Last Updated:July 05, 2026, 20:51 IST
Delhi Dehradun Expressway Ground Report: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे बनने के बाद कनेक्टिविटी भले ही शानदार हो गई है, लेकिन इसकी क्वालिटी पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं. करीब 12,000 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ढाई महीने पहले ही उद्घाटन किया था. मगर इतने कम समय में ही सहारनपुर के हिस्से में बड़े-बड़े गड्ढे, सड़कों पर दरारें और ओवरब्रिज के टूटे वेल्ड्स साफ नजर आने लगे हैं, जो किसी बड़े हादसे को दावत दे रहे हैं. शामली में भी बारिश के चलते गड्ढों से कई गाड़ियां डैमेज हो चुकी हैं, जिससे अब NHAI की लापरवाही को लेकर लोगों में नाराजगी है.
Delhi Dehradun Expressway: दिल्ली से देहरादून का सफर आसान करने के लिए बनाया गया दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे इन दिनों अपनी क्वालिटी को लेकर चर्चा में है. सोशल मीडिया पर इसके टूटने और धंसने की खबरें और वीडियो लगातार वायरल हो रहे हैं. ऐसे में ग्राउंड पर इसकी असली हकीकत जानने के लिए लोकल-18 की टीम ने सहारनपुर के कई हिस्से का जायजा लिया, तो वहां के हालात काफी चिंताजनक दिखाई दिए. आपको बता दें कि 210 किलोमीटर लंबे इस पूरे एक्सप्रेसवे का करीब 73 किलोमीटर का हिस्सा सहारनपुर जिले से होकर गुजरता है. यहां बिंदल नदी और जंगल के बीच 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रास्ता बनाया गया है, यानी इस पूरे प्रोजेक्ट का एक बहुत बड़ा और महंगा हिस्सा इसी इलाके में बना है.
गौरतलब है कि करीब ढाई महीने पहले, यानी 14 अप्रैल 2026 को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सहारनपुर आकर इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था, जिसके बाद से ही इस पर गाड़ियां 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही हैं. लेकिन महज कुछ महीनों के भीतर ही इसकी क्वालिटी की पोल खुलने लगी है. जो वाकई में कई बड़े गंभीर सवाल खड़े कर रही है, कि जिस एक्सप्रेसवे को लेकर उद्घाटन से पहले कई बड़े-बड़े दावे किए जा रहे थे. असल में उसकी हकीकत कुछ और ही दिखाई दे रही है.
गागलहेड़ी से गणेशपुर तक खस्ताहाल, हादसों को दावत
हालात देखने के लिए मौके पर पहुंची लोकल 18 की टीम ने जब गागलहेड़ी से लेकर गणेशपुर तक के रास्ते को देखा, तो वहां कई ऐसी चीजें सामने आईं जो कभी भी किसी बड़े एक्सीडेंट की वजह बन सकती हैं. एक्सप्रेसवे पर कई जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं. सड़कों पर आई चौड़ी दरारों को छिपाने और जोड़ने के लिए उनमें लोहे की पिन लगाई जा रही हैं. सबसे ज्यादा डराने वाली बात यह है कि ओवरब्रिज में लगे गाटरों (लोहे के बड़े पिलर्स) के वेल्डिंग तक टूट चुके हैं और उसी के ऊपर से गाड़ियां पूरी रफ्तार में गुजर रही हैं. हालांकि, कुछ जगहों पर मेंटेनेंस का काम चलता हुआ जरूर मिला, लेकिन सवाल वही है कि इतने बड़े प्रोजेक्ट की ऐसी हालत इतनी जल्दी कैसे हो गई? जिसकी जांच होना बेहद जरूरी है.
कनेक्टिविटी हुई बढ़िया, पर घटिया काम ने बढ़ाई टेंशन
इस एक्सप्रेसवे को बनाने में 12,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का भारी-भरकम खर्च आया है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह हुआ है कि दिल्ली से देहरादून का जो सफर पहले 5 से 6 घंटे में तय होता था, वह अब घटकर सिर्फ ढाई घंटे का रह गया है. इससे लोगों का समय बच रहा है और कनेक्टिविटी वाकई कमाल की हुई है. लेकिन इस सुविधा के बीच सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं. हाल ही में सहारनपुर मंडल के शामली इलाके में बारिश की वजह से इस एक्सप्रेसवे पर इतने बड़े गड्ढे हो गए थे कि वहां से गुजरने वाली कई गाड़ियां बुरी तरह डैमेज हो गईं. हालांकि शुक्र था कि कोई बड़ी जान-माल की हानि नहीं हुई और लोग बाल-बाल बच गए.
अब बड़ा सवाल यह है कि पीएम के उद्घाटन के महज कुछ महीने बाद ही करोड़ों की सड़क को पैचवर्क और रिपेयरिंग की जरूरत क्यों पड़ने लगी? एक तरफ तो प्रशासन ओवरस्पीडिंग पर लगाम लगाने की बात करता है, वहीं दूसरी तरफ नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की यह लापरवाही खुद राहगीरों की जान जोखिम में डाल रही है.
About the Author
सीमा नाथ 6 साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शाह टाइम्स में रिपोर्टिंग के साथ की जिसके बाद कुछ समय उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम …और पढ़ें
News18 न्यूजलेटर
अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज
खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में
Location :
Saharanpur,Uttar Pradesh










