Last Updated:August 25, 2026, 14:51 IST
UP Election 2027 : उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 के विधानसभा चुनाव का ट्रेलर दिखने लगा है. पहले दादरी में समाजवादी पार्टी (सपा) ने बड़ी सभा कर चुनावी माहौल बनाया. इसके बाद बीजेपी ने भी दादरी में शक्ति प्रदर्शन किया. अब आज बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने अपना दमखम दिखाया. बसपा जेवर में अपने पुराने सियासी गढ़ को दोबारा मजबूत करने की कोशिश कर रही है. मंच से जेवर विधानसभा सीट से उम्मीदवार की घोषणा कर दी गई है. आइए जानते हैं कौन हैं सतवीर सिंह नागर, जिन पर बसपा ने विश्वास दिखाया है.
सतवीर नागर को जेवर सीट के लिए प्रत्याशी चुना.
UP Politics : बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का आज जेवर विधानसभा सीट पर कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया. इस दौरान पार्टी के राष्ट्रीय चीफ कोर्डिनेटर आकाश आनंद ने कार्यक्रम को संबोधित किया और जेवर विधानभा सीट से प्रत्याशी के नाम का भी ऐलान कर दिया. बसपा ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए पूर्व विधायक सतवीर सिंह नागर की पार्टी में पहले ही वापसी कर ली थी. अब उन्हें उम्मीदवार के रूप में भी चुना गया है. आइए जानते हैं आखिर कौन हैं सतवीर सिंह नागर?
पहले भी बसपा के लिए उतर चुके हैं मैदान में
सतवीर सिंह नागर ओबीसी वर्ग की गुर्जर जाति से आते हैं. वे दादरी विधानसभा सीट से वर्ष 2007 और 2012 में बसपा के टिकट पर विधायक चुने गए थे. इसके अलावा 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव में बसपा ने उन्हें गौतमबुद्ध नगर संसदीय सीट से उम्मीदवार बनाया था. अब एक बार फिर मायावती ने सतवीर सिंह नागर में विश्वास दिखाया है. उन्हें जेवर विधानभा सीट से मैदान में उतारा जाएगा.
इस साल जून में किया था पार्टी से निष्कासित
हालांकि, दिलचस्प बात यह है कि लोकसभा चुनाव की सरगर्मी तेज होने से पहले ही इसी साल बसपा चीफ मायावती ने गौतमबुद्ध नगर में बड़़ी कार्रवाई कर संगठन में पदाधिकारियों को सख्त संदेश दिया था. शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर पूर्व लोकसभा प्रत्याशी सतवीर नागर को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था. जिलाध्यक्ष की ओर से उन्हें पहले भी लगातार अनुशासनहीनता बरतने पर सख्त हिदायत दी गई थी. बाद में कुछ दिनों बाद ही नागर की पार्टी में फिर से वापसी हो गई थी.
जब सतवीर सिंह नागर को पार्टी में वापस बुलाया गया तो उन्हें मेरठ मंडल का प्रभारी नियुक्त किया गया. बसपा की ओर से उनकी वापसी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक मजबूती के तौर पर देखा जा रहा है. पार्टी कार्यकर्ताओं ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे आगामी चुनावों के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया. अब सतवीर सिंह नागर को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है. देखना होगा आने वाले चुनाव में क्या कुछ नतीजे आते हैं.
क्यों हैं जेवर बसपा के लिए अहम?
बसपा ने सभा के लिए दादरी की बजाय जेवर सीट को चुना है. इसके पीछे जेवर की बदलती सियासत भी अहम मानी जा रही है. एयरपोर्ट के कारण जेवर क्षेत्र की राजनीतिक अहमियत लगातार बढ़ी है. बसपा इसी क्षेत्र से अपने पुराने वोट बैंक और सामाजिक समीकरणों को फिर से साधने की कोशिश करती नजर आ रही है. जेवर को बसपा के लिए इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि यह सीट पार्टी का पुराना और मजबूत गढ़ रही है. 2002 नरेंद्र कुमार, 2007 में होराम सिंह और 2012 में वेदराम भाटी बसपा के टिकट पर जीते थे. दादरी सीट पर भी बसपा का दबदबा रहा है. यहां सतवीर गुर्जर लगातार विधायक रहे थे.
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काव्या मिश्राSenior Sub Editor
Kavya Mishra is a Senior Sub Editor at News18 Hindi with over seven years of experience in digital and print journalism. She is part of the regional editorial team, covering Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana …
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Greater Noida,Gautam Buddha Nagar,Uttar Pradesh
First Published :
August 25, 2026, 14:51 IST










