Last Updated:March 11, 2026, 12:43 IST
गौतम बुद्ध के महापरिनिर्वाण के बाद उनके अस्थियों को आठ भागों में बांटा गया था. जिसमें से एक भाग महराजगंज जिले के इस जगह पर मौजूद है. नवंबर 2024 में आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया की टीम यहां पर पहुंची और इस जगह पर उत्खनन किया. उत्खनन के बाद यहां से मिले अवशेष को वह अपने साथ भी ले गई. यहां पर हुए उत्खनन के बाद से धीरे-धीरे पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है और इसके साथ ही यहां पर अलग-अलग टूरिस्ट स्पॉट भी बनाए जा रहे हैं.
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महराजगंज: उत्तर प्रदेश का महराजगंज जिला ऐतिहासिक दृष्टि से बहुत ही समृद्ध जिला माना जाता है. जिले का एक बड़ा हिस्सा वन संपदा से समृद्ध है और अलग-अलग हिस्सों में बहुत से वन क्षेत्र हैं. इन वन क्षेत्र में बहुत से धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल मौजूद हैं जो अपने ऐतिहासिक मान्यताओं और धार्मिक मान्यताओं के लिए जाने जाते हैं. महराजगंज जिले के चौक क्षेत्र के जंगलों में भी एक ऐसा ही ऐतिहासिक स्थल मौजूद है जिसे रामग्राम के नाम से जाना जाता है.
गौतमबुद्ध की अस्थियों को आठ जगह बांटा गया
ऐसा माना जाता है कि गौतम बुद्ध के महापरिनिर्वाण के बाद उनके अस्थियों को आठ भागों में बांटा गया था. जिसमें से एक भाग महराजगंज जिले के इस जगह पर मौजूद है. नवंबर 2024 में आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया की टीम यहां पर पहुंची और इस जगह पर उत्खनन किया. उत्खनन के बाद यहां से मिले अवशेष को वह अपने साथ भी ले गई. यहां पर हुए उत्खनन के बाद से धीरे-धीरे पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है और इसके साथ ही यहां पर अलग-अलग टूरिस्ट स्पॉट भी बनाए जा रहे हैं.
उत्खनन के बाद से इस ऐतिहासिक स्थल पर पर्यटकों का आकर्षण बढ़ता जा रहा है. समय-समय पर यहां पर्यटकों की भीड़ देखने को मिलती है और इसके साथ ही बौद्ध धर्म के अलग-अलग कार्यक्रमों का आयोजन भी यहां पर होता है. स्थानीय प्रशासन भी इसे लगातार विकसित करने का प्रयास कर रही है और इसी कड़ी में इसके आसपास यहां आने वाले पर्यटकों के लिए सुविधा उपलब्ध कराई जा रही हैं.
बौद्ध परिपथ योजना से जोड़ा जाएगा
महराजगंज जिले के निचलौल क्षेत्र के राजेंद्र प्रसाद ताराचंद महाविद्यालय में इतिहास के प्रवक्ता डॉ बृजेश पांडे ने बताया कि यदि उत्खनन में मिले अवशेषों से इस जगह के इतिहास की प्रमाणिकता सामने आती है तो इतिहास की एक बहुत बड़ी समस्या हल हो जाएगी. इसके साथ ही आने वाले समय में इसे प्रशासन की बौद्ध परिपथ योजना से इसे जोड़कर विकसित किया जा सकता है जिससे यहां पर पर्यटन विकसित होगा और लोगों का आवागमन बढ़ेगा.
जंगलों के बीच है रामग्राम
रामग्राम की बात करें तो यह जिले के चौक क्षेत्र के जंगलों में मौजूद है जहां का वातावरण बेहद शांत है. इसके साथ ही इसको एक इको टूरिज्म के रूप में विकसित किया जा रहा है जहां पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए इसे एक पर्यटन हब बनाने का प्रयास किया जा रहा है. यहां आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए चौक बाजार से लेकर रामग्राम तक सड़क बनाई जा रही है जिससे पर्यटक आसानी से यहां पर पहुंच सकें. आगामी भविष्य में यह ऐतिहासिक स्थल एक बड़े पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा जहां पर्यटकों की एक बड़ी भीड़ देखने को मिलेगी और इसके साथ ही बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए यह एक बड़ा धार्मिक स्थल के रूप में उभरेगा.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें
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Location :
Maharajganj,Mahrajganj,Uttar Pradesh
First Published :
March 11, 2026, 12:43 IST










