यूपी में निषादों का कितना दबदबा? जो एक नेता को लेकर इतना हौंक रहे हैं अजय राय

Last Updated:August 27, 2026, 06:57 IST

ऐसा माना जाता है कि निषाद समाज करीब 160 विधानसभा सीटों पर असर रखता है और इसमें से 70 से 80 विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां निषाद समाज हार-जीत तय करते हैं. निषाद समाज गंगा-यमुना बेल्ट और पूर्वांचल के जिलों में भारी संख्या में रहता है.

राम निहाल निषाद के साथ अजय राय ने प्रेस कांफ्रेंस की.

लखनऊः उत्तर प्रदेश की सियासत में मछली भोज के विवाद की एंट्री के बाद अब निषादों को लेकर सियासत होने लगी है. जिसकी शुरुआत कांग्रेस पार्टी ने की है. बीते बुधवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने अयोध्या में प्रेस कांफ्रेंस कर अब राजनीति का केंद्र निषाद समाज को बना दिया है. जिस मछली भोज को लेकर यह सब हंगामा शुरू हुआ था, उस निषाद कार्यक्रम के आयोजक राम निहाल निषाद ने प्रेस कांफ्रेंस में बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. राम निषाद ने बताया कि वह पहले बीजेपी में ही थे. लेकिन चंदा चोरी का मामला सामने आने के बाद उन्होंने बीजेपी छोड़कर कांग्रेस पार्टी का दामन थाम लिया और अब बीजेपी को निषाद समाज उखाड़ फेंकेगा. अब इस दावे के बाद सवाल यह है कि क्या निषाद समाज का वर्चस्व इतना है कि वह बीजेपी को बड़ा झटका दे सकता है. लेकिन बीजेपी के लिए राहत की बात यह है कि निषाद समाज के बड़े नेता माने जाने वाले और सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद बीजेपी के साथ हैं.

निषाद समाज का यूपी में कितना राजनीतिक दबदबा
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में निषाद समाज में मल्लाह, केवट, बिंद और मझवार जैसी उपजातियां शामिल हैं. निषाद समाज का यूपी में निर्णायक राजनीतिक दबदबा है. अनुमान के मुताबिक यूपी में निषाद और इससे जुड़ी नदी किनारे की जातियों की कुल आबादी का करीब 5 से 18 प्रतिशत तक मानी जाती है. ऐसा माना जाता है कि निषाद समाज करीब 160 विधानसभा सीटों पर असर रखता है और इसमें से 70 से 80 विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां निषाद समाज हार-जीत तय करते हैं. निषाद समाज गंगा-यमुना बेल्ट और पूर्वांचल के जिलों में भारी संख्या में रहता है. गोरखपुर, वाराणसी, जौनपुर, प्रयागराज, भदोही, सीतापुर, अंबेडकरनगर, गाजीपुर, मऊ, सुल्तानपुर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, चंदौली, मिर्जापुर, सोनभ्द और आजमगढ़ जिलों में इस समाज का मजबूत प्रभाव है.

किन जिलों में कितने निषाद वोटर्स
बता दें कि निषाद समाज से साल 2022 के विधानसभा चुनाव में 8 विधायक चुने गए थे. इनमें से 6 भाजपा के और दो सपा के थे. इस समय भाजपा से राज्यसभा में समाज के दो और लोकसभा में पांच सांसद हैं. अगर एक अनुमानित आंकड़ों की बात करें तो गोरखपुर लोकसभा सीट पर चार लाख से अधिक निषाद मतदाता हैं. वहीं भदोही जिले में तीन लाख से अधिक निषाद और बिंद मतदाता हैं. जबकि संतकबीरनगर जिले में दो लाख से अधिक निषाद हैं. अंबेडकरनगर लोकसभा सीट पर करीब 1 लाख से अधिक निषाद मतदाता हैं. सुल्तानपुर में भी 1 लाख से अधिक निषाद मतदाता हैं. वहीं मिर्जापुर में ढाई लाख से अधिक निषाद मतदाता हैं. फतेहपुर में दो लाख से अधिक निषाद वोटर हैं. जौनपुर में 1 लाख से अधिक निषाद मतदाता हैं. प्रयागराज में डेढ़ लाख से अधिक निषाद मतदाता हैं. जबकि फतेहपुर सीकरी में दो लाख से अधिक निषाद मतदाता हैं. बता दें कि यह सब अनुमानित आंकड़े हैं.

प्रेस कांफ्रेंस में क्या बोले राम निहाल निषाद
बीते बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस कर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि मुख्यमंत्री और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने निषाद समाज का अपमान किया है. कांग्रेस ने अयोध्या में निषाद कार्यक्रम के आयोजक से प्रेस कॉन्फ्रेंस कराई. अयोध्या में निषाद समाज के कार्यक्रम के आयोजक राम निहाल निषाद ने कहा, ‘मैं बीजेपी में मछुआ प्रकोष्ठ का अध्यक्ष था. राम और निषाद का संबंध प्राचीन काल से है. भगवान राम ने महाराजा निषाद को अपना मित्र माना था. निषाद समाज ने नावें लगाकर कारसेवा की थी. चंदा चोरी से आहत होकर मैंने बीजेपी छोड़कर जून में कांग्रेस ज्वाइन की थी. मेरे निवेदन पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष निषाद समाज के कार्यक्रम में अयोध्या गए थे. बीजेपी ने निषाद समाज के सभी हक और अधिकार छीन लिए हैं. निषाद समाज 2029 में राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने का काम करेगा. संजय निषाद हमारे झूठे नेता हैं.

‘अजय राय पर गलत आरोप लगाए गए हैं’
संजय निषाद का बेटा कमल के निशान पर सांसद हुआ. संजय निषाद में निषादों को आरक्षण दिलाने का दम नहीं है. कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय पर झूठा आरोप लगाया गया है. बीजेपी अब निषाद समाज के मछली मारने और खाने का भी विरोध कर रही है. निषाद समाज के अधिकार छीनने के बाद अब उनके खान-पान पर भी पाबंदी लगाई जा रही है. अयोध्या की 14 कोसी परिक्रमा मार्ग की परिधि में भी उस कार्यक्रम का आयोजन नहीं हुआ था. राजू दास को माफी मांगनी चाहिए. निषाद समाज अयोध्या के सभी विधायकों की जमानत जब्त कराने का काम करेगा.

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Prashant RaiChief Sub Editor

Prashant Rai is a digital journalist with over 9 years of experience in Hindi journalism, specializing in politics, crime, hyper-local reporting, and viral news. He currently serves as Chief Sub Editor at News1…

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Lucknow,Uttar Pradesh

First Published :

August 27, 2026, 06:56 IST

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