गंगा के फूस-रेती पर तरबूज की खेती कर किसान बदल रहे किस्मत, जाने खेती का तरीका

Last Updated:March 11, 2026, 12:53 IST

फर्रुखाबादी तरबूज की यह फसल उगाने की विधि गजब है जहां कुश को सहायता से गंगा की कटरी में भारी मात्रा में तरबूज उगाई जाती है. तरबूज की फसल बिना किसी अतिरिक्त लागत के तैयार कर रहे हैं. मार्च के महीने में मिठास से भरपूर तरबूज बाजार में खूब बिकने लगता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि उस मिठास भरे तरबूज को तैयार करने के लिए कितनी सर्दी और बर्फीले मौसम के बीच किसान गंगा की तलहटी में इन तरबूज के पौधों को उगाने में कड़ी मशक्कत करते हैं.

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फर्रुखाबाद: फर्रुखाबादी तरबूज की यह फसल उगाने की विधि गजब है जहां कुश को सहायता से गंगा की कटरी में भारी मात्रा में तरबूज उगाई जाती है. तरबूज की फसल बिना किसी अतिरिक्त लागत के तैयार कर रहे हैं. मार्च के महीने में मिठास से भरपूर तरबूज बाजार में खूब बिकने लगता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि उस मिठास भरे तरबूज को तैयार करने के लिए कितनी सर्दी और बर्फीले मौसम के बीच किसान गंगा की तलहटी में इन तरबूज के पौधों को उगाने में कड़ी मशक्कत करते हैं.

गंगा की रेती पर तैयार हो रहा तरबूज

पतित पावनी सदा नीरा मां गंगा जीवनदायिनी हैं. वह अनेकों परिवारों को रोजगार का साधन भी देती हैं. इस समय तरबूज की फसल के लिए गंगा की पवित्र रेती को तैयार किए जाने का काम तेजी से हो रहा है. ऐसे में तरबूज का बीज गाड़ने के लिए फावड़े से नालियां बनाई जा रही हैं. इसके बाद इन नालियों में ही तरबूज, खीरा, ककड़ी, कद्दू के साथ ही करेला और परवल की फसल तैयार करने के लिए उनके बीज की बुवाई की जाती है.

बिना खाद, दवा के होती हैं फसल

फर्रुखाबाद के कमालगंज के अनेको किसान गंगा की रेती में तरबूज की फसल करते हैं. लौकी की फसल भी रेती में बोई जाती है इस समय फसल के लिए रेती में करीब पांच-पांच कदम पर फावड़े से जगह बनाकर नालियां बनाई जा रही हैं. नाली में घासफूस निकाल कर सफाई की जा रही है. जैविक खाद (घूरा) डालने का काम हो गया है. वही इस समय पर पाला (कोहरा) से बचाव के लिए पतेल आदि पहुंचाई जा रही.

लोकल18 से किसान ने बताया कि तरबूज के लिए नाली 10 कदम की दूरी पर बन रही है. तरबूज के बीज बेचने के लिए दिल्ली, बरेली, बदायूं, बैंगलुरू से व्यापारी आते हैं. कुछ नकद व कुछ उधार में तरबूज का बीज मिल जाता है. जिसकी वही अभी से बुआई शुरू कर दिए हैं. इसी माह के अंत तक सारी तरबूज बीज की गड़ाई पूरी हो जायेगी.

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Rajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें

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Location :

Farrukhabad,Uttar Pradesh

First Published :

March 11, 2026, 12:53 IST

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dainikupeditor@gmail.com

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