Last Updated:March 11, 2026, 13:40 IST
Aligarh News: अलीगढ़ की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और रेफरी शालिनी चौहान वर्षों से लड़कियों को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग देकर सशक्त बना रही हैं. वह अब तक 10 हजार से अधिक बालिकाओं और महिलाओं को ताइक्वांडो सिखा चुकी हैं. उनके योगदान को देखते हुए उन्हें ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ और ‘मतदाता जागरूकता मिशन’ का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है. शालिनी पिछले 26 वर्षों से ताइक्वांडो सिखा रही हैं और उनके कई छात्र अब अलग-अलग स्कूलों में प्रशिक्षक बन चुके हैं. उनका सपना है कि हर लड़की आत्मनिर्भर बने.
अलीगढ़. जब लड़कियों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की बात आती है तो सबसे पहले अलीगढ़ की शालिनी चौहान का नाम लोगों दिमाग में आता है. क्योंकि शालिनी चौहान जिले की लड़कियों को आत्मरक्षा में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सालों से पसीना बहा रही हैं.अलीगढ़ की अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी और रेफरी शालिनी को जिले की लड़कियां भी अपना मेंटर मानती हैं.
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की हैं ब्रांड एंबेसडर
दरअसल, शालिनी चौहान ने एक या दो नहीं बल्कि 10,000 से अधिक बालिकाओं और महिलाओं को ताइक्वांडो से आत्मरक्षा करने के तरीके सिखा कर उन्हें सशक्त कर चुकी हैं. इसी का नतीजा है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने शालिनी को ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान और ‘मतदाता जागरूकता मिशन’ का ब्रांड एंबेसडर बनाया हुआ है.
सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग है जरूरी
शालिनी कहती हैं कि वह शुरू से ही लड़कियों की आत्मरक्षा के कांसेप्ट को लेकर जागरूक रही हैं. क्योंकि महिलाओं के खिलाफ अपराध के माहौल में बालिकाओं को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग होनी बहुत ज़रूरी है. शालिनी बताती हैं कि ताइक्वांडो रोजगार से भी जुड़ा हुआ है. क्योंकि उनके ट्रेंड किए हुए 50 स्टूडेंट्स अलग-अलग स्कूलों में प्रशिक्षक भी बन चुके हैं.
26 सालों से सिखा रही हैं ताइक्वांडो
शालिनी ने बताया कि 1988 से उन्होंने ताइक्वांडो खेलना शुरू किया था. करीब 26 साल तो उन्हें ताइक्वांडो सिखाते हो गए हैं. उन्होंने इस खेल में देश का प्रतिनिधित्व अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक खिलाड़ी और रेफरी के तौर पर किया है. इस अमूल्य योगदान के लिए उन्हें मलाला समेत कई अवाॅर्ड्स से सम्मानित भी किया जा चुका है.
हर लड़की बने आत्मनिर्भरइसके अलवा शालिनी ने समाज के लिए और भी काम किए हैं. बेहतर खानपान और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए वह लोगों को ऑनलाइन सलाह व काउंसिलिंग देती रही हैं. शालिनी जिले में उस समय में भी चर्चा में रही थीं, जब उन्होंने न सिर्फ सेनेटरी पैड्स के प्रति जागरूकता अभियान चलाया, बल्कि उसका वितरण भी किया था. अब शालनी चाहती है कि देश की हर लड़की आत्मनिर्भर बने, यही उनका सपना है.
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पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें
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Location :
Aligarh,Uttar Pradesh
First Published :
March 11, 2026, 13:40 IST










