सुपर स्टार गोविंदा ने 2017 में की ऐसी गलती, स्कूल फंक्शन में नाचने को हुए मजबूर

Last Updated:May 19, 2026, 19:28 IST

Govinda Downfall Reason : सुपर स्टार गोविंदा 90 के दशक के सबके चहेते हीरो थे. गोविंदा की मुस्कान, डांसिंग स्टाइल, बोलने का अंदाज, अदाएं सबकुछ अनोखा था. उनकी इन्हीं स्टाइल पर दर्शक फिदा थे. 21 दिसंबर 1963 को मुंबई के विरार में जन्मे गोविंदा के पिता एक्टर-डायरेक्टर थे. गोविंदा ने 90 के दशक में करिश्मा कपूर के साथ एक से बढ़कर एक फिल्में दीं. रवीना टंडन के साथ उनकी जोड़ी भी खूब सराही गई. गोविंदा ने माधुरी दीक्षित से लेकर ऐश्वर्या राय के साथ काम किया लेकिन काजोल के साथ उनकी जोड़ी कभी नहीं बन पाई. गोविंदा की आखिरी सुपरहिट फिल्म 2007 में ‘पार्टनर’ आई थी. इसके बाद उनकी पर्दे पर वापसी नहीं हो सकी. सबके चहेते सुपर स्टार को एक गलती भारी पड़ी और करियर तबाह हो गया.

गोविंदा को एक्टिंग, बोलने का लहजा देखकर दिल के कोने से हमेशा आवाज आती है, यह सुपर स्टार यूपी-बिहार का है. यह बात कुछ हद तक सही भी है. गोविंदा के मामा आनंद सिंह यूपी में वाराणसी से ताल्लुक रखते थे. उन्होंने गोविंदा को फिल्मों में पहला ब्रेक दिबोो. ‘तन-बदन’ फिल्म भी बनाई. गोविंदा की पहली हिट फिल्म ‘इल्जाम’ थी. यह मूवी 1986 में रिलीज़ हुई . एक्शन-ड्रामा फिल्म में नीलम कोठारी, शशि कपूर और शत्रुघ्न सिन्हा ने मुख्य भूमिकाओं में थे. अपने शानदार डांस और दमदार एक्टिंग से इस फिल्म ने गोविंदा को रातों-रात स्टार बना दिया. 1990 आते-आते गोविंदा ने बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बना ली. वो सुपर स्टार बन गए. 2000 का दशक शुरू होते ही गोविंदा कहीं गुम से हो गए. उनकी आखिरी सुपरहिट फिल्म 2007 में ‘पार्टनर’ आई थी. आखिर क्यों तबाह हुआ गोविंदा का करियर आइये जानते हैं………

सबसे पहले गोविंदा के करियर पर नजर डाल लेते हैं. उन्होंने अपने तीन दशक के करियर में 145 से ज्यादा फिल्मों में काम किया. 132 फिल्मों में लीड अभिनेता रहे. गोविंदा ने अपना करियर 1986 के आसपास शुरू किया. शुरुआत उन्होंने एक्शन फिल्मों से की. धर्मेंद्र-जीतेंद्र और राजेश खन्ना की फिल्मों में सपोर्टिंग रोल किए. 1987 में उन्होंने ‘प्यार करके देखो’ में पहली बार कादर खान के साथ काम किया. फिल्म सेमी हिट रही. 1987 की फिल्म ‘मरते दम तक’ सुपरहिट रही. इस फिल्म में राज कुमार भी थे. गोविंदा को इस फिल्म से खूब पॉप्युलैरिटी मिली.

1987 में ही गोविंदा ‘खुदगर्ज’ में नजर आए. राकेश रोशन के निर्देशन-प्रोडक्शन में बनी यह फिल्म एक मल्टी स्टारर मूवी थे जिसमें जीतेंद्र-शत्रुघ्न सिन्हा भी थे. फिल्म में गोविंदा-नीलम की जोड़ी को खूब सराहना मिली. फिल्म का एक गाना ‘आपके आ जाने से’ खूब पॉप्युलर हुआ. फिल्म ब्लॉकबस्टर रही. इस गाने को मोहम्मद अजीज ने गाया था. 1987 में ही ‘सिंदूर’ फिल्म भी सक्सेस रही.

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1988 में गोविंदा की दस फिल्में रिलीज हुईं. ये फिल्में थीं : दरियादिल, घर में राम गली में श्याम, शिवा शक्ति, प्यार मुहब्बत, हत्या, घर-घर की कहानी, जीते हैं शान से. ‘जीते हैं शान से’ में गोविंदा ने पहली बार संजय दत्त के साथ काम किया था. ये सभी फिल्में हिट रहीं. 1989 में तो गोविंदा की 14 फिल्में रिलीज हुईं. ये फिल्में गोविंदा की बढ़ती पॉप्युलरिटी का गवाह थीं. ‘दोस्त गरीबों का’ मूवी में उनकी जोड़ी एक्ट्रेस नीलम कोठारी के साथ बनी. फिर ‘दादागिरी’ और ‘फर्ज की जंग’ जैसी फिल्में कीं. ‘गैर कानूनी’ में गोविंदा ने श्रीदेवी के साथ पहली बार काम किया.

1990 में राजेश खन्ना के साथ फैमिली ड्रामा फिल्म ‘स्वर्ग’ में गोविंदा ने कमाल की एक्टिंग की थी. गोविंदा असली स्टारडम 1990 में ही शुरू हुआ. ‘हम’ फिल्म में गोविंदा पहली बार अमिताभ बच्चन के साथ नजर आए. 1992 में ‘शोला और शबनम’ सुपरहिट रही. इस फिल्म में गोविंदा एक साथ दिव्या भारती पर्दे पर नजर आई थीं. 1993 में आखें, 1994 में राजा बाबू जैसे सुपरहिट फिल्मों से गोविंदा के सितारे सातवें आसमान पर पहुंच गए. फिर कुली नंबर वन, हीरो नंबर वन, साजन चले ससुराल, और दूल्हे राजा जैसी सुपरहिट फिल्मों से बॉक्स ऑफिस हिला दिया.

साल 1999 में गोविंदा को पहला झटका लगा. ‘हसीना मान जाएगी’ के बाद उनकी फिल्में फ्लॉप होने लगीं. 2000 का साल तो उनके लिए सबसे बुरा रहा. एक भी फिल्म उनकी बॉक्स ऑफिस पर नहीं चल पाई. इस साल गोविंदा की 6 फिल्में फ्लॉप/औसत रहीं. ये फिल्में थीं : हम तुम पे मरते हैं, जोरू का गुलाम, कुंआरा, शिकारी, जिस देश में गंगा रहता है और बेटी नंबर वन. 2001 में ‘जोड़ी नंबर वन’ हिट रही, बाकी फिल्में फ्लॉप रहीं. 2006 तक फ्लॉप फिल्मों का दौर चला. 2006 में ‘भागम भाग’ हिट रही लेकिन यह मल्टी स्टारर फिल्म थी. 2007 में गोविंदा की आखिरी सुपरहिट फिल्म ‘पार्टनर’ सलमान खान के साथ आई थी. डेविड धवन इसके डायरेक्टर थे.

साल 1999 में गोविंदा को पहला झटका लगा. ‘हसीना मान जाएगी’ के बाद उनकी फिल्में फ्लॉप होने लगीं. 2000 का साल तो उनके लिए सबसे बुरा रहा. एक भी फिल्म उनकी बॉक्स ऑफिस पर नहीं चल पाई. इस साल गोविंदा की 6 फिल्में फ्लॉप/औसत रहीं. ये फिल्में थीं : हम तुम पे मरते हैं, जोरू का गुलाम, कुंआरा, शिकारी, जिस देश में गंगा रहता है और बेटी नंबर वन. 2001 में ‘जोड़ी नंबर वन’ हिट रही, बाकी फिल्में फ्लॉप रहीं. 2006 तक फ्लॉप फिल्मों का दौर चला. 2006 में ‘भागम भाग’ हिट रही लेकिन यह मल्टी स्टारर फिल्म थी. 2007 में गोविंदा की आखिरी सुपरहिट फिल्म ‘पार्टनर’ सलमान खान के साथ आई थी. डेविड धवन इसके डायरेक्टर थे. 2004 में गोविंदा राजनीति में गए. कांग्रेस के टिकट पर महाराष्ट्र की मुंबई उत्तर सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा था. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कद्दावर नेता राम नाईक को हराया था। वे 2004 से 2009 तक संसद सदस्य रहे थे. बीच में राजनीति से मोहभंग हो गया और फिर से फिल्मों में आए.

गोविंदा 2007 के बाद 8 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके हैं. ये फिल्में थीं : मनी तो है हनी है (2008), चल चला चल (2009), लाइफ पार्टनर (2009), डू नॉट डिस्टर्ब (2009), रावन (2010), नॉटी@40 (2011), लूट (2011), दीवाना मैं दीवाना (2013), किल दिल (2014), हैप्पी एंडिंग (2014), आ गया हीरो (2017), फ्राइडे (2018) और रंगीला राजा (2019). 2019 में गोविंदा की आखिरी फिल्म आई थी.

गोविंदा के करियर का टर्निंग प्वॉइंट साल 2007 रहा. इस साल सलमान खान के साथ उन्होंने सपोर्टिंग रोल में भी शानदार काम किया था. हर कोई सलमान खान से ज्यादा उनकी तारीफ कर रहा था. इसके बाद गोविंदा के समय के हीरो अनिल कपूर-जैकी श्रॉफ जहां दमदार सपोर्टिंग रोल करने लगे, वहीं गोविंदा लीड रोल पर ही अटके रहे. एक के बाद फिल्में रिजेक्ट करते रहे. 2000 के दशक में सिनेमा बदल चुका था, दर्शकों का मिजाज बदल चुका था, पसंद बदल चुकी थी लेकिन गोविंदा समय को नहीं पहचान पाए. वो अपनी पुरानी लटके-झटके वाली छवि से बाहर नहीं निकल पाए. गोविंदा के जैसा ही बुरा दौर सलमान खान ने भी देखा लेकिन ‘वॉन्टेड’ से जबर्दस्त वापसी की. फिर ब्लॉकबस्टर फिल्मों की झड़ी लगा दी.

गोविंदा के पास पिछले 7 साल से कोई फिल्म नहीं है. इंडस्ट्री का कोई बड़ा डायरेक्टर-प्रोड्यूसर भी उनके साथ नहीं है. आखिरी तीन फिल्मों ‘रंगीला राजा’, ‘फ्रायडे’ में मेन हीरो गोविंदा ही थे. ‘आ गया हीरो’ को गोविंदा ने ही प्रोड्यूस किया था. 8.5 करोड़ के बजट में बनी यह फिल्म सिर्फ 1.39 करोड़ रुपये ही कमा सकी. जिस गोविंदा को देखने के लिए यूपी-बिहार के थिएटर्स में भीड़ लगती थी, वही फैंन उनसे दूर हो गए. गोविंदा भारी कर्ज तले दब गए. छोटे-मोटे शो करने लगे. और तो और स्कूलों के फंक्शन में भी गोविंदा नाचते नजर आए. किसी सुपर स्टार का ऐसा डाउनफॉल हाल के वर्षों में देखने को नहीं मिला. गोविंदा के फैंस उन्हें फंक्शन में नाचते देखकर बेहद दुखी हैं. गोविंदा की बड़े पर्दे पर हीरो के तौर पर वापसी नामुमकिन है. इस दौरान गोविंदा फैमिली विवाद से भी गुजर रहे हैं. उनकी वाइफ सुनीता अहूजा उन पर काम ना करने का आरोप लगाती हैं. सुनीता की यह बात कुछ हद तक सही है. गोविंदा चरित्र अभिनेता नहीं बनना चाहते. यही उनके फेल्योर की असल वजह है.

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