राम मंदिर के दान का कैसे हुआ बंदरबांट? आरोपियों की व्हाट्सऐप चैट से खुलासा

Last Updated:July 03, 2026, 11:18 IST

Ram Mandir Donation Row: राम मंदिर ट्रस्ट की जमीन खरीद में गड़बड़ी की जांच अब तेज हो गई है. चढ़ावा चोरी मामले की जांच करते करते एसआईटी अब जमीन घोटाले तक पहुंच गई है. यहां तक कि आरोपियों के फोन से बड़ा खुलासा हुआ है. तीसरे नए विलेन के बारे में पता चला है. साथ ही यह भी खुलासा हुआ कि दान चोरी का बंटवारा कैसे हो रहा था.

राम मंदिर विवाद.Ayodhya Ram Mandir Daan Chori Case : अयोध्या के राम मंदिर के दान चोरी मामले में हर दिन नया एंगल सामने आ रहा है. स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की टीम हर दिन घंटों-घंटों जांच पड़ताल कर रही है. अब जांच में खुलासा हुआ है कि कैसे राम मंदिर के दान का बंदरबांट हुआ है. साथ ही यह भी पता चला है कि सबसे बड़ा खिलाड़ी कौन है. यहां तक कि नए विलेन की एंट्री भी हो गई है. सिर्फ गिनती गिनने वाले ही चोर नहीं बल्कि और कोई भी मंदिर के चढ़ावे में सेंध लगा रहा था. आइए जानते हैं सबकुछ.

आरोपियों की चैट से खुलासा
अविनाश शुक्ला, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, राम शंकर यादव उर्फ ​​टिन्नू यादव और सुभाष श्रीवास्तव पुलिस की गिरफ्त में हैं. लगातार जांच पड़ताल और पूछताछ चल रही है. अब गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन ने कई अहम राज उगले हैं. पता चला है कि आरोपियों के बीच में रकम बंटवारे को लेकर व्हाट्सऐप पर चैट हुई थी. यहां तक कि यह भी खुलासा हुआ है कि राम मंदिर में व्हीलचेयर चलाने वाले चालक भी कोई मासूम नहीं हैं. बल्कि उनके पास भी बड़ी संपत्ति है. इन लोगों के पास कार से लेकर जमीन है.

किसके पास क्या जिम्मेदारी?
सूत्रों के अनुसार, राम मंदिर के आरोपियों के मोबाइल चैट से पता चला कि राम मंदिर परिसर में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय डॉक्टर अनिल मिश्रा और गोपाल राव का ही प्रबंध था. मंदिर व्यवस्थाओं का चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राय संचालन करते हैं. साथ ही बैंक में पैसा डॉ. अनिल मिश्रा की देख रेख में जमा होता था. सबसे बड़ी जिम्मेदारी टिन्नू यादव के पास थी. उसके पास सोने और चांदी के ज्वैलरी को रखने की जिम्मेदारी थी.

व्हीलचेयर चालकों की होगी जांच
इसके अलावा, सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि राम मंदिर में व्हीलचेयर चलाने वाले चालकों के पास भारी संपत्ति है. व्हीलचेयर ड्राइवर के पास चार पहिया वाहन भी है. साथ ही इन लोगों ने जमीन भी खरीदी है. अब एसआईटी की जांच की सुई इन लोगों की ओर भी घुम गई है. व्हीलचेयर चलाने वाले चालकों की भी जांच होगी.

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काव्‍या मिश्रा

Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें

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