गर्मियों में किसान करें यह खेती, सिर्फ 60 दिनों में बन जाएंगे मालामाल

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गर्मियों में किसान करें यह खेती, सिर्फ 60 दिनों में बन जाएंगे मालामाल

Last Updated:March 11, 2026, 12:24 IST

Agriculture News: मुरादाबाद के किसान रबी फसल के बाद गर्मियों में मूंग की खेती कर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. कृषि वैज्ञानिक डॉ. दीपक मेहंदीरत्ता के अनुसार मूंग की फसल मार्च-अप्रैल में बोई जाती है और 60 से 70 दिनों में तैयार हो जाती है. इसके लिए 20 से 25 किलो बीज प्रति हेक्टेयर की जरूरत होती है. इसकी लागत करीब 10 से 15 हजार रुपये प्रति एकड़ आती है, जबकि किसान 30 से 50 हजार रुपये तक कमा सकते हैं. मूंग दलहनी फसल है, जो मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ाती है.

मुरादाबाद: रबी फसल की कटाई के बाद किसान अगर खाली खेतों का सही उपयोग करें तो कम समय में अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार गर्मियों के मौसम में मूंग की खेती किसानों के लिए एक लाभकारी विकल्प बन सकती है. यह फसल कम लागत, कम पानी और कम समय में तैयार होकर किसानों को बेहतर आय देने में मदद करती है.

60 से 70 दिनों में तैयार होने वाली फसल

कृषि वैज्ञानिक डॉ. दीपक मेहंदीरत्ता के अनुसार मूंग की खेती मार्च और अप्रैल के महीने में की जाती है. इस मौसम में बोई जाने वाली मूंग की फसल शॉर्ट ड्यूरेशन होती है और करीब 60 से 70 दिनों में तैयार हो जाती है. इसके लिए लगभग 20 से 25 किलो बीज प्रति हेक्टेयर की आवश्यकता होती है. चूंकि मूंग दलहनी फसल है, इसलिए इसमें ज्यादा खाद की जरूरत नहीं पड़ती. यह फसल मिट्टी में नाइट्रोजन फिक्स करने का काम भी करती है, जिससे जमीन की उर्वरता बढ़ती है.

कम लागत में ज्यादा मुनाफा

मूंग की खेती की लागत भी अपेक्षाकृत कम होती है. एक एकड़ में इसकी खेती पर लगभग 10 से 15 हजार रुपये तक खर्च आता है, जबकि अच्छी पैदावार होने पर किसान 30 से 50 हजार रुपये तक का मुनाफा कमा सकते हैं. कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार मूंग की औसत पैदावार करीब 10 से 12 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक मिल जाती है.

सहफसली खेती में भी फायदेमंद

विशेषज्ञ बताते हैं कि मूंग की खेती को सहफसली के रूप में भी किया जा सकता है. बसंत कालीन गन्ने की फसल के बीच भी किसान आसानी से मूंग की बुवाई कर सकते हैं. इससे किसानों को एक ही खेत से दोहरी आय का लाभ मिल सकता है.

बाजार में अच्छी डिमांड

वर्तमान समय में मूंग की दाल की बाजार में काफी अच्छी मांग है. यही वजह है कि कम समय में तैयार होने वाली यह फसल किसानों के लिए आय बढ़ाने का अच्छा साधन बन सकती है. अगर किसान वैज्ञानिक तरीके से इसकी खेती करें तो कम लागत में बेहतर मुनाफा प्राप्त कर सकते हैं.

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Lalit Bhatt

पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें

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Location :

Moradabad,Uttar Pradesh

First Published :

March 11, 2026, 12:16 IST

Source

dainikupeditor@gmail.com

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