First Published :

August 24, 2026, 23:22 IST

Source

dainikupeditor@gmail.com

Writer & Blogger

All Posts
Previous Post
Next Post

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • योजनाये
  • राजनीति