Last Updated:March 11, 2026, 11:19 IST
UP Assistant Teacher Recruitment: करीब 10 साल की कानूनी लड़ाई के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उत्तर प्रदेश में 1113 अभ्यर्थियों को साइंस और मैथ के असिस्टेंट टीचर पद पर नौकरी मिल गई है. बेसिक शिक्षा परिषद ने चयनित उम्मीदवारों को जिले आवंटित कर दिए हैं और 19 मार्च तक नियुक्ति व पोस्टिंग प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं.
चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति और पोस्टिंग की प्रक्रिया 19 मार्च 2026 तक पूरी कर ली जाएगी.
UP Assistant Teacher Recruitment: प्रयागराज से एक बड़ी खबर सामने आई है. करीब एक दशक की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार 1,113 बेरोजगार अभ्यर्थियों को नौकरी मिल गई है. इन सभी उम्मीदवारों ने काउंसिल के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में साइंस और मैथ के असिस्टेंट टीचर पद के लिए आवेदन किया था. अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इन उम्मीदवारों को अलग-अलग जिलों में नियुक्ति के लिए अलॉटमेंट दे दिया गया है.
बेसिक एजुकेशन काउंसिल के सचिव सुरेंद्र कुमार तिवारी ने सोमवार को इन चयनित अभ्यर्थियों को जिलों का आवंटन किया. यह प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट द्वारा 29 जनवरी 2025 को नीरज कुमार पांडे और अन्य बनाम राज्य सरकार मामले में दिए गए आदेश के आधार पर पूरी की गई है.
19 मार्च तक पूरी होगी नियुक्ति और पोस्टिंग प्रक्रिया
बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को निर्देश दिया है कि चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति और पोस्टिंग की प्रक्रिया 19 मार्च 2026 तक पूरी कर ली जाए. इस भर्ती प्रक्रिया के तहत पहले कोर्ट में याचिका दायर करने वाले 1,501 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था. इनमें से 23 से 25 जनवरी के बीच 1354 उम्मीदवारों के डॉक्यूमेंट्स का वेरिफिकेशन किया गया.
डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद 1,113 उम्मीदवारों का हुआ सेलेक्शन
डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और एलिजिबिलिटी की जांच के बाद कट-ऑफ के आधार पर 1,113 अभ्यर्थियों को अंतिम रूप से चयनित किया गया. इन सभी को अलग-अलग जिलों में नियुक्ति के लिए भेजा गया है. सचिव ने यह भी कहा है कि सभी नियुक्तियां 11 जुलाई 2013 के शासनादेश के अनुसार पूरी की जाएंगी. अगर किसी स्तर पर कोई गड़बड़ी या गलती सामने आती है, तो इसकी सूचना तुरंत परिषद कार्यालय को दी जाएगी.
232 अभ्यर्थियों को फिर मिलेगा काउंसलिंग का मौका
काउंसलिंग में शामिल हुए कुछ उम्मीदवारों के डॉक्यूमेंट्स में गड़बड़ी या पर्याप्त प्रमाण नहीं मिले हैं. ऐसे 232 अभ्यर्थियों को 28 मार्च को दोबारा काउंसलिंग का मौका दिया जाएगा, ताकि वे अपने डॉक्यूमेंट सही कर सकें.
2017 से रुकी हुई थी भर्ती प्रक्रिया
यह भर्ती प्रक्रिया काफी समय से विवादों में फंसी हुई थी. 2017 में नई सरकार बनने के बाद इस भर्ती को रोक दिया गया था. इसके बाद उम्मीदवारों ने पहले हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट में मामला दायर किया. करीब 10 साल तक चली कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब भर्ती प्रक्रिया पूरी हो पाई है. इससे लंबे समय से इंतजार कर रहे सैकड़ों अभ्यर्थियों को राहत मिली है और उन्हें शिक्षक बनने का मौका मिला है.
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कुणाल झा एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन साल से ज्यादा का अनुभव है. वह नेशनल और इंटरनेशनल लेवल के कई अलग-अलग मुद्दों को कवर करते हैं. करियर, एजुकेशन, जॉब और स्पोर्ट्स जैसी फील्ड में…और पढ़ें
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First Published :
March 11, 2026, 11:19 IST











